PARLIAMENT WINTER SESSION 2025 शुरू हो गया है। नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। यह 18वीं लोकसभा का छठा सत्र है, जो कुल 19 दिनों तक चलेगा। सत्र में 15 बैठकें होंगी और इसका समापन 19 दिसंबर को निर्धारित है। सरकार और विपक्ष दोनों ने इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संसद में गैर-जरूरी हंगामे से बचते हुए देशहित के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे सदन को सुचारू रूप से चलने दें और सकारात्मक बहस करें।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कुछ दल चुनावी गुस्सा सदन में निकालते हैं और सदन को राज्य की राजनीति का मंच बना देते हैं; उन्हें अपनी रणनीति बदलनी चाहिए और सांसदों को अभिव्यक्ति का मौका देना चाहिए। शीतकालीन सत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह सत्र देश की प्रगति को गति देगा, लोकतंत्र की मजबूती दुनिया देख रही है और भारत ने साबित किया है कि लोकतंत्र परिणाम दे सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के नए सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और जीवनभर समाज सेवा में समर्पित रहे हैं, इसलिए सदन के सदस्य उनकी गरिमा और सदन की मर्यादा बनाए रखेंगे।

PARLIAMENT WINTER SESSION 2025 में आर्थिक विधेयकों पर भी रहेगी नजर
PARLIAMENT WINTER SESSION 2025 में सरकार लगभग 13 से 14 विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिनमें 10 नए विधेयक शामिल हो सकते हैं। ‘परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025’ सबसे प्रमुख बिल है। इसी तरह ‘उच्च शिक्षा आयोग विधेयक’ भी एजेंडे में है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। इसके अलावा बैंकिंग और रेलवे क्षेत्र से जुड़े पुराने संशोधन बिलों पर भी चर्चा की संभावना है। ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2025’ और ‘स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक’ के पेश होने की संभावना जताई जा रही है। इन विधेयकों के जरिए पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स ढांचे में बदलाव किया जा सकता है।

विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
विपक्षी गठबंधन इंडिया ने सत्र से पहले बैठक कर अपनी रणनीति तैयार की है। उनका मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सरकार से जवाब मांगना है। इसके अलावा ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित विशेष चर्चा भी सदन में तीखी बहस का कारण बन सकती है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार नियमों के तहत हर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करनी चाहिए। सत्र की शुरुआत से ही माहौल में गर्मी देखी जा रही है। (PARLIAMENT WINTER SESSION 2025)

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