दिल्ली, ब्यूरो :  अपनी आवाज के जादू से लोगों का मन मोह लेने वाले महशूर सिंगर केके हमारे बीच नहीं रहे। मंगलवार को केके (कृष्णकुमार कुन्नथ ) का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। अपनी ज़िंदगी के आखीरी पलों में भी केके अपनी आवाज से लोगों को दीवाना बना रहे थे। दरसअल 53 साल के केके कोलकाता में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के लिए गए थे। लेकिन कॉन्सर्ट के बाद केके अचानक गिर गए। जिन्हे रात 10 बजे कोलकाता के सीएमआरआई अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।

ये था केके का पहला गाना 

केके ने हिंदी ही नहीं बल्की तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली और गुजराती फिल्मों में भी अपनी आवाज दी है। केके ने अपनी नौकरी को बीच में ही छोड़कर सिंगिंग को चुना था। फिल्मों में गाने से पहले केके ने करीब 3500 जिंगल्स गाए थे। वहीं साल 1999 में केके को भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ‘जोश ऑफ इंडिया’ गाना गाने का मौका मिला, और इसके बाद केके ने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा। केके ने अपनी पहली एलब्म ‘पल’ निकाली, इस एल्बम को बनाने में लेजली लेविस ने उनका साथ दिया था। और इसी एलब्म के बाद केके के लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुले। फिल्म डायरेक्टर विशाल भरद्वाज ने केके को अपनी फिल्म ‘माचिस’ में सबसे पहले गाने का मौका दिया था। इस फिल्म में केके ने ‘छोड़ आ हम वो गलियां’ गाना गाया था, लेकिन केके को असल पहचान ‘हम दिल दे चुके सनम’ फिल्म के गाने ‘तड़प-तड़प’ से मिली। केके का ये गाना रिलीज होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया और केके रातों-रात स्टार बन गए।

‘तड़प-तड़प’ के बाद केके बॉलीवुड के बेहतरीन गायकों की लिस्ट में शुमार हो गए और उन्होंने एक से बढ़कर एक गानों को अपनी आवाज दी। केके के कई ऐसे गाने हैं जिन्हे कभी कोई भुला नहीं सकता है। ज़िंदगी दो पल की,यारो, दिल इबादत, खुदा जाने, जरा सी दिल में दे जगह, तू जो मिला जैसे कई गानों को केके ने अपनी आवाज दी है।यूं तो अब केके इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वो कहते हैं न कि कुछ लोग मर कर भी जिंदा रहते हैं, कुछ इसी तरह केके की आवाज हमेशा लोगों के दिलों में हमेशा उन्हे जिंदा रखेगी।