UTTARAKHAND ROAD SAFETY: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में राज्य में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना प्रभावित लोगों को आयुष्मान योजना के साथ-साथ अन्य अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने हेतु परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से एक प्रस्ताव तैयार करें, ताकि घायल व्यक्तियों को तुरंत और निर्बाध उपचार मिल सके।

UTTARAKHAND ROAD SAFETY: बॉडर्स पर चेकिंग और ऑटोमेटेड ट्रैफिक सिस्टम पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाने, पर्वतीय मार्गों पर विशेष सतर्कता बढ़ाने और वाहनों में ओवरलोडिंग को पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के पालन के लिए आम जनता को लगातार जागरूक किया जाए और आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ट्रैफिक प्रबंधन को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री धामी ने नियमित स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित अभियान चलाने, यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ रोजाना प्रभावी कार्रवाई करने और सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रतिक्रिया समय (response time) को न्यूनतम रखने पर जोर दिया।

उन्होंने परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को सड़क सुरक्षा पर प्रत्येक माह संयुक्त बैठक करने और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क किनारे वन विभाग द्वारा पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगौली, बृजेश कुमार संत, वी. षणमुगम, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, आयुक्त परिवहन रीना जोशी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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