HomeNational Headlinesमहादेव ऐप के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया...

महादेव ऐप के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया, CBI की बड़ी कार्रवाई

भारत में चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। महादेव ऐप के प्रमोटर और कथित सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया गया है। केंद्रीय एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के बाद यह कार्रवाई पूरी हुई। 1 नवंबर 2026 को CBI ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी। इस घटनाक्रम को भारत में आर्थिक अपराध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए CBI की एक विशेष टीम ओमान की राजधानी मस्कट पहुंची थी। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम उसे अपने साथ भारत लेकर आई। अब उसे आवश्यक चिकित्सकीय जांच और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाना है।

क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का पूरा मामला?महादेव

महादेव ऑनलाइन बुक ऐप का मामला देश के सबसे चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था, जबकि इसका नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था।

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और अन्य आयोजनों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। जांच में सामने आया कि नेटवर्क फ्रेंचाइजी आधारित पैनल और शाखाओं के माध्यम से काम करता था। ये शाखाएं लोगों को अपने साथ जोड़ती थीं और उनसे सट्टेबाजी के लिए रकम जमा करवाती थीं।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क का उद्देश्य बड़े स्तर पर अवैध सट्टेबाजी के जरिए धन अर्जित करना था। इसके संचालन में कई स्तरों पर लोगों और खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे वास्तविक संचालकों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क का आरोप

CBI की जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को छिपाने के लिए बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों के माध्यम से पैसों को कई अलग-अलग लेनदेन में स्थानांतरित किया जाता था।

इसके बाद कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए धन को विदेशों में भेजा जाता था। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों को संरक्षण राशि देने में इस्तेमाल किया गया, ताकि इस नेटवर्क का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

इस मामले में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है।

इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई गिरफ्तारी

सौरभ चंद्राकर को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में इंटरपोल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उसके खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे ढूंढकर हिरासत में लिया था।

इसके बाद CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतीय जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के साथ ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय किया गया।

ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस के सहयोग से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद CBI की विशेष टीम सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई।

CBI और ED के मामलों में है आरोपी

सौरभ चंद्राकर दो CBI मामलों में वांछित था, जिनमें आरोपपत्र पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय के एक मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है।

CBI ने इन मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित प्रावधानों तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

ED ने इस सिंडिकेट से जुड़े भारत और विदेशों में स्थित कई संपत्तियों को भी कुर्क किया है। जांच एजेंसियां इस मामले में कथित अवैध कमाई, संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

अब रायपुर की अदालत में होगी पेशी

भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करके उसे रायपुर ले जाया जाएगा। 2 नवंबर 2026 को उसे रायपुर की CBI विशेष अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित है।

अदालत में पेशी के बाद जांच एजेंसी उससे पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी हासिल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपना सकती है। इस पूछताछ से नेटवर्क के अन्य कथित संचालकों, वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।

आगे और समाचार पढ़े:

निष्कर्ष:

अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ भारत की बड़ी कामयाबी

सौरभ चंद्राकर का ओमान से भारत प्रत्यर्पण भारतीय जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि विदेशों में रहकर भारत में कथित आर्थिक अपराधों को अंजाम देने के आरोपियों तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना महत्वपूर्ण है।

महादेव ऐप मामला केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कथित मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेनदेन और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर पहलुओं की भी जांच हो रही है।

अब सभी की नजरें रायपुर की विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई और आगे की जांच पर टिकी हैं। हालांकि, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा।

WhatsApp Group
Join Now
PandeyAbhishek
PandeyAbhishek
Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular