जानिए बच्चे के जन्म पर पूजा क्यों नही करवाते ? क्या है सूतक और पातक

why we do not get worship
A newborn baby holding the parent hand while sleeping at cradle.

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यूं तो बच्चे के जन्म पर घर में खूब शुशियां मनाई जाती है..बच्चे की किलकारी पूरे घर में रोनक ला देती है..लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया कि बच्चे के जन्म पर घर में पूजा क्यों नही की जाती है….माना जाता है कि जब किसी परिवार में बच्चे का जन्म होता है तो उस परिवार में सूतक लग जाता है..

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शास्त्रों में इस काल को अशौच काल भी कहा जाता है..यूं तो अशौच से जुड़े तथ्यों का उल्लेख अनेकों धर्म ग्रंथों में देखने को मिलता है…इन ग्रंथों के अनुसार ये दो प्रकार के होते हैं…एक होता है जब बच्चे का जन्म होता है और दूसरा जब व्यक्ति की मृत्यू होती है..वास्तव में सूतक का संबंध जन्म मरण के दौरान हुई अशुद्धियों से हैं..

जन्म के समय जो नाल काटी जाती है और जन्म होने की प्रक्रिया के दौरान जो ये हिंसा होती है उसमें लगने वाला दोष या पाप के प्रायश्चित के रुप में पातक माना जाता है…

why we do not get worship पुराने समय में सूतक 

इसी प्रकार मरण से फैली  अशुद्धि से सूतक और दाह संसकार से हुई हिंसा के दोष या पाप से प्रायश्चित स्वरुप पातक माना जाता है..जिस प्रकार से घर में बच्चे के जन्म के बाद सूतक लगता है उसी प्रकार गरुड़ पुराण के अनूसार परिवार में किसी सदस्य की मृत्यू होने पर  लगने वाले सूतक को पातक कहा जाता है…

‘सूतक’ और ‘पातक’ सिर्फ धार्मिक कर्मंकांड नहीं है। इन दोनों के वैज्ञानिक तथ्य भी हैं। जब परिवार में बच्चे का जन्म होता है या किसी सदस्य की मृत्यु होती है उस अवस्था में संक्रमण फैलने की संभावना काफी ज्यादा होती है। ऐसे में अस्पताल या शमशान या घर में नए सदस्य के आगमन, किसी सदस्य की अंतिम विदाई के बाद घर में संक्रमण का खतरा मंडराने लगता है।

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A newborn baby holding the parent hand while sleeping at cradle.

why we do not get worship इसलिए यह दोनों प्रक्रिया बीमारियों से बचने के उपाय है, जिसमें घर और शरीर की शुद्धी की जाती है। जब ‘सूतक’ और ‘पातक’ की अवधि समाप्त हो जाती है तो घर में हवन कर वातावरण को शुद्ध किया जाता है। उसके बाद परम पिता परमेश्वर से नई शुरूआत के लिए प्रार्थना की जाती है।

why we do not get worship ग्रहण और सूतक के पहले यदि खाना तैयार कर लिया गया है तो खाने-पीने की सामग्री में तुलसी के पत्ते डालकर खाद्य सामग्री को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है।

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