/ Mar 23, 2026
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UTTARAKHAND CONGRESS: उत्तराखण्ड में धामी सरकार जहाँ एक ओर अपने कार्यकाल के ‘4 साल बेमिसाल’ का जश्न मना रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार के दावों की हवा निकालने के लिए मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को केंद्रीय चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार के रिपोर्ट कार्ड को ‘छलावा’ करार दिया। कांग्रेस नेताओं ने आर्थिक कुप्रबंधन से लेकर पलायन और भ्रष्टाचार तक के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
प्रीतम सिंह ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त हो चुकी है, जिसके तहत राज्य को 28 हजार करोड़ रुपये मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लचर पैरवी के कारण 16वें वित्त आयोग में राज्य को अपेक्षित धनराशि मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। इससे प्रदेश के विकास कार्यों पर ब्रेक लग सकता है।

सरकार द्वारा 30 हजार युवाओं को रोजगार देने के दावे पर तंज कसते हुए काजी निजामुद्दीन ने कहा कि धरातल पर सच्चाई इसके उलट है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में आज भी लगभग 10 लाख बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं। केवल घोषणाओं से युवाओं का भविष्य नहीं सुधरने वाला।
महिला सशक्तीकरण के दावों के बीच कांग्रेस ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। UTTARAKHAND CONGRESS नेताओं ने बताया कि राज्य में मातृशक्ति का पोषण स्तर गिरकर 56 प्रतिशत तक पहुँच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब माताएं ही कुपोषित रहेंगी, तो ‘स्वस्थ उत्तराखण्ड’ का सपना कैसे पूरा होगा?
UTTARAKHAND CONGRESS ने कृषि क्षेत्र की बदहाली का जिक्र करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य की कृषि विकास दर (Growth Rate) में 4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में जो यूरिया का बैग 50 किलो का मिलता था, उसे अब घटाकर 40 किलो कर दिया गया है और उसकी कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं।
पलायन के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए UTTARAKHAND CONGRESS ने कहा कि अब तक 1726 गांवों से पूर्ण पलायन हो चुका है। रोजगार और सुविधाओं के अभाव में लोग पहाड़ छोड़ रहे हैं, जिसका नतीजा यह है कि राज्य के करीब 1700 विद्यालय ताले लटकने के कारण बंद हो गए हैं।
पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रहार करते हुए काजी निजामुद्दीन ने कहा कि जिले के अस्पताल केवल ‘रेफरल सेंटर’ बनकर रह गए हैं। मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी देहरादून या ऋषिकेश रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

UTTARAKHAND CONGRESS नेताओं ने सीएजी (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ‘नमामि गंगे’ योजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर होने का दावा किया। साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश में खनन, आबकारी और भू-माफियाओं को सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है।
उत्तराखण्ड की राजनीति में ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। 2022 के चुनावों में भाजपा ने इस मुद्दे को उछालकर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल दिया था। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
हरीश रावत ने इसे भाजपा का ‘चुनावी हथकंडा’ बताते हुए कहा, “अगर आपके आसपास कोई मक्कार और झूठी पार्टी हो, तो पहले से ही सावधान रहना चाहिए। भाजपा केवल झूठ के सहारे अपनी सरकार चला रही है।” रावत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी ऐसी किसी यूनिवर्सिटी का वादा नहीं किया था और भाजपा ने केवल ध्रुवीकरण के लिए इस झूठ को फैलाया।
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