HomeNational Headlinesबेंगलुरु में बन रही स्वदेशी बुलेट ट्रेन का डिजाइन तैयार, मई 2027...

बेंगलुरु में बन रही स्वदेशी बुलेट ट्रेन का डिजाइन तैयार, मई 2027 तक ट्रैक पर उतरने की उम्मीद

भारत में हाई-स्पीड रेल परिवहन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। देश की स्वदेशी बुलेट ट्रेन का डिजाइन तैयार हो चुका है और इसके मई 2027 तक ट्रैक पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है। इस अत्याधुनिक ट्रेन का निर्माण बेंगलुरु में किया जा रहा है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के आदित्य विनिर्माण संयंत्र का दौरा कर ट्रेन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ट्रेन का डिजाइन तैयार हो चुका है और अब इसके निर्माण एवं परीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

B-28 बुलेट ट्रेन का डिजाइन हुआ पूरास्वदेशी

आधुनिक तकनीक से तैयार हो रही ट्रेन

भारत की स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन को B-28 नाम दिया गया है। इसे अत्याधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। ट्रेन के निर्माण में भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

ट्रेन के कोच की मजबूती जांचने के लिए स्क्वीज टेस्ट भी किया गया है। इस परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेज रफ्तार के दौरान कोच की संरचना सुरक्षित और मजबूत बनी रहे। अब इसमें सीटों, फर्नीचर और यात्रियों की जरूरत से जुड़ी अन्य सुविधाएं स्थापित करने का काम किया जाएगा।

मई 2027 तक ट्रैक पर उतरने की तैयारी

पहले बेंगलुरु में होगा परीक्षण

इस परियोजना का अगला महत्वपूर्ण चरण ट्रेन का ट्रैक परीक्षण है। शुरुआती परीक्षण के लिए बेंगलुरु स्थित BEML परिसर में विशेष व्यवस्था की गई है। यहां ट्रेन के प्रदर्शन, तकनीकी क्षमता और संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।

इसके बाद ट्रेन को गुजरात के सूरत स्थित डिपो में ले जाकर आगे के परीक्षण किए जाने की योजना है। इन परीक्षणों में ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, स्थिरता और सुरक्षा व्यवस्था को परखा जाएगा।

रेलवे की योजना के अनुसार, अप्रैल या मई 2027 तक ट्रेन को परीक्षण के लिए ट्रैक पर उतारा जा सकता है। हालांकि, नियमित यात्री सेवा शुरू होने से पहले सभी जरूरी सुरक्षा परीक्षण और मंजूरियां प्राप्त करना आवश्यक होगा।

250 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी परिचालन गति

557 यात्रियों के सफर की क्षमता

B-28 बुलेट ट्रेन को लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए विकसित किया जा रहा है। इसकी डिजाइन और परीक्षण गति लगभग 280 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई है।

इस ट्रेन में आठ कोच होंगे और एक ट्रेनसेट में करीब 557 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। यात्रियों के आराम के लिए आधुनिक सीटें, बड़ी खिड़कियां, एलईडी लाइटिंग, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और सामान रखने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर अनुकूल स्थान, विशेष शौचालय और ब्रेल संकेत जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।

मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर दौड़ने की योजना

देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर विकसित की जा रही है। यह कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण में आधुनिक रेल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

परियोजना के तहत गुजरात और महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है। रेलवे की योजना के अनुसार, शुरुआती चरण में गुजरात के सूरत और वापी के बीच लगभग 97 किलोमीटर के हिस्से पर सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस परियोजना में समुद्र के नीचे बनने वाली रेल सुरंग भी शामिल है, जो भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि होगी।

मेक इन इंडिया को मिलेगी नई मजबूती

देश में विकसित होगी हाई-स्पीड ट्रेन निर्माण क्षमता

बेंगलुरु में स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निर्माण भारत के औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे देश में हाई-स्पीड ट्रेन बनाने की क्षमता विकसित होगी और भविष्य में दूसरे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए भी स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करने का रास्ता खुलेगा।

इस परियोजना से भारतीय इंजीनियरिंग, विनिर्माण और रेलवे क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे देश में रोजगार और तकनीकी कौशल के विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।

आगे और समाचार पढ़े:

सुरक्षा परीक्षण के बाद शुरू होगी अगली प्रक्रिया

बुलेट ट्रेन को ट्रैक पर उतारना निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण सुरक्षा और तकनीकी परीक्षणों का होगा। तेज गति पर ट्रेन की स्थिरता, ब्रेकिंग क्षमता, बिजली आपूर्ति और यात्रियों की सुरक्षा की गहन जांच की जाएगी।

यदि सभी परीक्षण निर्धारित समय पर सफल रहते हैं, तो भारत हाई-स्पीड रेल परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर सकेगा। बेंगलुरु में बन रही स्वदेशी B-28 बुलेट ट्रेन आने वाले वर्षों में भारत की आधुनिक रेल तकनीक और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन सकती है।

WhatsApp Group
Join Now
PandeyAbhishek
PandeyAbhishek
Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular