राजधानी दिल्ली के व्यस्त ITO चौराहे पर रविवार रात एक गंभीर सड़क हादसे में दो विधायकों समेत छह लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब लक्ष्मी नगर की ओर से ITO की तरफ जा रही एक स्विफ्ट कार ने नियंत्रण खो दिया। कार पहले डिवाइडर से टकराई, फिर रेलिंग पार करते हुए दूसरी दिशा से आ रही एक इनोवा SUV से जा भिड़ी। इनोवा में दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल झा और कर्नाटक के विधायक अभय पाटिल सवार थे। हादसे में दोनों विधायकों समेत दोनों वाहनों में मौजूद सभी छह लोगों को चोटें आईं। सभी को इलाज के लिए लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
हादसे के बाद ITO इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया। फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
दिल्ली में रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे IP Estate थाने को सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर दो क्षतिग्रस्त वाहन मिले—एक स्विफ्ट कार और दूसरी इनोवा।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि स्विफ्ट कार लक्ष्मी नगर से ITO की ओर जा रही थी। PWD कार्यालय के पास चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार डिवाइडर की रेलिंग को पार करते हुए विपरीत दिशा में चली गई और सामने से आ रही इनोवा से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
इनोवा में सवार थे दो विधायक
पुलिस और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना के दौरान इनोवा में किराड़ी से विधायक अनिल झा और कर्नाटक से विधायक अभय पाटिल मौजूद थे। दोनों को हादसे में चोटें आईं।
अनिल झा दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं, जबकि अभय पाटिल कर्नाटक विधानसभा के सदस्य हैं। दोनों विधायकों को अन्य घायलों के साथ LNJP अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों को मामूली चोटें आईं और उनकी हालत स्थिर है।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायलों की स्थिति पर नजर रखी। फिलहाल किसी के गंभीर रूप से घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।
दूसरी कार में परिवार के चार लोग थे
जिस स्विफ्ट कार ने डिवाइडर पार कर इनोवा को टक्कर मारी, उसे 32 वर्षीय आशुतोष पांडेय चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, आशुतोष के साथ उनकी पत्नी और दो नाबालिग बच्चे भी कार में मौजूद थे।
हादसे में इस परिवार के चारों सदस्य घायल हुए। उन्हें भी बाकी घायलों के साथ LNJP अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि सभी की स्थिति स्थिर है।
हादसे के बाद स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दूसरी ओर इनोवा के अगले हिस्से को भी टक्कर से नुकसान पहुंचा। वाहनों में लगे एयरबैग खुल गए, जिससे संभवतः यात्रियों को गंभीर चोटों से बचाने में मदद मिली।
CNG सिलेंडर फटने की बात भी सामने आई
कुछ रिपोर्टों में दुर्घटना से पहले स्विफ्ट कार के CNG सिलेंडर फटने की बात कही गई है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि कार के नियंत्रण से बाहर होने के पीछे सिलेंडर फटने की संभावना की भी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में मुख्य रूप से कार के डिवाइडर से टकराने और उसके बाद रेलिंग पार करके इनोवा से भिड़ने की बात कही गई है।
इसलिए दुर्घटना का अंतिम कारण अभी स्पष्ट नहीं माना जा सकता। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहन का नियंत्रण किस वजह से बिगड़ा और हादसे से ठीक पहले कार की गति क्या थी।
पुलिस और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलने के बाद IP Estate थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था। दमकल विभाग को भी बुलाया गया।
दोनों वाहनों को सड़क से हटाने के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश की गई। ITO राजधानी के सबसे व्यस्त यातायात क्षेत्रों में शामिल है, जहां दिन-रात बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे स्थान पर दुर्घटना होने से आसपास के मार्गों पर भी कुछ समय के लिए दबाव बढ़ सकता है।
पुलिस ने घटनास्थल की प्रारंभिक जांच की और दुर्घटना के क्रम को समझने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाया। आगे की जांच में CCTV फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है।
तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
ITO जैसे व्यस्त चौराहे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर दिल्ली में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करता है। शहर में रोजाना लाखों वाहन चलते हैं और कई प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव बेहद ज्यादा रहता है।
ऐसे में वाहन चालक का अचानक नियंत्रण खो देना न केवल उसके लिए बल्कि आसपास चल रहे अन्य वाहनों के लिए भी बड़ा खतरा बन जाता है। डिवाइडर और सड़क की रेलिंग आम तौर पर विपरीत दिशा के यातायात को अलग रखने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन तेज टक्कर की स्थिति में वाहन उन्हें पार कर दूसरी दिशा में पहुंच सकता है, जैसा इस मामले में हुआ।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने हादसे के पीछे किसी आपराधिक साजिश की बात नहीं कही है। यह मामला प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना का है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
जांच में यह देखा जाएगा कि स्विफ्ट कार किस गति से चल रही थी, उसका नियंत्रण क्यों बिगड़ा और क्या दुर्घटना से पहले किसी तकनीकी खराबी या अन्य घटना के कारण चालक वाहन संभाल नहीं पाया
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सभी घायलों की हालत स्थिर
इस हादसे में राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि छहों घायलों की हालत स्थिर बताई गई है। दो विधायकों सहित सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया और उनका उपचार शुरू किया गया।
पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाए जाने के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया।
निष्कर्ष
दिल्ली के ITO चौराहे पर रविवार रात हुआ सड़क हादसा राजधानी के व्यस्त इलाकों में सड़क सुरक्षा की चुनौती को सामने लाता है। एक स्विफ्ट कार के डिवाइडर से टकराने, रेलिंग पार करने और सामने से आ रही इनोवा से भिड़ने के कारण दो विधायकों समेत छह लोग घायल हो गए।
घायलों में किराड़ी के विधायक अनिल झा, कर्नाटक के विधायक अभय पाटिल और स्विफ्ट में सवार एक परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सभी को LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार का नियंत्रण आखिर क्यों बिगड़ा। CNG सिलेंडर में संभावित खराबी की बात भी जांच के दायरे में है। फिलहाल हादसे का अंतिम कारण सामने नहीं आया है।
यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि दिल्ली जैसे महानगर में सड़क पर छोटी-सी लापरवाही या वाहन में तकनीकी खराबी भी कुछ ही सेकंड में गंभीर दुर्घटना का रूप ले सकती है। इसलिए वाहन की नियमित जांच, सुरक्षित गति और यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

