UKSSSC PAPER LEAK: UKSSSC की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 21 सितंबर को आयोजित इस परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र के तीन पृष्ठों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का फैसला लिया है, जो एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। परीक्षा शुरू होने के महज एक घंटे बाद प्रश्न पत्र के पन्ने लीक होने की घटना ने आयोग की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े किए।

UKSSSC PAPER LEAK की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि हरिद्वार के आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से यह लीक हुआ, जहां अभ्यर्थी खालिद मलिक ने मोबाइल डिवाइस छिपाकर प्रश्न पत्र की तस्वीरें लीं और अपनी बहन साबिया के माध्यम से टिहरी की सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजीं। खालिद ने परीक्षा केंद्र की पिछली दीवार फांदकर प्रवेश किया और दो बार शौचालय जाने के बहाने फोटो भेजीं। प्रारंभिक जांच में किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता नहीं मिली, लेकिन आयोग के चेयरमैन गणेश सिंह मार्तोलिया ने मोबाइल जैमर लगे होने के बावजूद पेपर लीक होने पर हैरानी जताई।

पुलिस ने मुख्य आरोपी खालिद मलिक को 23 सितंबर को हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र से गिरफ्तार कर देहरादून पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि उसकी बहन साबिया को सबूत छिपाने के आरोप में पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। खालिद की दूसरी बहन हीना और प्रोफेसर सुमन की भूमिका की भी जांच चल रही है। परीक्षा से एक दिन पहले STF ने हाकम सिंह और पंकज गौर को गिरफ्तार किया, जो 2021 के UKSSSC पेपर लीक मामले में पहले भी आरोपी रह चुके हैं।

उन्होंने 12-15 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का वादा किया था। इस मामले में रायपुर थाने में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि हरिद्वार परीक्षा केंद्र के 18 कमरों में से केवल 15 में जैमर लगाए गए थे। खालिद जिस कक्ष संख्या-9 में बैठा था, वहां जैमर की कमी थी। इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया।

विपक्ष का हमला और सरकार का दावा
राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में SIT का गठन किया है, जिसकी निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। SIT सभी जिलों का दौरा करेगी और कोई भी व्यक्ति परीक्षा से जुड़ी जानकारी या सबूत साझा कर सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परीक्षा में अनियमितता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की है, जबकि अभ्यर्थी संगठनों ने परीक्षा रद्द करने और दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की मांग उठाई है।

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