स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया। आज शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम धमकी मिली। धमकी भरे ईमेल में 15 अगस्त का जिक्र करते हुए कथित तौर पर लिखा गया- “लाल किला निशाना होगा।” ईमेल में हमलावरों के खाकी कपड़े पहने होने का भी उल्लेख किया गया था। धमकी मिलते ही दिल्ली हाईकोर्ट प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया। परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। बाद में जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और अधिकारियों ने धमकी को फर्जी यानी होक्स घोषित कर दिया।
धमकी ऐसे समय मिली है जब 15 अगस्त को लेकर दिल्ली में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर राजधानी के महत्वपूर्ण स्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
सुबह करीब 11:43 बजे आया धमकी भरा ईमेल
जानकारी के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट को शुक्रवार सुबह करीब 11:43 बजे एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में 15 अगस्त के आसपास संभावित हमले की चेतावनी दी गई थी। संदेश में कथित तौर पर पंजाबी भाषा में लिखा था, “लाल किला निशाना होगा।” इसके अलावा ईमेल में ऐसे लोगों का उल्लेख था जो कथित तौर पर खाकी कपड़ों में हमला करने वाले थे।
ईमेल मिलने के बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने दिल्ली पुलिस के साथ संपर्क स्थापित किया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के तहत कार्रवाई शुरू की।धमकी की प्रकृति को देखते हुए इसे नजरअंदाज नहीं किया गया और पूरे परिसर की गहन जांच शुरू कर दी गई।
हाईकोर्ट परिसर में व्यापक तलाशी
सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली हाईकोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। इस दौरान बम डिस्पोजल स्क्वॉड, स्निफर डॉग टीम और दमकल कर्मियों को भी तैनात किया गया। सुरक्षा बलों ने संभावित विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की तलाश में परिसर को बारीकी से खंगाला।
जांच के दौरान किसी भी स्थान से विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बाद अधिकारियों ने धमकी को फर्जी घोषित कर दिया।
लाल किले का जिक्र क्यों अहम?
इस मामले में सबसे ज्यादा चिंता ईमेल में लाल किले का जिक्र होने से पैदा हुई। दिल्ली का लाल किला 15 अगस्त के राष्ट्रीय समारोह का प्रमुख केंद्र है। प्रधानमंत्री यहां से राष्ट्र को संबोधित करते हैं और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तथा आमंत्रित अतिथि मौजूद रहते हैं।
इसी कारण स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर मजबूत की जाती है। धमकी भरे ईमेल में लाल किले को निशाना बनाए जाने की बात ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी।
खाकी कपड़ों वाले हमलावरों का जिक्र
धमकी भरे संदेश में कथित हमलावरों के खाकी कपड़े पहनने का उल्लेख भी किया गया। इस दावे ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया, हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान क्या है या उसके दावे का कोई वास्तविक आधार है।
जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में ईमेल के स्रोत, भेजने वाले के डिजिटल विवरण और संदेश की विश्वसनीयता की जांच करती हैं। फिलहाल अधिकारियों ने धमकी को होक्स घोषित कर दिया है, लेकिन ईमेल भेजने वाले का पता लगाने की जांच अलग से महत्वपूर्ण हो सकती है।
दिल्ली में पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
राजधानी दिल्ली में महत्वपूर्ण स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी पहले भी मिलती रही है। फरवरी 2026 में लाल किले और दिल्ली सचिवालय को भी ईमेल के जरिए बम धमकी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया था।
जुलाई 2026 में भी दिल्ली के लाल किले को लेकर एक धमकी कॉल सामने आई थी। जांच के बाद वह भी फर्जी साबित हुई थी।
इस तरह की फर्जी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा करती हैं, क्योंकि हर अलर्ट की जांच करना जरूरी होता है। एक फर्जी संदेश भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और विशेषज्ञ टीमों को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर सकता है।
2025 के लाल किला विस्फोट की पृष्ठभूमि
इस ताजा धमकी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नवंबर 2025 में लाल किले के पास एक कार विस्फोट ने राजधानी को हिला दिया था। उस घटना के बाद लाल किला क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती रही है।
इसके अलावा हाल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निगरानी टीम की रिपोर्ट ने 2025 के लाल किला हमले को AQIS से जोड़ा है। इससे राजधानी के इस संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गंभीर हुई हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी सुरक्षा
15 अगस्त को लेकर दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पहले से हाई अलर्ट पर हैं। राजधानी में प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो परिसरों, हवाई अड्डे और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है।
लाल किले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से कड़ी रहती है। वाहनों की जांच, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर, ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।ऐसे माहौल में हाईकोर्ट को मिली धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए मजबूर किया।
आगे और समाचार पढ़े:
- झारखंड छात्र आंदोलन में पहुंचे अलख पांडेय, बोले- ‘छात्रों को पीटना कोई समाधान नहीं’, सरकार प्रदर्शन स्थल पर आकर सुने मांगें
- Business PAN और Personal PAN में क्या अंतर है? आसान भाषा में समझें सबकुछ
- भारत में Recycling Business कैसे शुरू करें? लागत, लाइसेंस और मुनाफे की पूरी जानकारी
जांच के बाद राहत, लेकिन सतर्कता जारी
तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिलने और धमकी को होक्स घोषित किए जाने के बाद तत्काल खतरे की आशंका कम हुई है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के स्रोत और इसके पीछे संभावित मकसद की जांच कर सकती हैं।
ऐसी धमकियों का उद्देश्य कई बार केवल डर पैदा करना या सुरक्षा व्यवस्था को बाधित करना भी हो सकता है। इसलिए जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संदेश किसने भेजा और क्या उसके पीछे कोई संगठित प्रयास था।
निष्कर्ष
स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को मिली बम धमकी ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। शुक्रवार सुबह करीब 11:43 बजे आए ईमेल में 15 अगस्त का उल्लेख करते हुए कथित तौर पर “लाल किला निशाना होगा” जैसी चेतावनी दी गई थी। संदेश में खाकी कपड़े पहने हमलावरों का भी जिक्र था।
धमकी के बाद हाईकोर्ट परिसर में व्यापक तलाशी ली गई और बम डिस्पोजल स्क्वॉड, स्निफर डॉग टीम तथा दमकल कर्मियों को तैनात किया गया। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला और अधिकारियों ने इसे होक्स घोषित कर दिया।
फिर भी, राष्ट्रीय पर्व से पहले इस तरह की धमकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी है। दिल्ली में पहले से बढ़ी हुई सुरक्षा के बीच अब एजेंसियों की नजर न केवल लाल किले बल्कि राजधानी के सभी संवेदनशील स्थानों पर बनी रहेगी।

