महामहिम ने सामने रखा धामी सरकार का विजन और योजनाओं का खाका

0
147

कई कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए धामी सरकार की राज्यपाल की ओर से की गई भूरी-भूरी प्रशंसा

देहरादून, ब्यूरो। आज मंगलवार को उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र का आगाज हो चुका है। सुबह 11ः00 बजे से राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया। राज्यपाल  के अभिभाषण में सरकार की तमाम योजनाओं का खाका और पूर्व की उपलब्धियों का बखान भी देखने को मिला है। इसके अलावा राज्यपाल की ओर से पुष्कर सिंह धामी सरकार की भूरी भूरी प्रशंसा भी की गई। राज्यपाल डॉ गुरमीत सिंह ने कहा राज्य सरकार की ओर से समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित पेंशन, छात्रवृत्ति एवं विवाह अनुदान योजनाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से डी.बी.टी. के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य में वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों, किसानों व परित्यक्त महिलाओं को ससमय पेंशन दी जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों की सहायता एवं समस्याओं के त्वरित निदान हेतु राज्य स्तर पर राष्ट्रीय हैल्पलाइन प्रारम्भ की गयी है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अधीन 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाले ग्रामों को आदर्श ग्राम हेतु चयनित किया गया है। राज्य में दिव्यांग सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है।

राज्य में अल्पसंख्यक मेघावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अधीन वित्तीय वर्ष 2021-22 में दो हजार नौ सौ नबे छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं। उत्तराखण्ड के द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं की पेंशन को आठ हजार से बढ़ाकर दस हजार किया गया। जिला देहरादून के गुनियाल गाँव में शौर्य स्थल (सैन्य धाम) के निर्माण हेतु राज्य के शहीद सैनिकों के घर आंगन की मिट्टी को लाने के लिए शहीद सम्मान यात्रा का आयोजन किया गया। उत्तराखण्ड के विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कारों यथा परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल, उत्कृष्ट सेवा एवं विशिष्ट सेवा मेडल से विभूषित पदक धारकों की पुरस्कार राशि में वृद्धि की गयी है। राज्य में विगत चार वर्षों में अठानबे हजार चार सौ बयालीस हेक्टेयर में सात करोड़ छियासी लाख पौधों का रोपण किया गया।

राज्य में लीसा विदोहन द्वारा प्रति वर्ष लगभग एक लाख क्विंटल लीसे का विदोहन किया जाता है, जिससे लगभग पचपन करोड़ राजस्व की प्राप्ति के साथ-साथ लगभग बारह लाख मानव दिवस रोजगार सृजन होता है। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य के बनावरण में 8 वर्ग किमी० की वृद्धि हुई है। औद्योगिक इकाईयों में कम प्रदूषणकारी ईंधन को प्रयुक्त किये जाने के उद्देश्य से एल०पी०जी० एल०एन०जी० पी०एन०जी० एल०एस०एच०एस०, एच०एस०डी०, बायोगैस, बायोफ्यूल, कोल, वुड, पिरूल एवं आर०डी०एफ० को ईंधन के रूप में अनुमन्य किये गये हैं। प्रदूषणकारी ईंधन जैसे-पैट कोक एवं फर्नेश ऑयल का प्रयोग मार्च, 2024 तक पूर्ण रूप से बन्द किया जाना है।

