UTTARAKHAND FOUNDATION DAY 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में उत्तराखण्ड राज्य के शहीद आंदोलनकारियों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों और राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर कचहरी परिसर शहीद स्थल और पुलिस लाइन देहरादून में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।

“राज्य का निर्माण राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि बलिदान और तप का परिणाम”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी दर्दनाक घटनाओं को राज्य आंदोलन के अमर अध्याय बताते हुए कहा कि राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को नमन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन और अन्य सुविधाएं केवल सहायता नहीं, बल्कि कृतज्ञता का प्रतीक हैं।

UTTARAKHAND FOUNDATION DAY 2025: मुख्यमंत्री धामी की प्रमुख घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्रों की प्रमुख अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में वृद्धि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन या उससे अधिक जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये की जाएगी। वहीं, अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जो राज्य आंदोलनकारी विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हो चुके हैं, उनकी पेंशन 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। साथ ही उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था भी की जाएगी। शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालयों में प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए छह माह का समय विस्तार प्रदान किया जाएगा।

“राज्य आंदोलन की भावना ही हमारी प्रेरणा”
मुख्यमंत्री ने अपील की कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासी अपने घरों में पाँच दीपक राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में अवश्य जलाएँ। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य आंदोलन की भावना ही हमारी प्रेरणा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, उपाध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद सुभाष बड़थ्वाल, जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

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