/ Mar 24, 2025
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Uttarakhand STF ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह के तार क्रिप्टोकरेंसी के जरिये विदेशों तक फैले हुए थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। एसटीएफ ने विशेष जांच के बाद देहरादून के रायपुर इलाके से हरजिंदर सिंह और संदीप सिंह को गिरफ्तार किया। ये दोनों उधमसिंह नगर जिले के रहने वाले हैं। इनके पास से 1 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 1 पासपोर्ट, 2 चेकबुक, 3 डेबिट कार्ड, 2 पैन कार्ड, 1 पासबुक, बैंक फॉर्म और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों के संपर्क में आए थे। इनका मुख्य काम फर्जी बिजनेस अकाउंट खुलवाना और उन्हें ठगों को बेचना था। ये अकाउंट क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए भारत और अन्य देशों में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। ठगी से मिलने वाले पैसों का एक प्रतिशत कमीशन के रूप में इन्हें क्रिप्टोकरेंसी में दिया जाता था, जिसे वे बाद में भारतीय मुद्रा में बदल लेते थे।
गिरफ्तार संदीप सिंह साइबर ठगों के लिए कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाने में एक्सपर्ट था। इसे जून-जुलाई 2024 में मलेशिया बुलाया गया था, जहां इसने साइबर अपराधियों को ट्रेनिंग भी दी। Uttarakhand STF अब इनके ट्रस्ट वॉलेट और लेनदेन का गहन विश्लेषण कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके। इससे पहले, भारत सरकार ने दक्षिण एशियाई साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करते हुए म्यांमार से 540 भारतीय नागरिकों को वापस लाया था, जिनमें 22 उत्तराखंड से थे। इस मामले के बाद एसटीएफ और सीबीआई की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की और कई अहम जानकारियां हासिल कीं, जिनके आधार पर हालिया गिरफ्तारी हुई।
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