UTTARAKHAND MONSOON: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में प्रदेश की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत नदी सुरक्षा कार्यों और डिसिल्टिंग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून सीजन के दौरान होने वाली भारी वर्षा और उससे उत्पन्न होने वाली बाढ़ की आशंकाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए कि मानसून के आगमन से पहले सभी सुरक्षात्मक और नदी सफाई से संबंधित कार्य अनिवार्य रूप से समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं ताकि जनमाल के नुकसान को कम किया जा सके।
UTTARAKHAND MONSOON: जल संरक्षण और भूजल संवर्द्धन के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य
समीक्षा बैठक में लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में जल संरक्षण, संवर्द्धन और संभरण योजनाओं के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अब तक विभाग द्वारा पूरे राज्य में 708 चेक डैम का निर्माण संपन्न किया जा चुका है। इसके साथ ही मैदानी जिलों ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार में भूजल स्तर को सुधारने के लिए 419 रिचार्ज शाफ्ट स्थापित किए गए हैं। इन तकनीकी उपायों के माध्यम से सालाना लगभग 108.94 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होने का अनुमान है।

जल स्रोतों का उपचार और वनाग्नि रोकथाम की अग्रिम योजनाएं
बैठक में यह भी साझा किया गया कि प्रदेश के 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग और सारा (SARRA) के माध्यम से 14 महत्वपूर्ण जल स्रोतों के उपचार के लिए संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कैम्पा योजना के तहत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं को पुनर्जीवित और उपचारित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही उन्होंने वन विभाग को आगामी गर्मियों के दौरान वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए अभी से पूरी सतर्कता बरतने और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। (UTTARAKHAND MONSOON)
UTTARAKHAND MONSOON: विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय और अतिक्रमण पर कार्रवाई
उन्होंने निर्देश दिए कि वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के साथ विभाग का नियमित संवाद और समन्वय बना रहना चाहिए। वन संरक्षण और वनाग्नि रोकने की दिशा में बेहतर कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने की बात भी कही गई ताकि जनसहयोग को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने फायर लाइन की समय पर सफाई सुनिश्चित करने और वन भूमि पर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के सख्त आदेश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव युगल किशोर पंत सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

