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ट्विशा शर्मा डेथ केस: पूर्व जज ने दहेज आरोपों पर पेश किए बैंक ट्रांजैक्शन, जांच में आया नया मोड़

भोपाल में चर्चित बने ट्विशा शर्मा डेथ केस ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जहां मृतका के परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं अब पूर्व जज और मृतका की सास गिरिबाला सिंह ने इन आरोपों का जवाब देते हुए बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए हैं। उनका दावा है कि उन्होंने नियमित रूप से ट्विशा शर्मा को आर्थिक सहायता दी थी और दहेज मांगने जैसी कोई स्थिति नहीं थी।

कौन थीं ट्विशा शर्मा?ट्विशा शर्मा

Twisha Sharma एक मॉडल, अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही 12 मई 2026 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ट्विशा का शव भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। इस घटना ने पूरे देश में दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी।

परिवार(मायका पक्ष)ने लगाए दहेज प्रताड़ना के आरोप

ट्विशा शर्मा के मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि ट्विशा लगातार तनाव में थीं और उन्होंने कई बार घर लौटने की इच्छा जताई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत से पहले ट्विशा ने कुछ करीबी लोगों को मैसेज कर खुद को “ट्रैप” महसूस करने की बात भी कही थी।

मृतका के भाई, जो सेना में मेजर बताए जा रहे हैं, ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पूर्व जज ने पेश किए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन स्लिप्स पेश कीं। उनका दावा है कि उन्होंने ट्विशा को समय-समय पर 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी थी। उनके अनुसार, यदि परिवार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा होता तो वे नियमित रूप से आर्थिक सहायता नहीं देते।

पूर्व जज का कहना है कि इन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड्स से यह साबित होता है कि परिवार ट्विशा की जरूरतों का ध्यान रख रहा था। हालांकि मृतका के परिवार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि आर्थिक लेन-देन प्रताड़ना को गलत साबित नहीं कर सकता।

पति की जमानत याचिका खारिज

इस हाई-प्रोफाइल मामले में भोपाल कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने माना कि मामले में गंभीर आरोप हैं और जांच प्रभावित हो सकती है। वहीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई।

कोर्ट में पेश दस्तावेजों में पति पक्ष ने यह भी दावा किया कि ट्विशा मानसिक तनाव और नशे की समस्या से जूझ रही थीं। इन दावों पर भी विवाद गहराता जा रहा है क्योंकि मृतका के परिवार ने इन्हें चरित्र हनन की कोशिश बताया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई शंका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोस्टमार्टम में शरीर पर कई एंटीमॉर्टम इंजरी यानी मौत से पहले लगी चोटों के निशान पाए गए हैं। इसी वजह से परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। परिवार AIIMS से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहा है।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल

ट्विशा शर्मा डेथ केस सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शादी के कुछ महीनों बाद ही एक युवती की संदिग्ध मौत कैसे हो गई। कई महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।

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दहेज प्रथा पर फिर उठी बहस

इस घटना ने एक बार फिर भारतीय समाज में दहेज प्रथा और वैवाहिक प्रताड़ना पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवारों में भी दहेज और मानसिक उत्पीड़न जैसे मामले सामने आना चिंताजनक है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक पूर्व जज और वकील परिवार का नाम जुड़ा हुआ है।

पुलिस जांच पर सबकी नजर

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश थी। कोर्ट में पेश किए गए बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल चैट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय कर सकते हैं।

निष्कर्ष

ट्विशा शर्मा डेथ केस अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक और कानूनी बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ मृतका का परिवार दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर ससुराल पक्ष खुद को निर्दोष साबित करने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेज पेश कर रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और कोर्ट की कार्यवाही से इस मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

 

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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