बहुत से नए उद्यमियों के पास अच्छा आइडिया तो होता है, लेकिन शुरुआती पूंजी जुटाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने Startup India Seed Fund Scheme शुरू की है, जिसके तहत योग्य स्टार्टअप को बीस लाख रुपये तक की शुरुआती फंडिंग मिल सकती है।
यह योजना खासतौर पर उन उद्यमियों के लिए बनाई गई है, जिनके पास अभी तक निवेशकों तक पहुंचने का जरिया नहीं है। कई अच्छे आइडिया सिर्फ शुरुआती पूंजी न मिलने की वजह से आगे नहीं बढ़ पाते और यही योजना इस कमी को पूरा करने की कोशिश करती है।
Startup India Seed Fund Scheme क्या है?
Startup India Seed Fund Scheme यानी SISFS भारत सरकार की एक योजना है, जिसे जनवरी 2021 में शुरू किया गया था। इसका मकसद शुरुआती दौर के स्टार्टअप को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और मार्केट में उतरने के लिए वित्तीय सहायता देना है।
इस स्कीम के तहत फंडिंग सीधे स्टार्टअप को न देकर, चुनिंदा इनक्यूबेटर्स के जरिए दी जाती है। DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कितनी फंडिंग मिलती है?
प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट या प्रोटोटाइप बनाने के लिए स्टार्टअप को बीस लाख रुपये तक की सहायता ग्रांट के रूप में मिल सकती है। मार्केट एंट्री या कमर्शियलाइजेशन के लिए यह राशि पचास लाख रुपये तक जा सकती है, जो डेट या कन्वर्टिबल डिबेंचर के रूप में दी जाती है।
कुल मिलाकर एक स्टार्टअप को इस स्कीम से अधिकतम सत्तर लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। राशि सीधे इनक्यूबेटर के जरिए स्टार्टअप के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
आवेदन के लिए पात्रता
आवेदन करने वाली कंपनी DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप होनी चाहिए और उसकी स्थापना को दो साल से ज्यादा समय नहीं बीता होना चाहिए। बिजनेस आइडिया में तकनीक या नवाचार का स्पष्ट इस्तेमाल दिखना जरूरी है, सिर्फ पारंपरिक बिजनेस मॉडल इसके लिए मान्य नहीं है।
स्टार्टअप को किसी अन्य सरकारी योजना से पचास लाख रुपये से ज्यादा की सहायता पहले से नहीं मिली होनी चाहिए। प्रमोटरों का पूरा भारतीय स्वामित्व होना भी जरूरी शर्तों में शामिल है। इसके अलावा आवेदन के समय टीम की योग्यता और बिजनेस आइडिया की व्यावहारिकता को भी बारीकी से परखा जाता है।

Application Process कैसे पूरा करें?
सबसे पहले startupindia.gov.in पोर्टल पर जाकर उपलब्ध इनक्यूबेटर्स की सूची देखी जा सकती है। इसके बाद अपने बिजनेस आइडिया के हिसाब से सही इनक्यूबेटर चुनकर उसकी वेबसाइट या पोर्टल के जरिए आवेदन जमा करना होता है।
आवेदन के साथ पिच डेक, बिजनेस प्लान और टीम की जानकारी देनी होती है। इनक्यूबेटर की चयन समिति आवेदन की समीक्षा करती है और मंजूरी मिलने पर फंडिंग जारी की जाती है। कुछ इनक्यूबेटर्स आवेदन के बाद स्टार्टअप टीम का इंटरव्यू या प्रेजेंटेशन भी लेते हैं, ताकि आइडिया को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Startup India Seed Fund Scheme के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
DPIIT से मान्यता प्राप्त और दो साल से कम पुराने स्टार्टअप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
2. क्या सीधे सरकार से पैसा मिलता है?
नहीं, फंडिंग चुनिंदा इनक्यूबेटर्स के जरिए ही स्टार्टअप को दी जाती है।
3. Startup India Seed Fund Scheme में अधिकतम कितनी राशि मिल सकती है?
प्रोटोटाइप और मार्केट एंट्री दोनों को मिलाकर एक स्टार्टअप को सत्तर लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
4. Startup India Seed Fund Scheme आवेदन की प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
यह चुने गए इनक्यूबेटर की समीक्षा प्रक्रिया पर निर्भर करता है, आमतौर पर कुछ हफ्तों से कुछ महीनों तक का समय लग सकता है।
5. क्या आवेदन रिजेक्ट होने पर दोबारा कोशिश की जा सकती है?
हां, किसी दूसरे इनक्यूबेटर के जरिए दोबारा आवेदन किया जा सकता है, इस बारे में अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए पोर्टल पर देखा जा सकता है।
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