भारत में खेती मौसम पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है, और मौसम की मार से हर साल लाखों किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में उन्हें आर्थिक सहारा देने के लिए सरकार ने एक बड़ी बीमा योजना शुरू की थी। इसी योजना को आज हम आसान भाषा में समझेंगे, यानी PM Fasal Bima Yojana क्या है और यह किसानों की किस तरह मदद करती है।
PM Fasal Bima Yojana क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक फसल बीमा योजना है, जिसे कृषि मंत्रालय चलाता है। इसका मकसद प्राकृतिक आपदाओं की वजह से फसल खराब होने पर किसानों को कम प्रीमियम में बीमा सुरक्षा देना है। इस योजना के तहत सूखा, बाढ़, भारी बारिश, ओलावृष्टि और कीट प्रकोप जैसी कई वजहों से हुए नुकसान को कवर किया जाता है। यह योजना बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक के नुकसान को भी शामिल करती है।
यह कैसे काम करती है?
इस योजना में मालिक और बटाईदार दोनों तरह के किसान शामिल हो सकते हैं, चाहे उन्होंने बैंक से कर्ज लिया हो या नहीं। पहले बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य थी, लेकिन अब यह सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है।
प्रीमियम की दर बहुत कम रखी गई है, खरीफ फसलों के लिए किसान को सिर्फ दो प्रतिशत और रबी फसलों के लिए डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। व्यावसायिक और बागवानी फसलों के लिए यह दर पांच प्रतिशत तक होती है। बाकी प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं।
फायदे और उपयोग
इस योजना से किसानों को फसल खराब होने के बावजूद पूरी तरह टूटने से बचाया जाता है, क्योंकि उन्हें तय मुआवजा मिल जाता है। इससे किसान अगली फसल के लिए फिर से निवेश करने की हिम्मत जुटा पाते हैं। कम प्रीमियम होने की वजह से छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इस योजना में शामिल हो पाते हैं, जिससे उन्हें भी बड़ी फसल बीमा कंपनियों जैसी सुरक्षा मिल जाती है।

मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल से नामांकन आसान होने की वजह से अब ज्यादा किसान इससे जुड़ पा रहे हैं। लंबी अवधि में यह योजना खेती को एक जोखिम भरे पेशे से थोड़ा ज्यादा भरोसेमंद पेशा बनाने में मदद करती है, क्योंकि किसानों को पता होता है कि प्राकृतिक आपदा आने पर भी उनके पास एक सहारा मौजूद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- PM Fasal Bima Yojana किसके लिए है?
यह योजना सभी किसानों के लिए है, चाहे वे जमीन के मालिक हों या बटाईदार, और चाहे उन्होंने बैंक से कर्ज लिया हो या नहीं। - PM Fasal Bima Yojana में प्रीमियम कितना देना होता है?
खरीफ फसलों के लिए दो प्रतिशत, रबी फसलों के लिए डेढ़ प्रतिशत और व्यावसायिक फसलों के लिए पांच प्रतिशत तक प्रीमियम देना होता है। - क्या यह योजना अनिवार्य है?
नहीं, अब यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है, पहले सिर्फ कर्ज लेने वाले किसानों के लिए अनिवार्य थी। - PM Fasal Bima Yojana में नामांकन कैसे होता है?
नामांकन बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर या पीएमएफबीवाई पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। - इस बारे में पूरी जानकारी कहां मिल सकती है?
कृषि मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना से जुड़े सभी नियम और अपडेट दिए गए हैं।
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