ई-वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इलैक्ट्रिक दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों के क्रय किये जाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गंगा नदी में 38 स्थानों पर तथा राज्य में कुल 112 स्थानों पर नदियों एवं भू-जल की जल गुणवत्ता का नियमित रूप से अनुश्रवण किया जा रहा है। पर्यावरण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के सभी सकारात्मक एवं नकारात्मक अंतःक्रियाओं तथा पर्यावरण पर अर्थव्यवस्था के प्रभावों एवं अर्थव्यवस्था में पर्यावरण के योगदान के दृष्टिगत सकल पर्यावरणीय उत्पाद को परिभाषित कर क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की गयी है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किये गये महत्वपूर्ण योगदान के लिए सुन्दरलाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार प्रदान किये जाने की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। पुरस्कार में नगद धनराशि एवं ब्रह्म कमल ट्राफी प्रदान की जाती है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को रोजगार, सत्त आजीविका एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण प्रयास किये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रशासकीय विभागों के अन्तर्गत छिहत्तर हजार नौ उनहत्तर (76069) पदों पर नियमित नियुक्तियाँ प्रदान की गयी एवं एक हजार पाँच सौ चैवन (1554) पदों का अधियाचन उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा परीक्षाओं को आधुनिक व नई तकनीक से कराये जाने की दृष्टि से ऑनलाइन परीक्षायें प्रारम्भ की गयी। ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा कृषकों को स्वरोजगार अवसर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजनान्तर्गत आर प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। कोविड-19 के पश्चात् प्रदेश में लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिये उत्तराखण्ड राज्य में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लागू की गई है। समस्त सेवायोजन कार्यालय एवं कैरियर काउंसलिंग सेन्टर के माध्यम से कैरियर वार्ताओं का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के युवाओं एवं युवतियों को रोजगार सृजन के लिए मुख्यमंत्री ई-रिक्शा कल्याण योजना के अधीन ई-रिक्शा खरीद के लिए 09 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण वितरित किया जा रहा है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजनान्तर्गत ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर एक हजार पाँच सौ दस युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया।

रोजगार परक व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चैबीस हजार तीन सौ अडानबे (24398) युवाओं को प्रशिक्षित किया गया जिसमें छह हजार पाँच सौ एक (6501) युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है तथा नौ हजार छह सौ सोलह (9616) युवाओं द्वारा स्वरोजगार अपनाया गया है। राज्य के प्रत्येक जिले से दो उत्पादों को चिन्हित करते हुए उनके उत्पादन को बढ़ावा दिये जाने हेतु एक जनपद दो उत्पाद योजना प्रारम्भ की गयी है। छोटे व्यवसायियों एवं उद्यमियों को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री स्वरोजगार अति सूक्ष्म (नैनो) उद्यम योजना के अंतर्गत पचास हजार रूपये तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के नौ सीमान्त विकासखंडो में आवासित परिवारों को सतत आजीविका एवं स्वरोजगार के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराते हुए सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकने का प्रयास किया जा रहा है। औद्योगिक प्रोत्साहन एवं आंतरिक व्यापार विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत बौद्धिक सम्पदा भारत द्वारा राज्य के सात उत्पादों कुमाऊ च्यूरा ऑयल, मुनस्यारी राजमा, उत्तराखण्ड का भोटिया दन, उत्तराखण्ड ऍपण, उत्तराखण्ड रिंगाल क्राफ्ट, उत्तराखण्ड ताम्र उत्पाद एवं उत्तराखण्ड थुलमा को जियोग्राफिकल इंडिकेशन प्रदान किये गये हैं।

vidhansabha uttarakhand 1

राज्य में लॉजिस्टिक सुविधायें विकसित करने के उद्देश्य से वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लॉजिस्टिक्स ईज एकास डिफेन्ट स्टेटस में राज्य का प्रदर्शन टॉप इम्प्रूवर की श्रेणी में रहा है और राज्य की रैंकिंग 19 वें स्थान से 13 वें स्थान पर आ गयी है। राज्य द्वारा मेगा इण्डस्ट्रियल एण्ड इन्वेस्टमेंट नीति, 2021 संशोधित मेगा टैक्सटाइल नीति, 2021 प्रख्यापित की गयी है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत पशुपालन विभाग से संबंधित दुधारू पशु (गाय-भैंस पालन), भेड़-बकरी पालन, कुक्कुट पालन, खच्चर पालन एवं सूकर पालन हेतु लाभार्थियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया। बद्री नस्ल की गौ पशुओं के उन्नयन हेतु फील्ड परफॉगैस रिकार्डिंग का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है तथा राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, कालसी में देशी नस्ल की गायों में ओवम पिकअप इन विट्रोफर्टिलाईजेशन एवं फील्ड इम्ब्रयो ट्रांसफर की स्थापना की गई।

पशुधन की मृत्यु से पशुपालकों को होने वाली आर्थिक क्षति से बचाने हेतु पशुधन बीमा योजना संचालित की जा रही है। प्राथमिक सहकारी समिति के सदस्यों के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और बाई बैक अनुबन्ध पर बकरियाँ क्रय कर उच्च गुणवत्ता का स्वच्छ हिमालयन गोट मीट उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में ग्राम स्तर पर गठित चार हजार दो सौ चैवालिस दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के सदस्यों द्वारा एक लाख बानबे हजार लीटर दूध प्रतिदिन औसत रूप से उपार्जन किया जा रहा है। 10. मात्स्यिकी क्षेत्र खाद्य और पोषण सुरक्षा के साथ मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि में योगदान देते हुए रोजगार सृजित कर रहा है।

ट्राउट फार्मिंग एवं ग्राम समाज के तालाबों के पुनरुद्धार के लिए विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। उत्पादित मछलियों को उत्तराफिश ब्रॉण्ड के अन्तर्गत राज्य एवं राज्य के बाहर विक्रय किया जा रहा है। मैदानी जनपदों में रीसर्कुलेट्री तकनीक को विस्तारित करते हुए रीसकुलेट्री सिस्टम एवं बायोपलॉक यूनिटों की स्थापना की जा रही है। 11. राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए सरकार द्वारा ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होमस्टे अनुदान योजना प्रारम्भ की गयी।

उत्तराखण्ड राज्य को वर्ष 2018 में सर्वश्रेष्ठ साहसिक पर्यटन प्रदेश पुरस्कार से पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। इसी वर्ष राज्य को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी सर्वोत्तम फिल्म अनुकूल प्रदेश पुरस्कार प्राप्त हुआ। सुरकण्डा देवी रोपवे का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत गैर वाहन मद के लिए सब्सिडी की धनराशि में वृद्धि की गई है। भारत सरकार की प्रसाद योजना के अन्तर्गत गंगोत्री एवं यमुनोत्री के विकास हेतु चैवन करोड छत्तीस लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। बद्रीनाथ के सुनियोजित विकास हेतु प्रथम चरण में दो सौ छियालिस करोड़ रूपये का निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व निधि (सी०एस०आर० फण्ड) के अन्तर्गत वित्त पोषण किये जाने की कार्यवाही गतिमान है।

संस्कृति विभाग का उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण-संवर्द्धन एवं उनका सर्वांगीण विकास करना है। प्रदेश की ऐतिहासिक एवं पौराणिक लोक सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए महत्वकांक्षी योजना हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, देहरादून को क्रियान्वित कराया जाना प्रस्तावित है।

वीरागंना तीलू रौतेली के नाम पर उनके पैतृक जन्म स्थल वीरोंखाल में उनके शौर्य एवं संघर्ष से जुड़ी वर्णित घटनाओं को संग्रहित किये जाने के लिए संग्रहालय स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा विगत वर्षों में गढ़वाल एवं कुमाऊँ में आई आपदा के प्रभावित सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में हैलीकॉप्टर से राहत कार्य किया गया है।

उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के सफल संचालन के क्रम में वर्ष 2020 में डवेज च्तवंबजपअम ैजंजम से सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के निर्धारित रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अन्तर्गत चयनित मार्गों एवं स्थानों में हैली सेवा उपलब्ध कराने हेतु हैलीपोर्ट निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है।

राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा हेतु चार्टर हैली सेवायें आरम्भ की गयी है। वर्ष 2017-18 से चार्टर हैली सेवाओं की आय में उत्तरोत्तर वृद्धि परिलिक्षित हुई है। 14. राज्य में किसानों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना संचालित है।

मुख्यमंत्री घरयारी कल्याण योजनान्तर्गत पशुपालकों एवं पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को सायलेज एवं सम्पूर्ण मिश्रित पशुआहार उपलब्ध कराया जा रहा है। 15. कृषि विभाग के अन्तर्गत मुनस्यारी राजमा के लिये जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग प्राप्त कर लिया गया है। लाल धान, बेरीनाग चाय, गहत, मण्डुवा, झंगोरा, बुरोस जूस काला भट्ट, चैलाई अल्मोड़ा लाखोरी मिर्च, पहाड़ी तोर दाल तथा माल्टा के जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग हेतु कार्यवाही गतिमान है। राज्य में सगन्ध तेलों के मूल्य संवर्धन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सात प्रयोगशालाओं की स्थापना की गयी है। उत्तराखण्ड राज्य में पेराई सत्र 2021-22 हेतु गन्ना क्षेत्रफल अट्टासी हजार हेक्टेयर है। जिसे आगामी पेराई सत्र 2022-23 में एक लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। गन्ना कृषकों के हितों के दृष्टिगत पेराई 2021-22 हेतु राज्य सरकार द्वारा गन्ना प्रजातियों के लिए तीन सौ पचपन प्रति क्विंटल तथा सामान्य गन्ना प्रजातियों के लिए तीन सौ पैंतालिस प्रति क्विटल गन्ना मूल्य निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) योजना के अन्तर्गत पेराई सत्र 2021-22 में राज्य के गन्ना कृषकों को अध्यावधिक चार करोड़ सत्तानबे लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है।

जलागम विकास योजनाओं का मूल उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों यथा भूमि जल एवं वनस्पतियों का संवर्धन, संरक्षण एवं सुनियोजित प्रबन्धन करना है। उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना-2 के अन्तर्गत राजस्व ग्रामों के छियासठ हजार परिवार लाभान्वित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में केन्द्र पोषित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड डेवलपमेन्ट कम्पोनेंट-2 की बारह परियोजनायें स्वीकृत हुई है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना (च्ड (ज्ञन्ैन्ड) के अन्तर्गत किसानों के डीजल संचालित पम्पसेटों को सोलर पम्पसेटों में परिवर्तित किये जाने का कार्य गतिमान है। 18. राज्य में सर्वेक्षण अनुमानों के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य का कुल शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल 7142 लाख हेक्टेयर है, जिसमें सिंचाई विभाग द्वारा सकल सिंचित क्षेत्रफल 3231 लाख हेक्टेयर है एवं विगत 05 वर्षों में सिंचित क्षेत्रफल में 0.089 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना में गौला नदी पर हल्द्वानी शहर से 10 किमी० अपस्ट्रीम में 136.60 मी० ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध निर्मित किया जाना प्रस्तावित है।

देहरादून एवं उपनगरीय क्षेत्र के लिए सुनिश्चित पेयजल आपूर्ति के लिए सौंग नदी पर सौंग पेयजल बांध योजना बनायी जानी प्रस्तावित है।
राज्य में प्राकृतिक स्त्रोतों के पुनर्जीविकरण एवं वर्षा जल के पेयजल तथा सिंचाई में प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु कई जलाशयों के निर्माण कार्य प्रारम्भ कराये गये हैं। जल संवर्द्धन एवं संरक्षण के अन्तर्गत जिला पौड़ी में ल्वाली झील के निर्माण की योजना निर्माणाधीन है। उत्तराखण्ड राज्य में पेराई सत्र 2021-22 हेतु गन्ना क्षेत्रफल अट्टासी हजार हेक्टेयर है। जिसे आगामी पेराई सत्र 2022-23 में एक लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। गन्ना कृषकों के हितों के दृष्टिगत पेराई सत्र 2021-22 हेतु राज्य सरकार द्वारा गन्ना प्रजातियों के लिए तीन सौ पचपन प्रति क्विंटल तथा सामान्य गन्ना प्रजातियों के लिए तीन सौ पैंतालिस प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) योजना के अन्तर्गत पेराई सत्र 2021-22 में राज्य के गन्ना कृषकों को अध्यावधिक चार करोड़ सत्तानबे लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है।

