ऊर्जा प्रदेश में ही ऊर्जा का संकट…आज लगेगा सबसे बड़ा पाॅवर कट

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देहरादून, ब्यूरो। ऊर्जा प्रदेश के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड खुद ही ऊर्जा (बिजली) के लिए मोहताज है। यही कारण है कि ऊर्जा प्रदेश में इस भीषण गर्मी में आज शनिवार को सबसे बड़ा पावर कट लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। एक दिन पहले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय में ऊर्जा विभाग से संबंधित अफसरों को कड़ी फटकार लगा चुके हैं। सीएम धामी ने इस संकट से उभरने के लिए पहले से ही प्लानिंग तैयार न करने पर नाराजगी जताई थी।

बता दें कि उत्तराखंड को आज सबसे बड़े बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में उत्तराखंड में बिजली की डिमांड 45.5 मिलियन यूनिट के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है। जबकि उपलब्धता सिर्फ 38.5 मिलियन यूनिट ही है। इस कारण आज शनिवार को औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा, छोटे बड़े सभी नगरों में कटौती करने की तैयारी है।

इससे पहले विगत शुक्रवार को उद्योगों में छह घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में चार से पांच घंटे और ज्वालापुर, हल्द्वानी, रुड़की, काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, कालाढूंगी, डोईवाला समेत नगरों में दो-दो घंटे तक की बिजली कटौती की रही। इसके अलावा बड़े नगरों में एक घंटे तक की कटौती रही। प्रदेश की राजधानी देहरादून के कुछ हिस्सों में भी कटौती करनी पड़ी। आज शनिवार के लिए राज्य की डिमांड 45.5 एमयू की डिमांड के मुकाबले सात मिलियन यूनिट बिजली कम है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पांच से छह घंटे, छोटे नगरों में दो से तीन घंटे और बड़े शहरों में एक घंटे से अधिक की कटौती हो सकती है। जबकि फर्नेश उद्योगों में आठ से दस घंटे और अन्य उद्योगों में छह से आठ घंटे तक की बिजली कटौती हो सकती है।

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यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार के अनुसार राज्य को पहले 7.5 एमयू बिजली गैस प्लांट से मिलती थी। जो कि पूरी तरह बंद हैं। इस बार गर्मी बढ़ने से पांच एमयू की डिमांड समय से पहले ही बढ़ गई है। इस तरह राज्य पर 12.5 एमयू का अतिरिक्त भार बढ़ गया है। जहां पहले यूपीसीएल को बाजार से सिर्फ तीन चार एमयू ही बिजली लेनी पड़ती थी। इस बार 15 एमयू तक बिजली लेनी पड़ रही है। बाजार से अधिक रेट की बिजली खरीदने के लिए यूपीसीएल मजबूर है। ऐसे में ऊर्जा प्रदेश की हकीकत सभी के सामने है। कई राज्यों और प्रदेशों को बिजली बनाकर बेचने वाला राज्य खुद ही बिजली संकट में है। आने वाले दिनों में गर्मी के साथ ही पावर कट के कारण लोग परेशानी का सामना करेंगे। उद्योगों में बिना बिजली उत्पादन और कार्य प्रभावित होगा।