Cheque Truncation System की वजह से अब चेक क्लियर होने में दिन नहीं, बल्कि सिर्फ कुछ घंटे लगते हैं। जनवरी 2026 से यह सिस्टम पहले से भी ज्यादा तेज़ हो चुका है, और अब यह करीब 7 महीने से पूरी तरह लाइव है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि Cheque Truncation System क्या है, अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026 में क्या बदलाव आए, और अब चेक कितनी जल्दी क्लियर होता है।
Cheque Truncation System क्या है?
यह एक इमेज-बेस्ड क्लियरिंग सिस्टम है, जिसमें असली चेक बैंकों के बीच फिजिकली नहीं भेजा जाता। इसके बजाय, चेक की स्कैन की गई इमेज और उससे जुड़ा डेटा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजा जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज़ और सुरक्षित हो जाती है।
Cheque Truncation System में अक्टूबर 2025 से क्या बड़ा बदलाव हुआ?
RBI के 13 अगस्त 2025 के सर्कुलर के तहत Cheque Truncation System को बैच प्रोसेसिंग से हटाकर कंटीन्यूअस क्लियरिंग में बदला गया। 4 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए पहले फेज में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चेक लगातार क्लियरिंग हाउस भेजे जाने लगे, और शाम 7 बजे तक पैसा क्रेडिट होने लगा।
जनवरी 2026 से Cheque Truncation System और तेज़ — 3 घंटे में क्लियरिंग
3 जनवरी 2026 से Cheque Truncation System का दूसरा फेज शुरू हुआ, जिसमें बैंकों को चेक जमा होने के सिर्फ 3 घंटे के अंदर कन्फर्म या रिजेक्ट करना होता है। उदाहरण के तौर पर, सुबह 11 बजे जमा हुआ ₹50 लाख का चेक अब दोपहर 2 बजे तक क्लियर हो सकता है — यानी वही दिन, वही काम।
लॉन्च के शुरुआती दिनों में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थीं, लेकिन NPCI के मुताबिक अब सिस्टम पूरी तरह स्थिर हो चुका है।
फ्रॉड रोकने के लिए Positive Pay System
₹50,000 या उससे ज्यादा के चेक पर Positive Pay System अनिवार्य है, जिसमें चेक जारी करने वाले को रकम और तारीख जैसी जानकारी बैंक को पहले से देनी होती है। क्लियरिंग के वक्त बैंक इन डिटेल्स को मिलाकर चेक की असलियत जांचता है, इससे Cheque Bounce Rules से जुड़े फ्रॉड के मामले भी काफी कम हुए हैं।
किन बातों का ध्यान रखें?
सुबह जमा किए गए चेक उसी दिन की क्लियरिंग में शामिल होते हैं, जबकि देर शाम ड्रॉप-बॉक्स में डाले गए चेक अगले कारोबारी दिन में जाते हैं। पुरानी नॉन-CTS चेक बुक अब काम नहीं करती, इससे रिजेक्शन या देरी हो सकती है, इसलिए नई CTS-2010 स्टैंडर्ड चेक बुक ही इस्तेमाल करें। बहुत जरूरी और बड़ी रकम के लिए RTGS या NEFT अभी भी सबसे तेज़ चेक से भी आगे रहते हैं — साथ ही UPI Fraud 2026 जैसी सावधानियां भी हमेशा साथ रखें।
ज्यादा आधिकारिक जानकारी के लिए RBI की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Cheque Truncation System क्या है?
यह इमेज-बेस्ड क्लियरिंग सिस्टम है, जिसमें असली चेक की जगह उसकी स्कैन इमेज और डेटा भेजा जाता है।
2. अब चेक कितनी जल्दी क्लियर होता है?
जनवरी 2026 से बैंकों को 3 घंटे के अंदर चेक कन्फर्म या रिजेक्ट करना होता है।
3. Positive Pay System क्या है?
₹50,000 से ज्यादा के चेक पर जरूरी सुरक्षा कदम, जिसमें रकम और तारीख पहले से बैंक को बताई जाती है।
4. क्या पुरानी चेक बुक अब भी चलेगी?
नहीं, नॉन-CTS चेक बुक अब रिजेक्ट हो सकती है, नई CTS-2010 चेक बुक इस्तेमाल करें।
5. क्या यह UPI जितना तेज़ है?
लगभग हां, लेकिन बहुत जरूरी बड़ी रकम के लिए RTGS या NEFT अब भी ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं।

