/ Mar 31, 2026
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UTTARAKHAND LPG: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य ने उत्तराखंड में एलपीजी की मांग और आपूर्ति को लेकर एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ गैस आपूर्ति करने वाली सभी कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया गया था। सभी जिलों के जिला पूर्ति अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक के बाद मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि उत्तराखंड में घरेलू सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है और किसी भी जिले में किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई कृत्रिम अभाव पैदा करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में गैस एजेंसी या स्टोर रूम से सिलेंडर न दिए जाएं। सभी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। जो व्यवसायी कमर्शियल सिलेंडर का कनेक्शन लेना चाहते हैं उन्हें आवेदन के 24 घंटे के भीतर कमर्शियल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश गैस कंपनियों को दिए गए हैं।(UTTARAKHAND LPG)
उत्तराखंड में आने वाले समय में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है और साथ ही विवाह सीजन भी शुरू हो रहा है। ऐसे में गैस की किल्लत न हो इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति करने की मांग की है।(UTTARAKHAND LPG)
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण आयात प्रभावित होने के बावजूद भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। 31 मार्च 2026 तक की स्थिति में आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन औसतन 50 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर डिलीवर कर रही हैं और देशभर में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर सूखापन यानी dry-out की स्थिति नहीं है। भारत में 33 करोड़ से अधिक घरेलू LPG कनेक्शन हैं।
भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है जिसमें से 90 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। मार्च 2026 में आयात घटकर लगभग 11.9 लाख टन रह गया जो फरवरी की तुलना में 46 प्रतिशत कम है। लेकिन सरकार ने Essential Commodities Act के तहत 8-9 मार्च को LPG Control Order जारी कर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को प्रोपेन-ब्यूटेन को LPG पूल में डायवर्ट करने के निर्देश दिए। इससे घरेलू उत्पादन 25 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गया। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाकर दैनिक 50 हजार मीट्रिक टन पहुंचा दिया गया है जो कुल दैनिक जरूरत का 60 प्रतिशत से अधिक है।

होर्मुज बंदी के बावजूद सरकार ने आयात के वैकल्पिक स्रोत सक्रिय किए हैं। अमेरिका से मार्च में रिकॉर्ड 1.76 लाख टन LPG आयात किया गया और पूरे 2026 में 22 लाख टन आयात की योजना है। अर्जेंटीना से पहले तीन महीनों में 50,000 टन का आयात हुआ जो 2025 की तुलना में दोगुना है। रूस और ऑस्ट्रेलिया से भी आपूर्ति जारी है। 17 मार्च तक दो भारतीय टैंकर 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर पहुंच गए। 800 TMT से अधिक LPG कार्गो पहले से सुरक्षित और रास्ते में है। सरकार ने 74 दिन का कुल रिजर्व क्षमता होने की जानकारी दी है।(UTTARAKHAND LPG)
27 मार्च 2026 को अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन मंजूर कर कमर्शियल LPG को संकट पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंचाया गया। रेस्टोरेंट, होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, फूड प्रोसेसिंग, स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए और 14 मार्च से अब तक 29,656 मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल LPG उठाया जा चुका है।(UTTARAKHAND LPG)
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