PARLIAMENT MONSOON SESSION 2025 आज से शुरू हो गया है और यह 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह 18वीं लोकसभा का पांचवां सत्र है, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के कारण 13 और 14 अगस्त को सदन की कार्यवाही नहीं होगी। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया और सत्र को राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सांसदों से रचनात्मक चर्चा का आह्वान किया।

PARLIAMENT MONSOON SESSION 2025 से पहले प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने मात्र 22 मिनट में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि माओवाद और नक्सलवाद की गतिविधियां घट रही हैं और रेड कॉरिडोर अब ग्रीन जोन में बदल रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में जल भंडारण क्षमता में तीन गुना वृद्धि हुई है, महंगाई दर दो अंकों से गिरकर लगभग 2% रह गई है, और भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सत्र में प्रस्तावित विधेयक और चर्चाएं
सरकार PARLIAMENT MONSOON SESSION में कुल 16 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें 8 नए विधेयक शामिल हैं। मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक, आयकर विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक और भारतीय बंदरगाह विधेयक प्रमुख हैं। इसके अलावा मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने और अनुदान मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक भी सत्र का हिस्सा होंगे।

सर्वदलीय बैठक और समन्वय की कोशिशें
PARLIAMENT MONSOON SESSION से पहले 20 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें 51 दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रिजिजू ने सभी दलों से संसद की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और रचनात्मक बनाने की अपील की। विपक्ष की ओर से मणिपुर संकट, पहलगाम हमला और महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्याओं जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी गई। इस सत्र में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी चर्चा का विषय रहेगा। कांग्रेस सहित 100 से अधिक सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।
संभावित हंगामा और सत्र की दिशा
सत्तापक्ष जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है, वहीं विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेह ठहराने की रणनीति में जुटा है। ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम हमला, मणिपुर की स्थिति और अन्य संवेदनशील विषयों पर लोकसभा और राज्यसभा में तीखी बहस और टकराव के आसार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद का यह मॉनसून सत्र रचनात्मक विमर्श का मंच बनता है या हंगामे की भेंट चढ़ जाता है।(PARLIAMENT MONSOON SESSION)

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