HomeGovernment SchemesBharatNet Project क्या है: कैसे देश के हर कोने तक पहुंचेगा नेट?

BharatNet Project क्या है: कैसे देश के हर कोने तक पहुंचेगा नेट?

गांव में इंटरनेट की स्पीड शहरों जैसी क्यों नहीं मिलती? इसी सवाल का जवाब देने के लिए सरकार ने BharatNet Project शुरू किया है। असल में, ये Project देश के हर गांव तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। यहां हम BharatNet Project को शुरू से अंत तक समझेंगे, ताकि आपको इसके मकसद, प्रगति और फायदों की पूरी जानकारी मिल सके।

BharatNet Project क्या है?

ये Project केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया पहल है, जिसका मकसद देश की सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ना है। इसे दूरसंचार विभाग के तहत भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड यानी BBNL लागू कर रहा है, जो केंद्र सरकार की ही एक कंपनी है। शुरुआत में इस योजना का नाम नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क था, जिसे बाद में BharatNet Project के नाम से जाना जाने लगा।

BharatNet Project कैसे काम करता है?

ये Project के तहत ब्लॉक स्तर तक पहले से बिछे ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को आगे गांव-गांव तक जोड़ा जाता है। इसके लिए सरकारी और निजी दोनों तरह की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं, ताकि फाइबर बिछाने का काम तेज गति से पूरा हो सके। जहां जमीन के रास्ते फाइबर बिछाना मुश्किल होता है, वहां सैटेलाइट कनेक्टिविटी और वायरलेस तकनीक का भी सहारा लिया जाता है।

BharatNet Project के फायदे

सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये Project से गांवों में भी हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचता है, जिससे डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन क्लासेस आसान हो जाती हैं। टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार भी इसी नेटवर्क की वजह से संभव हो पाता है, जिससे दूरदराज के मरीजों को बड़े शहरों के डॉक्टरों से सीधे जुड़ने में मदद मिलती है।

इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए सरकारी योजनाओं के आवेदन, बैंकिंग सुविधाएं और डिजिटल भुगतान भी गांव में ही उपलब्ध हो जाते हैं। छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए भी BharatNet Project काफी उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि इससे ऑनलाइन बाजार तक उनकी पहुंच बढ़ती है।

BharatNet Project की अब तक की प्रगति

देश की करीब ढाई लाख ग्राम पंचायतों को इस योजना के तहत जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा पहले ही कनेक्ट हो चुका है। पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में काम की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है, क्योंकि वहां फाइबर बिछाने में भौगोलिक चुनौतियां ज्यादा आती हैं। सरकार ने इस योजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि निजी कंपनियों की तकनीकी क्षमता का भी फायदा मिल सके।

BharatNet Project
BharatNet Project

BharatNet Project और डिजिटल इंडिया का संबंध

BharatNet Project को डिजिटल इंडिया मिशन की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि बिना मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी के बाकी डिजिटल सेवाएं गांव तक नहीं पहुंच सकतीं। ई गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन शिक्षा जैसी तमाम योजनाएं इसी नेटवर्क की बुनियाद पर टिकी हुई हैं। यही वजह है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को समय-समय पर नई तकनीक और अतिरिक्त फंडिंग के जरिए मजबूत करती रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. BharatNet Project किसने शुरू किया था?
इसे केंद्र सरकार ने दूरसंचार विभाग के जरिए शुरू किया था, जिसे भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड लागू कर रहा है।

2. BharatNet Project का मुख्य मकसद क्या है?
इसका मुख्य मकसद देश की सभी ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड से जोड़ना है।

3. क्या BharatNet Project से आम नागरिक सीधे जुड़ सकते हैं?
हां, गांव में कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए आम नागरिक इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

4. BharatNet Project में किन इलाकों को पहले जोड़ा जा रहा है?
प्राथमिकता उन ग्राम पंचायतों को दी जा रही है जहां अभी तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बिल्कुल नहीं है।

5. BharatNet Project से जुड़ी ताजा जानकारी कहां मिल सकती है?
इस बारे में विस्तृत और अपडेटेड जानकारी के लिए दूरसंचार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना सबसे सही तरीका है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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