2002 Gujarat Riots: SC ने Teesta Setalvad को दी अंतरिम जमानत, जानें क्या थी भूमिका?

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2002 Gujarat Riots: तीस्ता सीतलवाड़ की 2002 गुजरात दंगे में क्या थी भूमिका?

2002 Gujarat Riots: तीस्ता सीतलवाड़ जिन्हें 2002 में हुए गुजरात दंगों के संदिग्ध के तौर पर गुजरात एटीएस ने जून में गिरफ्तार किया गया था, आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई है। सीजेआई यू.यू. ललित द्वारा तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत इसलिए दी गई है क्योंकि वह एक महिला हैं जो 25 जून से हिरासत में हैं। मगर सवाल ये है कि तीस्ता सीतलवाड़ कौन हैं और 2002 गुजरात दंगे (2002 Gujarat Riots) में तीस्ता सीतलवाड़ की क्या भूमिका थी।

तीस्ता सीतलवाड़ कौन है?

2002 Gujarat Riots तीस्ता सीतलवाड़
Source: Social Media

दरअसल तीस्ता सीतलवाड़ पेशे से एक पत्रकार हैं और साथ ही एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। तीस्ता सीतलवाड़ एक एनजीओ की सचिव हैं जिसका नाम है CJP यानी की Citizen for Justice and Peace. CJP 2002 में हुए गुजरात दंगें के दौरान गठित की गई थी जिसका अहम मकसद था 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगें के पीड़ितों को न्याय दिलाना।

जिस समय गुरजात दंगे (2002 Gujarat Riots) के खिलाफ कोर्ट में कुछ याचिकाएं दायर की जा रही थी उन्हीं याचिकाकर्ताओं में CJP भी शामिल था। इस याचिका में नरेंद्र मोदी और 62 अन्य लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की अपील की गई थी। लेकिन सवाल ये खड़ा होता है कि जो एनजीओ मासूमों पर हुए अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ उठा रही थी भला उसी की सचिव कैसे सलाखों के पीछे चली गई।

तीस्ता सीतलवाड़ पर क्या है आरोप?

Gujarat Riots 2002
Source: Social Media

दरअसल जब 2002 गुजरात दंगे के आरोप नरेंद्र मोदी और अन्य कुछ लोगों पर लगाए जा रहे थे, उसी समय से बीजेपी द्वारा इस एनजीओ पर आरोप लगाया जा रहा था कि इस एनजीओ का गठन ही नरेंद्र मोदी और बीजेपी को बदनाम करने के लिए किया गया है और CJP का गठन कांग्रेस द्वारा कराया गया है ताकी नरेंद्र मोदी की छवी खराब की जा सके।

2002 Gujarat Riots पर सुप्रीम कोर्ट का क्या है फैसला?

अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2002 गुजराज दंगे (2002 Gujarat Riots) में 24 जून 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई क्लीन चिट बरकरार रखते हुए कांग्रेस नेता अहसान जाफरी की पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया गया था। अहसान जाफरी कांग्रेस के वो नेता थे जो गुजरात दंगे में मारे गए थे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के अगले दिन ही यानी की 25 जून को गुजरात एटीएस द्वारा तीस्ता सीतलवाड़ को उनके मुंबई स्थित घर से गिरफतार कर लिया गया था और आज जाकर तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दी गई है।

तीस्ता सीतलवाड़ को किन शर्तों के साथ दी गई जमानत?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत देते हुए कहा गया कि तीस्ता सीतलवाड़ को उनकी अंतरिम जमानत की शर्तें पूरी करने हेतू संबंधित ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होना होगा, जहां उन्हें ये सुनिश्चित करना होगा कि मामले की लंबित कार्यवाही में वो अपनी भागीदारी देगीं, अपने पासपोर्ट का आत्मसमर्पण करेगी और लंबित जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

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