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झारखंड छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन से अपील, कहा- प्रदर्शनकारी छात्रों से खुद मिलें और सुलझाएं मुद्दे

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रदर्शनकारी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और उनकी शेष मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। राहुल गांधी ने सोमवार को हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कहा कि मुख्यमंत्री का छात्रों से सीधे संवाद करना सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा और समाधान की दिशा में भरोसा पैदा करेगा।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन कई सप्ताह से जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता की कमी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं। सोमवार को आंदोलन के 24वें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा और छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बताए गए। इसी बीच झारखंड CID द्वारा JSSC कार्यालय में तलाशी की कार्रवाई और सरकार के साथ छात्रों की बातचीत फिर शुरू होने की खबर भी सामने आई।

राहुल गांधी ने लिखा हेमंत सोरेन को पत्रझारखंड

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि वह झारखंड के छात्रों की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से खुद मुलाकात करें। उनका कहना है कि सीधा संवाद सरकार और छात्रों के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा।

राहुल ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को संविधान में निहित लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के ऐसे आंदोलनों के साथ खड़ी है। उन्होंने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया।

उनका यह हस्तक्षेप ऐसे समय में आया है जब झारखंड का छात्र आंदोलन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। इससे पहले विपक्ष के कई नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में बयान दिए हैं। भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास भी आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं और सरकार से CBI जांच की मांग उठा चुके हैं।

क्या है छात्रों की नाराजगी?

झारखंड के छात्र लंबे समय से राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आंदोलनकारी JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। खास तौर पर JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्रों में नाराजगी बनी हुई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी के लिए वर्षों तक तैयारी करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता गंभीर अन्याय है। उनका तर्क है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार तथा संबंधित भर्ती आयोगों की जिम्मेदारी है।

आंदोलन की एक प्रमुख मांग कथित अनियमितताओं की CBI जांच है। छात्र चाहते हैं कि किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर दोषियों की पहचान की जाए और यदि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी साबित होती है तो संबंधित परीक्षाओं पर उचित निर्णय लिया जाए।

झारखंड आंदोलन 24वें दिन भी जारी

सोमवार को आंदोलन 24वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग अब भी अपनी प्रमुख मांगों पर अड़ा हुआ है। छह छात्र नेताओं के भूख हड़ताल पर रहने की खबर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

इससे पहले 15 अगस्त को छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली थी और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा की थी। आंदोलनकारियों ने सरकार से जवाबदेही तय करने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

इससे स्पष्ट है कि छात्रों का आंदोलन केवल परीक्षा संबंधी एक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा है। यह अब सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, युवाओं के रोजगार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे व्यापक सवालों से जुड़ गया है।

10 अगस्त की पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव

आंदोलन के दौरान 10 अगस्त को रांची में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस घटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं।

राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और समाधान का रास्ता संवाद से ही निकल सकता है।

अब अपने नए पत्र में राहुल गांधी ने इसी संवाद की जरूरत को दोहराया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का खुद छात्रों से मिलना मौजूदा गतिरोध को खत्म करने में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

झारखंड सरकार ने भी बातचीत का रास्ता अपनाया

छात्र आंदोलन को खत्म करने के लिए झारखंड सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहले भी बातचीत के दौर हुए हैं। सोमवार को एक बार फिर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत शुरू होने की खबर सामने आई। सरकार की ओर से कुछ मांगों को स्वीकार करने और भर्ती व्यवस्था में सुधार के कदमों की घोषणा की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने तथा भर्ती प्रक्रिया में सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों की कुछ प्रमुख मांगें अभी भी बनी हुई हैं और आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

राजनीतिक रंग भी गहरा रहा

झारखंड छात्र आंदोलन अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन चुका है। भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार से सवाल किया है कि वह CBI जांच से क्यों हिचक रही है।

वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे पहले भाजपा पर आंदोलनकारी युवाओं को राजनीतिक फायदे के लिए गुमराह करने का आरोप लगाया था। उनका कहना रहा है कि सरकार युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है।

ऐसे में राहुल गांधी का हेमंत सोरेन को पत्र गठबंधन की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस और JMM झारखंड में सहयोगी हैं, लेकिन राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप करने को कहा है।

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राहुल की अपील से क्या बदलेगा?

राहुल गांधी की अपील का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने समाधान के लिए सीधे संवाद को प्राथमिकता दी है। आंदोलन लंबा खिंचने और छात्रों के भूख हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं।

यदि मुख्यमंत्री स्वयं प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हैं, तो इससे सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का नया रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर, यदि छात्रों की मुख्य मांगों पर ठोस समयसीमा या लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तो आंदोलन जारी रहने की संभावना है।

निष्कर्ष

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। 24 दिनों से जारी प्रदर्शन, भूख हड़ताल, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक हस्तक्षेप ने मामले को राज्य की बड़ी राजनीतिक बहस में बदल दिया है।

इसी बीच राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रदर्शनकारी छात्रों से खुद मुलाकात करने और उनकी बची हुई मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध को लोकतंत्र का केंद्रीय आधार बताते हुए छात्रों के साथ कांग्रेस की एकजुटता दोहराई है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राहुल गांधी की अपील पर क्या कदम उठाते हैं और क्या सरकार-छात्र संवाद से इस लंबे आंदोलन का कोई स्थायी समाधान निकल पाता है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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