HomeLatest Newsउत्तराखंड़ में बदला मौसम का मिजाज, बर्फबारी और बारिश से तापमान में...

उत्तराखंड़ में बदला मौसम का मिजाज, बर्फबारी और बारिश से तापमान में भारी गिरावट

Uttarakhand Snowfall का नजारा गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को पहाड़ों में देखने को मिला, जब गंगोत्री धाम में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई। केदारनाथ और यमुनोत्री समेत ऊंचे इलाकों में भी बर्फ गिरी, जबकि निचले इलाकों में बारिश से ठंड अचानक बढ़ गई।

मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। अगर आप इन दिनों पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है।

गंगोत्री और गोमुख ट्रैक पर बिछी बर्फ

उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम में सुबह से ही आसमान में बादल छाए थे और करीब 10 बजे से बर्फबारी शुरू हो गई। धाम और उसके आसपास की ऊंची चोटियां सफेद चादर से ढक गईं। गोमुख ट्रैक के इलाके में भी अच्छी बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ों का नजारा पूरी तरह बदल गया। धाम में मौजूद श्रद्धालुओं ने बर्फबारी का खूब आनंद लिया।

Uttarakhand Snowfall के बाद गोमुख जैसे ऊंचे ट्रैक पर रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और तापमान रात में काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में ट्रैकिंग पर जाने वाले लोग स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें। बर्फबारी के बाद पूरे उत्तरकाशी जिले में ठंड बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय पहाड़ी कस्बों में लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।

चार धामों में कैसा है मौसम?

Uttarakhand Snowfall से धामों में बढ़ी ठंड केदारनाथ धाम में गुरुवार सुबह बर्फ गिरी और उसके बाद बारिश होने लगी। खराब मौसम की वजह से यहां हेलीकॉप्टर सेवाएं रोकनी पड़ीं। यमुनोत्री धाम और उत्तरकाशी के दूसरे ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी हुई।

इससे पहले 25 अक्टूबर को भी केदारनाथ और यमुनोत्री में बर्फ गिरी थी। इस ताजा Uttarakhand Snowfall के बाद धामों में तापमान तेजी से गिरा है। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े साथ रखने और मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

Uttarakhand Snowfall के बाद किन जिलों में यलो अलर्ट?

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अक्टूबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन नौ जिलों के साथ नैनीताल को मिलाकर कुल 10 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट है।

हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है और झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। 3,500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है। मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब के असर से जोड़ा जा रहा है।

देहरादून और मैदानी इलाकों का हाल

देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और एक दो बार हल्की बारिश के साथ गरज चमक हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान करीब 28 और न्यूनतम करीब 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इससे पहले बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री दर्ज हुआ था, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा था। मसूरी में भी बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है।

Uttarakhand Snowfall
Uttarakhand Snowfall

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

30 अक्टूबर को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कहीं कहीं बारिश हो सकती है और यलो अलर्ट जारी रहेगा। 31 अक्टूबर को पहाड़ी जिलों में बिजली गिरने की आशंका है। Uttarakhand Snowfall और बारिश को देखते हुए पहाड़ों पर जाने वाले लोग गर्म कपड़े, जरूरी दवाएं और अतिरिक्त समय लेकर चलें। फिसलन वाली सड़कों पर वाहन धीरे चलाएं और मौसम खराब होने पर ट्रैकिंग टाल दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. गंगोत्री में इस सीजन की पहली Uttarakhand Snowfall कब हुई?

गंगोत्री धाम में 29 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे से सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हुई।

2. यलो अलर्ट किन जिलों में है?

देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट है।

3. क्या Uttarakhand Snowfall से केदारनाथ यात्रा पर असर पड़ा है?

खराब मौसम के कारण केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवाएं रोकी गईं। यात्रा से पहले प्रशासन और मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

4. कितनी ऊंचाई पर बर्फबारी का अनुमान है?

मौसम विभाग के अनुसार 3,500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में Uttarakhand Snowfall की संभावना है।

5. मौसम की आधिकारिक जानकारी कहां देखें?

उत्तराखंड के मौसम का ताजा पूर्वानुमान और चेतावनी मौसम केंद्र देहरादून की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

आगे और समाचार पढ़े:

मौसम का अनुमान कैसे बनता है: Weather Forecast कैसे बनता है? टेक्नोलॉजी, एक्युरेसी और आम जिंदगी पर असर

पहाड़ों में बिना नेटवर्क नेविगेशन: बिना इंटरनेट के भी काम करेगा नेविगेशन, एंड्रॉइड और आईफोन में ऐसे डाउनलोड करें Offline Google Maps

चक्रवात अर्नब की पूरी खबर: Cyclone Arnab LIVE Updates: चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश तट पर दी दस्तक, पूर्वी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

‘जनता सरकार चुनती है, सरकार जनता को नहीं’: CJP ने INDIA गठबंधन की 1 नवंबर की रैली का किया समर्थन

Power Delivery और Quick Charge में क्या अंतर है? आपके फोन या लैपटॉप के लिए कौन सा चार्जर है बेस्ट

भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार, ₹22 लाख करोड़ तक पहुंचा कारोबार

WhatsApp Group
Join Now
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular