WEST BENGAL ELECTION 2026 में टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड, 294 सीटों पर हुआ कुल 92.84% मतदान के दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होते ही राज्य ने मतदान प्रतिशत के मामले में एक नया रिकॉर्ड कायम कर लिया है। राज्य की सभी 294 सीटों पर मिलाकर कुल 92.84 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो अब तक के बंगाल के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इससे पहले साल 2011 में यहां 84.72 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। खास बात यह रही कि इस बार महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 92.28 प्रतिशत मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 91.07 रहा।
WEST BENGAL ELECTION 2026 के दूसरे चरण में भी जबरदस्त मतदान
बुधवार को हुए दूसरे चरण के मतदान में 142 सीटों पर 92.48 प्रतिशत वोट पड़े। इससे पहले 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के चलते इस बार वोटिंग के दौरान किसी की मौत की खबर सामने नहीं आई, जो राज्य के पुराने चुनावी रिकॉर्ड को देखते हुए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।
SECOND PHASE में हिंसा और लाठीचार्ज की घटनाएं
- डायमंड हार्बर के फालता इलाके में भाजपा ने आरोप लगाया कि ईवीएम मशीन में उनके चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप लगाकर उसे दबने से रोका गया।
- वहीं पानीहाटी में बटन पर स्याही के निशान होने की शिकायत मिली, जिसे बाद में साफ कर दिया गया। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि जहां शिकायत सही पाई जाएगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा।

- WEST BENGAL ELECTION 2026 के दौरान भवानीपुर में भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी जब एक बूथ का जायजा लेने पहुंचे तो तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और ‘गो बैक’ व ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। यह घटना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर हुई।
- हावड़ा के उदयनारायणपुर में वोट डालने आए एक बुजुर्ग की मौत हो गई। टीएमसी का आरोप है कि केंद्रीय बलों की धक्का-मुक्की और मारपीट की वजह से उनकी जान गई।
- हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम खराब हो जाने से लाइन में लगे लोगों ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद भीड़ को काबू में करने के लिए केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया।
- दक्षिण 24 परगना के कैनिंग में टीएमसी ने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ जवानों ने उनके पोलिंग एजेंट को बूथ से बाहर खींचकर पीटा। इस दौरान सुरक्षाबलों और वोटरों के बीच धक्का-मुक्की की तस्वीरें भी सामने आईं।
- बाली में ही ईवीएम गड़बड़ी को लेकर हुए विरोध के दौरान सीआरपीएफ ने दो लोगों को हिरासत में लिया।
- नॉर्थ 24 परगना के अरविंद रैली इलाके में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों और मुक्कों से हमला किया।

मतदान प्रतिशत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के चार बड़े कारण
राजनीतिक जानकार WEST BENGAL ELECTION 2026 में भारी वोटिंग के पीछे कई अहम वजहें बता रहे हैं। हाल ही में राज्य की मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या कम हो गई। जब वोट देने वालों की संख्या लगभग स्थिर रही और कुल मतदाता घट गए, तो प्रतिशत अपने आप बढ़ गया।
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इसके अलावा पिछले 15 साल से सत्ता में बैठी सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी, यानी सरकार के प्रति नाराजगी, रोजगार, भ्रष्टाचार और घुसपैठ जैसे मुद्दों ने भी लोगों को घरों से निकलकर वोट डालने के लिए प्रेरित किया। मुस्लिम बहुल इलाकों में एसआईआर (SIR) और एनआरसी (NRC) को लेकर डर और दूसरी तरफ हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण भी इस आंकड़े को प्रभावित करने वाला बड़ा कारण रहा।
WEST BENGAL ELECTION 2026 में भारी वोटिंग के पीछे एक और अहम वजह प्रवासी मजदूरों की घर वापसी रही। बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से सिर्फ वोट डालने के लिए बंगाल लौटे, ताकि वे अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई WEST BENGAL ELECTION 2026 से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। सटीकता की गारंटी नहीं है।
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