NEPAL UTTARAKHAND BORDER: नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के बाद राजनीतिक अस्थिरता गहराती जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राज्य की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उच्चाधिकारियों, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और पुलिस अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। बैठक का उद्देश्य नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में किसी भी संभावित खतरे से निपटने और हालात पर लगातार नजर बनाए रखना था।

NEPAL UTTARAKHAND BORDER: नेपाल में राजनैतिक संकट
नेपाल में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने गंभीर रूप ले लिया है। सोमवार को शुरू हुआ यह आंदोलन, जो शुरुआत में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ था, अब भ्रष्टाचार और सरकारी कुप्रबंधन को लेकर गुस्से का स्वरूप ले चुका है। काठमांडू और अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और कई सरकारी परिसरों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर वहां सेना की तैनाती करनी पड़ी। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल की स्थिति पर चिंता जताई है।

इन घटनाओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने नेपाल से सटी अपनी सीमाओं पर सुरक्षा और सतर्कता को और बढ़ा दिया है। चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जैसे सीमावर्ती जिलों में SSB के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही सीमा पर निगरानी और गश्त को सख्त कर दिया गया है। बैठक में सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए सीमा पर हर स्तर पर चौकसी बरती जाए और स्थानीय प्रशासन व SSB के बीच बेहतर समन्वय बना रहे, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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