SHARE MARKET में लगातार दूसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। तीन दिनों की भारी गिरावट के बाद शुरू हुई यह रिकवरी आज और मजबूत होकर बंद हुई। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, घरेलू निवेशकों के भरोसे और ऑटो-मेटल सेक्टर की खरीदारी ने बाजार को हरे निशान पर बनाए रखा। 17 मार्च को सेंसेक्स 657 अंक चढ़कर 76,160 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी ने 172 अंकों की बढ़त के साथ 23,581 पर क्लोजिंग दी।
SHARE MARKET की चाल: सपाट शुरुआत के बाद शानदार बढ़त
SHARE MARKET की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई थी। निफ्टी 23,383 और सेंसेक्स 75,454 पर खुले थे। हालांकि, शुरुआती सुस्ती के बाद बाजार ने रफ्तार पकड़ी। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 76,184 के उच्च स्तर तक पहुँचा। बाजार की इस मजबूती में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का भी बड़ा योगदान रहा, जो क्रमशः 1% और 0.5% चढ़कर बंद हुए। सबसे राहत की बात ‘इंडिया VIX’ (वोलेटिलिटी इंडेक्स) में आई 7% की गिरावट रही, जो दर्शाती है कि निवेशकों के बीच घबराहट अब कम हो रही है।

सेक्टर-वार प्रदर्शन: ऑटो और मेटल ने संभाली कमान
आज के कारोबार में सभी सेक्टरों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा, लेकिन भारी उद्योगों ने बाजार को गिरने से बचाया:
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टॉप परफॉर्मर्स: निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 2.11% की शानदार तेजी रही। टाटा स्टील (4.42%) और एमएंडएम (2.85%) जैसे शेयरों ने निवेशकों को खुश किया। मेटल, रियल्टी और इंफ्रा सेक्टर भी 1 से 2% तक मजबूत हुए।
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दबाव वाले सेक्टर: दूसरी ओर, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में कमजोरी देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 1% गिरकर बंद हुआ। विप्रो, इंफोसिस और आईटीसी जैसे दिग्गज शेयर आज के टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल का SHARE MARKET पर असर
पश्चिमी एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष का असर सीधे तौर पर कमोडिटी बाजार पर दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $103 प्रति बैरल के पार पहुँच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने के डर से कुछ कंपनियों के परिचालन पर बुरा असर पड़ा है।
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कंपनियों पर प्रभाव: अल्काइल एमाइन्स ने कच्चे माल (अमोनिया) की कमी के कारण अपने तीन प्लांट बंद कर दिए हैं। वहीं, रेडिंगटन के गल्फ ऑपरेशंस भी युद्ध के कारण प्रभावित हुए हैं।
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ब्रोकरेज की राय: नोमुरा ने निफ्टी का लक्ष्य घटाकर 24,900 कर दिया है और चेतावनी दी है कि यदि तेल $200 तक जाता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर महंगाई और राजकोषीय घाटे का दबाव बढ़ेगा।
प्रमुख शेयरों की हलचल और कॉर्पोरेट अपडेट
SHARE MARKET में कुछ विशेष खबरों ने शेयरों की दिशा तय की:
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टाटा मोटर्स: कंपनी ने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, इसके बावजूद शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज: सैमसंग के साथ $3 बिलियन की ‘ग्रीन अमोनिया’ डील ने भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए।
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ओला इलेक्ट्रिक: सिटी द्वारा टारगेट प्राइस में 18% की कटौती के बाद शेयर 2% से ज्यादा टूट गया।
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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स: 1,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने से निवेशकों का उत्साह बढ़ा।

निवेशकों के लिए टेकअवे
SHARE MARKET में वर्तमान रिकवरी मुख्य रूप से ‘शॉर्ट कवरिंग’ और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के सपोर्ट की वजह से है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली अभी जारी रह सकती है। ऐसे अनिश्चित माहौल में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे पैनिक में आकर बिकवाली न करें और लंबी अवधि के लिए एसआईपी (SIP) के जरिए निवेश जारी रखें। ऑटो और मेटल सेक्टर में फिलहाल मजबूती दिख रही है, जबकि आईटी सेक्टर में सतर्क रहने की जरूरत है।
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