Railway Cloak Room उन यात्रियों के लिए बेहद काम की सुविधा है, जिन्हें स्टेशन पर उतरने के बाद कुछ घंटे या दिन शहर में घूमना या काम निपटाना होता है। भारी बैग लेकर घूमने के बजाय स्टेशन पर ही सामान सुरक्षित रखने का यह आसान तरीका है। फिर भी बहुत से यात्री नहीं जानते कि यह सुविधा कैसे मिलती है, कितना शुल्क लगता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Railway Cloak Room क्या होता है?
Railway Cloak Room रेलवे स्टेशन पर बना एक सुरक्षित कमरा होता है, जहां यात्री तय शुल्क देकर अपना सामान कुछ समय के लिए जमा कर सकते हैं। यह सुविधा भारतीय रेलवे के कमर्शियल विभाग की देखरेख में ज्यादातर बड़े स्टेशनों पर मिलती है। कई स्टेशनों पर क्लॉक रूम के साथ लॉकर की सुविधा भी होती है, जिसमें यात्री खुद अपना सामान रखकर ताला लगा सकते हैं।
Railway Cloak Room इस्तेमाल करने का आसान तरीका
वैध टिकट साथ रखें यह सुविधा सिर्फ रेल यात्रियों के लिए है। सामान जमा करते समय आपको उस यात्रा का वैध टिकट दिखाना होता है, जिससे आप स्टेशन पर पहुंचे हैं या आगे जाने वाले हैं। कई स्टेशनों पर पहचान पत्र भी मांगा जाता है।
सामान पर ताला जरूर लगाएं Railway Cloak Room में आमतौर पर सिर्फ ताला लगा हुआ सामान ही स्वीकार किया जाता है। इसलिए बैग और सूटकेस पर छोटा ताला पहले से लगाकर रखें, खुले थैले या बिना चेन वाले बैग अक्सर नहीं लिए जाते।
रसीद संभालकर रखें
सामान जमा करने पर क्लॉक रूम स्टाफ एक रसीद देता है, जिसमें जमा करने की तारीख, समय और पैकेज की संख्या लिखी होती है। सामान वापस लेते समय यही रसीद दिखानी होती है, इसलिए इसे खोने न दें और फोन में उसकी फोटो भी ले लें। वापसी पर शुल्क चुकाएं सामान वापस लेते समय रसीद देकर तय शुल्क चुकाना होता है। कई स्टेशनों पर भुगतान नकद में ही लिया जाता है, इसलिए कुछ खुले पैसे साथ रखें।

कितना लगता है शुल्क?
शुल्क हर पैकेज के हिसाब से और हर 24 घंटे या उसके हिस्से के आधार पर लिया जाता है। पहले 24 घंटे की दर कम होती है और उसके बाद हर अगले दिन के लिए थोड़ा ज्यादा शुल्क लगता है। Railway Cloak Room का शुल्क हर स्टेशन पर एक जैसा नहीं होता, क्योंकि रेलवे ने मंडल स्तर पर दरें तय करने की छूट दी है। ज्यादातर स्टेशनों पर पहले 24 घंटे के लिए प्रति बैग लगभग 15 से 30 रुपये लगते हैं। सही दर Railway Cloak Room काउंटर पर लगे बोर्ड से जरूर जांच लें।
कितने दिन तक रख सकते हैं सामान?
सामान रखने की अधिकतम अवधि भी स्टेशन के नियम पर निर्भर करती है और यह कुछ दिनों से लेकर लगभग एक महीने तक हो सकती है। तय समय के बाद भी सामान न लिया जाए, तो रेलवे उसे लॉस्ट प्रॉपर्टी ऑफिस भेज सकता है या नियम के अनुसार उसका निपटारा कर सकता है।
किन चीजों को जमा नहीं कर सकते?
ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक, गैस सिलेंडर, खराब होने वाला खाना और किसी भी तरह का प्रतिबंधित सामान Railway Cloak Room में नहीं रखा जा सकता। जानवर या पक्षी भी स्वीकार नहीं किए जाते। नकदी, गहने, लैपटॉप और जरूरी दस्तावेज जैसी कीमती चीजें अपने पास ही रखें, क्योंकि ऐसे सामान के नुकसान पर रेलवे की जिम्मेदारी सीमित होती है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यात्रा से पहले पता कर लें कि जिस स्टेशन पर आप उतर रहे हैं, वहां क्लॉक रूम है या नहीं और उसके खुलने का समय क्या है। सही तैयारी के साथ Railway Cloak Room आपकी यात्रा को काफी आरामदायक बना सकता है। रेल यात्रा से जुड़ी और जानकारी के लिए ये लेख भी पढ़ें: रेलवे पार्सल सर्विस से सामान कैसे भेजें, RAC और वेटिंग टिकट में असली अंतर और सफर में डिजिटल कॉपी कब चलती है और कब चाहिए ओरिजिनल ID।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या बिना टिकट Railway Cloak Room में सामान रख सकते हैं?
नहीं, यह सुविधा सिर्फ रेल यात्रियों के लिए है। सामान जमा करते समय वैध यात्रा टिकट दिखाना जरूरी होता है।
2. Railway Cloak Room की रसीद खो जाए तो क्या करें?
तुरंत क्लॉक रूम स्टाफ या स्टेशन मास्टर को सूचना दें। पहचान पत्र और सामान की पहचान साबित करने के बाद आमतौर पर लिखित प्रक्रिया के जरिए सामान मिल जाता है।
3. क्या Railway Cloak Room 24 घंटे खुला रहता है?
बड़े स्टेशनों पर अक्सर यह 24 घंटे खुला रहता है, लेकिन छोटे स्टेशनों पर इसका समय सीमित हो सकता है। जाने से पहले स्टेशन पर पूछताछ कर लें।
4. क्लॉक रूम से जुड़ी शिकायत कहां करें?
आप 139 हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं या रेलवे के आधिकारिक रेलमदद पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।
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