भारतीय महिला क्रिकेट टीम को नया कप्तान मिल गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। मंधाना अब टीम इंडिया की तीनों फॉर्मेट—टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल—में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी। यह फैसला हरमनप्रीत कौर के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने के एक दिन बाद आया है। BCCI ने 6 अक्टूबर 2026 को मंधाना की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की।
हरमनप्रीत कौर के बाद मंधाना को मिली बड़ी जिम्मेदारी
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला टीम की कप्तानी से हटने का फैसला लिया है। वह हालांकि खिलाड़ी के तौर पर भारतीय टीम के साथ जुड़ी रहेंगी। BCCI ने उनके नेतृत्व और भारतीय महिला क्रिकेट में योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया है। हरमनप्रीत ने भारत को 2025 में पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब दिलाया था। उनके नेतृत्व में भारत ने एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीते और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना का नाम सबसे स्वाभाविक विकल्प के तौर पर सामने आया। वह लंबे समय से भारतीय टीम की अहम सदस्य और उपकप्तान रही हैं। अब BCCI ने उन्हें पूर्णकालिक कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप दी है।
स्मृति मंधाना तीनों फॉर्मेट की संभालेंगी कमान -कप्तानी का पहले से अनुभव
स्मृति मंधाना भारतीय टीम के लिए 2013 से खेल रही हैं। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में लंबा अनुभव हासिल किया है। BCCI के अनुसार, मंधाना इससे पहले भारत की 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय और चार वनडे मैचों में कप्तानी कर चुकी हैं। ऐसे में राष्ट्रीय टीम की नियमित कप्तानी उनके लिए पूरी तरह नया अनुभव नहीं होगी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा मंधाना के पास घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी नेतृत्व का अनुभव है। उन्होंने महिला प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की कप्तानी की और टीम को 2024 तथा 2026 में खिताब दिलाया। BCCI ने उनकी नेतृत्व क्षमता को मंधाना की नियुक्ति के प्रमुख पहलुओं में शामिल किया है।
स्मृति मंधाना ने कहा- भारत की कप्तानी करना खास सम्मान
कप्तान बनाए जाने के बाद स्मृति मंधाना ने इसे अपने लिए बेहद खास जिम्मेदारी बताया। उन्होंने BCCI, चयनकर्ताओं, टीम की साथी खिलाड़ियों और अपने समर्थकों का भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया।
मंधाना ने हरमनप्रीत कौर के योगदान को भी याद किया और कहा कि उन्होंने कई वर्षों तक टीम का समर्पण के साथ नेतृत्व किया है। नई कप्तान ने यह भी कहा कि वह इस जिम्मेदारी को समझती हैं और टीम के साथ काम करते हुए भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने की पूरी कोशिश करेंगी।
भारतीय महिला क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत
मंधाना की नियुक्ति भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत है। एक ओर टीम के पास हरमनप्रीत कौर जैसा अनुभवी खिलाड़ी अब भी मौजूद रहेगा, वहीं दूसरी ओर कप्तानी की जिम्मेदारी एक ऐसी खिलाड़ी को मिली है जो लंबे समय से टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा रही है।
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने मंधाना को बधाई देते हुए कहा कि वह कई वर्षों से भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं और नेतृत्व करने के लिए जरूरी गुण लगातार दिखाती रही हैं। BCCI के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने भी मंधाना के अनुभव और टीम के साथ उनके लंबे जुड़ाव को अहम बताया।
पहली चुनौती जिम्बाब्वे सीरीज
पूर्णकालिक कप्तान के रूप में स्मृति मंधाना का पहला व्हाइट-बॉल असाइनमेंट जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू सीरीज होगी। भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल और तीन वनडे मैच खेलने हैं। इस सीरीज में मंधाना के नेतृत्व की पहली नियमित परीक्षा होगी और टीम में नई कप्तानी व्यवस्था को आकार देने का मौका भी मिलेगा।
मंधाना के सामने अब टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाए रखने, तीनों फॉर्मेट की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार रणनीति तैयार करने और पिछले वर्षों में बनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
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हरमनप्रीत का अनुभव भी टीम के काम आएगा
कप्तानी से हटने के बावजूद हरमनप्रीत कौर का भारतीय टीम में अनुभव महत्वपूर्ण रहेगा। BCCI ने स्पष्ट किया है कि वह खिलाड़ी के रूप में टीम का हिस्सा बनी रहेंगी। ऐसे में ड्रेसिंग रूम में नई कप्तान मंधाना को हरमनप्रीत के अनुभव का लाभ मिल सकता है।
स्मृति मंधाना के लिए यह भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व की नई जिम्मेदारी का बड़ा अध्याय है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि वह व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ कप्तानी की जिम्मेदारी को किस तरह संतुलित करती हैं और भारतीय महिला टीम को आगे किस दिशा में ले जाती हैं।

