VB-G RAM G: आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत– गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025‘ का राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने संयुक्त रूप से योजना की शुरुआत की।
मनरेगा की जगह लागू होगी नई VB-G RAM G योजना
केंद्र सरकार इस नई पहल को ग्रामीण भारत में रोजगार, आजीविका और स्थायी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत कर रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व में लागू मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी उपलब्ध थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस व्यवस्था को और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए VB-G RAM G योजना लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि VB-G RAM G के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल श्रमिकों को अब सालाना 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की जाएगी। उनके अनुसार यह केवल रोजगार अवधि बढ़ाने का फैसला नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास की सोच में व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है, ताकि गांवों में किसी भी व्यक्ति को रोजगार के अभाव का सामना न करना पड़े। योजना लागू होने के पहले ही दिन देशभर में बड़ी संख्या में श्रमिकों को कार्य आवंटित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
पांच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना
VB-G RAM G योजना के वित्तीय स्वरूप की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके प्रथम वर्ष में केंद्र सरकार का योगदान 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक निर्धारित किया गया है। राज्यों की हिस्सेदारी जोड़ने के बाद वार्षिक व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

केंद्र सरकार ने आगामी पांच वर्षों में VB-G RAM G योजना पर कुल 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह राशि देश की लगभग 2.86 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे प्रत्येक पंचायत को औसतन प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये से अधिक का विकास बजट उपलब्ध हो सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का भी निर्माण होगा।
रोजगार नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
VB-G RAM G के तहत श्रमिकों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है। यदि कोई पंजीकृत श्रमिक रोजगार की मांग करता है, तो प्रशासन को 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित श्रमिक को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान करने का प्रावधान भी शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि देश के किसी भी राज्य में इस योजना के तहत दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी, जबकि आंध्र प्रदेश में यह दर 312 से 315 रुपये प्रतिदिन के बीच निर्धारित की गई है।
प्रशासनिक खर्च बढ़ा, ग्राम सभाओं को मिले अधिक अधिकार
VB-G RAM G योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय को पूर्व के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अंतर्गत लगभग 13 हजार करोड़ रुपये ग्राम रोजगार सहायकों, मैदानी कर्मचारियों और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाएंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना का मूल आधार ग्राम स्वायत्तता है। गांवों में कौन से विकास कार्य किए जाएंगे, इसका निर्णय केंद्र या राज्य सरकार नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत और ग्राम सभाएं स्वयं करेंगी। स्थानीय स्तर पर आंगनवाड़ी, विद्यालय, अस्पताल, तालाब, चेक डैम, ग्रामीण सड़कें, सुरक्षा दीवारें और किसान उत्पादक संगठनों के लिए आधारभूत ढांचे जैसे कार्यों का चयन किया जाएगा।
VB-G RAM G में पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी अतिरिक्त प्राथमिकता
ग्रामीण विकास में संतुलन बनाए रखने के लिए राज्यों को सुझाव दिया गया है कि वे पंचायतों को विकास के आधार पर ए, बी और सी श्रेणियों में वर्गीकृत कर सकते हैं। जो पंचायतें विकास की दौड़ में पीछे हैं, उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकेगी।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई VB-G RAM G से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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