देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कथित पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच संसद की स्थायी समिति ने National Testing Agency यानी NTA के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है। यह कदम NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधारों की समीक्षा के लिए उठाया गया है।
NEET UG 2026 Paper Leak मामले पर संसद की सख्ती

NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद अब संसद तक पहुंच चुका है। संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की स्थायी समिति ने NTA चेयरपर्सन प्रदीप कुमार जोशी और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को 21 मई को पेश होने के लिए कहा है। समिति इस मामले में अब तक हुई जांच, सुरक्षा चूक और भविष्य के सुधारों पर जवाब मांग रही है।
इस समिति की अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। समिति विशेष रूप से यह जानना चाहती है कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक कैसे हुआ और लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में क्यों पड़ा।
NEET UG 2026 Paper Leak से छात्रों में गुस्सा
NEET UG 2026 पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर छात्रों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक मेहनत की, लेकिन पेपर लीक ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #NEETPaperLeak और #NTA ट्रेंड कर रहे हैं। कई छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
NTA Reforms पर होगी बड़ी समीक्षा
संसदीय समिति केवल पेपर लीक की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि NTA सुधारों की भी समीक्षा करेगी। समिति K राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर हुई कार्रवाई का भी आकलन करेगी।
इन सुधारों में डिजिटल निगरानी, प्रश्नपत्र सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों पर CCTV मॉनिटरिंग और कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली जैसे बदलाव शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार NEET परीक्षा को भविष्य में CBT यानी Computer Based Test मोड में आयोजित करने पर भी विचार कर रही है।
NEET UG 2026 Re-Exam की तैयारी तेज
पेपर लीक विवाद के बाद सरकार और NTA ने NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। नई परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
NTA ने छात्रों के लिए रिफंड पोर्टल भी शुरू कर दिया है, जहां उम्मीदवार परीक्षा शुल्क वापसी और परीक्षा केंद्र में बदलाव जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार ने NTA को 20 दिनों के भीतर परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें प्रश्नपत्र परिवहन, पुलिस निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाओं को और कड़ा किया जाएगा।
CBI जांच में सामने आए नए खुलासे
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation यानी CBI कर रही है। जांच एजेंसियों ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कथित कोचिंग नेटवर्क की भूमिका की भी जांच हो रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों पर परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्न उपलब्ध कराने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी जांच के दायरे में
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भूमिका भी जांच के घेरे में है। सरकार ने Meta, Google और Telegram जैसी कंपनियों से फर्जी पेपर लीक पोस्ट्स और अफवाहों को रोकने के लिए सहयोग मांगा है।
सरकार का कहना है कि कई फर्जी चैनल छात्रों में भ्रम फैला रहे थे और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहे थे।
विपक्ष ने सरकार और NTA पर साधा निशाना
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि NTA लगातार परीक्षा संचालन में विफल रहा है और छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया गया है।
विपक्षी नेताओं ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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मेडिकल छात्रों के भविष्य पर बड़ा असर
NEET UG भारत की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश मिलता है। पेपर लीक विवाद ने लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर पर गंभीर असर डाला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे परीक्षा घोटाले देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर कर रहे हैं।
NEET UG 2026 Paper Leak पर आगे क्या?
अब सभी की नजर संसद की स्थायी समिति की बैठक और CBI जांच पर टिकी हुई है। यदि जांच में गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव हो सकते हैं। साथ ही परीक्षा प्रणाली में टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों को तेजी से लागू किया जा सकता है।
NEET UG 2026 पेपर लीक मामला केवल एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। लाखों छात्र अब निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं।

