UTTARAKHAND DISASTER RELIEF: उत्तराखण्ड सरकार ने वर्ष 2025 में मानसून के दौरान हुई प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए भारी नुकसान की भरपाई तथा भविष्य में सार्वजनिक संरचनाओं की मरम्मत, पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण के साथ-साथ संभावित आपदा से संरचनाओं, मार्गों और आबादी वाले क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता मांग की है। इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को विस्तृत ज्ञापन भेजा है।

UTTARAKHAND DISASTER RELIEF: विभागीय परिसम्पत्तियों को हुई क्षति
लोक निर्माण विभाग और सार्वजनिक सड़कों को लगभग 1163.84 करोड़, सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों को 266.65 करोड़, ऊर्जा विभाग को 123.17 करोड़, स्वास्थ्य विभाग को 4.57 करोड़, विद्यालयी शिक्षा विभाग को 68.28 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग को 9.04 करोड़, मत्स्य विभाग को 2.55 करोड़, ग्राम्य विकास विभाग को 65.50 करोड़, शहरी विकास को 4 करोड़, पशुपालन विभाग को 23.06 करोड़ और अन्य विभागीय परिसम्पत्तियों को 213.46 करोड़ रुपये का सीधे नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर सभी विभागों की परिसम्पत्तियों को 1944.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

प्राकृतिक आपदा के मानवीय और पशु जनहानि का विवरण
सचिव ने बताया कि वर्ष 2025 में 1 अप्रैल से 31 अगस्त के बीच प्राकृतिक आपदा के कारण कुल 79 लोगों की मौत हुई, 115 लोग घायल हुए और 90 लोग लापता हैं। इसके अलावा 3953 छोटे और बड़े पशु भी मृत हुए हैं। कुल 238 पक्के भवन और 2 कच्चे भवन ध्वस्त हुए, जबकि 2835 पक्के भवन और 402 कच्चे भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त व्यवसायिक भवन, दुकानें, होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और अन्य संरचनाएं भी भारी नुकसान का सामना कर चुकी हैं।

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