उत्तराखंड के जंगलों की आग अब बेकाबू होकर गांवों और रोजगार को निशाना बना रही है। ताजा मामला त्यूणी तहसील के शिलगांव खत का है, जहां हरटाड़ गांव के पास धधकी आग ने भीषण रूप ले लिया। सिविल सोयम के जंगलों से शुरू हुई यह आग तेज हवाओं के चलते पास के ‘खेड़ा मानवा’ और ‘शयलाड़’ स्थित सेब के बगीचों में फैल गई।
नुकसान का आकलन: इस घटना में क्षेत्र के 10 किसानों के लगभग 1200 से ज्यादा फलदार सेब के पेड़ जलकर नष्ट हो गए हैं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसान काना सिंह की दो मंजिला छान (अस्थायी आवास) भी इसकी चपेट में आ गई। प्रभावित किसानों में जगत सिंह, दिनेश, महेंद्र, सूरत सिंह और अन्य शामिल हैं, जिनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है।
प्रशासनिक कार्यवाही: बागवानी पर निर्भर इन किसानों के सामने अब आजीविका का संकट है। उन्होंने मुआवजे की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा ने राजस्व निरीक्षक को तत्काल मौके पर जाकर नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

