SUNITA WILLIAMS: अंतरिक्ष में 9 महीने 13 दिन बिताने के बाद भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर आखिरकार पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनके साथ अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में मौजूद क्रू-9 के दो अन्य एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी वापसी कर रहे हैं। चारों एस्ट्रोनॉट स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार हुए, जिसका हैच 18 मार्च को सुबह 08:35 बजे बंद हुआ और 10:35 बजे यह ISS से अलग हो गया। अनुमान के मुताबिक, यह 19 मार्च को सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित लैंड करेगा।

कैसे फंसी SUNITA WILLIAMS और उनके साथी?
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को 5 जून 2024 को NASA और बोइंग के संयुक्त ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ के तहत स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष भेजा गया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य बोइंग के नए स्पेसक्राफ्ट की क्षमता को परखना था। यह मिशन सिर्फ 8 दिन का था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण यह 9 महीने लंबा हो गया। स्पेसक्राफ्ट के लॉन्च के बाद ही इसके 28 रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टरों में से 5 फेल हो गए और 5 हीलियम लीक हुईं। NASA ने इसे एस्ट्रोनॉट्स के लिए असुरक्षित मानते हुए 6 सितंबर 2024 को इसे बिना किसी क्रू के पृथ्वी पर वापस बुला लिया।

स्पेसएक्स आया सामने
बोइंग स्टारलाइनर की असफलता के बाद, NASA ने स्पेसएक्स को सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाने की जिम्मेदारी दी। इसके लिए जब 28 सितंबर 2024 को क्रू-9 मिशन लॉन्च हुआ, तो इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स भेजे गए, लेकिन दो सीटें सुनीता और विल्मोर के लिए खाली रखी गईं। स्पेसएक्स की योजना के अनुसार, जैसे ही क्रू-9 अंतरिक्ष में पहुंचा, वहां पहले से मौजूद क्रू-8 के एस्ट्रोनॉट्स अपने स्पेसक्राफ्ट से पृथ्वी पर लौट आए। लेकिन इसके बावजूद, सुनीता और विल्मोर को और भी महीनों तक अंतरिक्ष में इंतजार करना पड़ा क्योंकि क्रू-10 मिशन में देरी हो गई थी।

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