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उत्तराखंड में जमकर बरस रहे हैं बादल, अगले कुछ दिन ऐसे रहने वाले हैं मौसम के हाल-

UTTARAKHAND MONSOON: लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 जून को अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा प्रदेश के कई हिस्सों से होकर गुजर रही है और आगामी दो से तीन दिनों के भीतर इसके शेष क्षेत्रों में भी पूर्ण रूप से सक्रिय होने की संभावना है।

UTTARAKHAND MONSOON के आगमन के साथ ही हरिद्वार को छोड़कर लगभग सभी जनपदों में रुक-रुककर वर्षा का क्रम आरंभ हो चुका है, जिससे निवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी पूर्वानुमान है कि इस वर्ष के पूरे मानसून सीजन के दौरान उत्तराखंड में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है।

जून महीने के वर्षा आंकड़े

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने इस मौसमी बदलाव के संदर्भ में विस्तृत आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जून के महीने में उत्तराखंड में कुल 83 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जून माह का ऐतिहासिक औसत लगभग 132 मिलीमीटर होना चाहिए था। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि मानसून के आगमन से पूर्व राज्य में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है।

वर्तमान मौसम प्रणाली के विश्लेषण के अनुसार, पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक मौसमी द्रोणिका सक्रिय बनी हुई है, जिसके प्रभाव से उत्तराखंड के वायुमंडल में पर्याप्त नमी पहुंच रही है। इसके साथ ही, दो जुलाई से क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है, जिससे आगामी दिनों में वर्षा की तीव्रता में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

UTTARAKHAND MONSOON को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

UTTARAKHAND MONSOON की सक्रियता बढ़ने के कारण मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। मुख्य रूप से एक और दो जुलाई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की आशंका व्यक्त करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त तीन और चार जुलाई को राज्य के अनेक क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, एक जुलाई को राजधानी देहरादून और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जिसके कारण इन दोनों जनपदों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तिथि को टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

इसके साथ ही राज्य के सभी पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर पड़ने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में आगामी 6 जुलाई तक मौसम का यही मिजाज बने रहने के आसार हैं।

UTTARAKHAND MONSOON
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दो जुलाई से चार जुलाई तक का विस्तृत पूर्वानुमान

आगामी दो जुलाई को UTTARAKHAND MONSOON की गंभीरता को देखते हुए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त इसी दिन हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है।

तीन जुलाई और चार जुलाई के संदर्भ में जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।

तापमान की स्थिति

मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में ऊधम सिंह नगर जिले का खटीमा क्षेत्र 35.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेशभर में सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है। वहीं दूसरी ओर, नैनीताल जिले का मुक्तेश्वर क्षेत्र 16.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान दर्ज हुआ है।

UTTARAKHAND MONSOON की तात्कालिक संभावनाओं को देखते हुए बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों के जिला प्रशासन द्वारा कक्षा 12 तक के सभी शासकीय व अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही, ऋषिकेश में मानसून के आगमन और गंगा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत गंगा में राफ्टिंग गतिविधियों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

भूस्खलन का खतरा और चारधाम यात्रियों के लिए एडवाइजरी

UTTARAKHAND MONSOON के कारण मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन होने, चट्टानें खिसकने और मुख्य मार्गों पर भारी मलबा आने की घटनाओं के प्रति सचेत किया है। पर्वतीय गदेरों और प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से मैदानी व निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा भी बना हुआ है।

विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों के बाधित होने की आशंका के बीच राज्य प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आ रहे सभी श्रद्धालुओं से अत्यधिक सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों को नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और जलभराव वाले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है।

डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई UTTARAKHAND MONSOON से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

 UTTARAKHAND MONSOON

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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