जलागम विकास योजनाओं का मूल उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों यथा भूमि जल एवं वनस्पतियों का संवर्धन, संरक्षण एवं सुनियोजित प्रबन्धन करना है। उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना-2 के अन्तर्गत राजस्व ग्रामों के छियासठ हजार परिवार लाभान्वित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में केन्द्र पोषित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटर डेवलपमेन्ट कम्पोनेंट-2 की बारह परियोजनायें स्वीकृत हुई हैं। 17. लघु सिंचाई विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के अन्तर्गत किसानों के डीजल संचालित पम्पसेटों को सोलर पम्पसेटों में परिवर्तित किये जाने का कार्य गतिमान है। राज्य में सर्वेक्षण अनुमानों के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य का कुल शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल 7.142 लाख हेक्टेयर है, जिसमें सिंचाई विभाग द्वारा सकल सिंचित क्षेत्रफल 3231 लाख हेक्टेयर है एवं विगत 05 वर्षों में सिंचित क्षेत्रफल में 0.089 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना में गौला नदी पर हल्द्वानी शहर से 10 किमी० अपस्ट्रीम में 136.60 मी० ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध निर्मित किया जाना प्रस्तावित है।

जल संवर्द्धन एवं संरक्षण के अन्तर्गत जिला पौड़ी में ल्वाली झील के निर्माण की योजना निर्माणाधीन है। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा वन नेशन वन राशन कार्ड योजना राज्य में लागू की है। कोविड-19 के दृष्टिगत लॉकडाउन की अवधि में लगभग दस लाख परिवारों को 20 कि०ग्रा० खाद्यान्न प्रति माह प्रति राशन कार्ड सब्सिडाइज्ड दरों पर वितरित किया गया है।

मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के अन्तर्गत लगभग तेइस लाख राशन कार्डधारको (अन्त्योदय प्राथमिक परिवार एवं राज्य खाद्य योजना) को सब्सिडाइज्ड दरों पर 02 कि०ग्रा० दाल प्रति राशन कार्ड प्रतिमाह उपलब्ध कराया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत अन्त्योदय एवं प्राथमिक परिवार योजना के राशनकार्ड धारकों को खाद्य सुरक्षा तथा महगाई से राहत हेतु प्रतिमाह प्रति यूनिट 05 कि०ग्रा० खाद्यान्न (गेहूँ एवं चावल) निःशुल्क आवंटित किया गया है। ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकृत कृषकों से ही धान एवं गेहूँ का क्रय कर कृषकों के खाते में पी०एफ०एम०एस०ध् आर०टी०जी०एस० के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था की गयी।

ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के अन्तर्गत व्यापारियों को दी जाने वाली सभी सुविधायें यथा रजिस्ट्रेशन, लाइसेन्स फीस, नवीनीकरण, सत्यापन आदि कार्य ऑनलाइन प्रारम्भ कर लिया गया है। रबी खरीद सत्र 2021-22 राज्य सरकार द्वारा 20.00 रू० प्रति क्विंटल बोनस अनुमन्य किया गया। खरीफ-खरीद सत्र 2021-22 में तिरासी हजार पाँच सौ बारह कृषकों का पंजीकरण कर दस लाख पचपन हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी है। 20. जल जीवन मिशन के अन्तर्गत राज्य के ग्रामीण परिवारों को वर्ष 2024 तक क्रियाशील घरेलू जल संयोजन दिया जाना प्रस्तावित है। स्वजल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में राज्य द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने हेतु वर्ष 2019-20 में कुल 09 पुरस्कार प्राप्त हुए। गंगा नदी में जल प्रदूषण की रोकथाम एवं जन सुविधा की दृष्टि से बाइस स्नानघाट तेइस मोक्षधामों तथा एक रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों का निर्माण किया गया है।

ऊर्जा विभाग द्वारा संचालित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अन्तर्गत सभी अविद्युतीकृत ग्रामों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण, चैवालिस पोषकों का पृथक्करण एवं छः हजार तीन सी एक्कीस तोकों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया गया। पाँच हजार सात सौ सैंतालिस करोड़ की लागत से लखवाड़ हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजक्ट का शिलान्यास तथा लखवाड़ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। विद्युत बिलों का भुगतान विद्युत बिल जारी होने के दस दिनों के अन्दर ऑनलाइन भुगतान करने पर 1.25 प्रतिशत तथा आफलाइन भुगतान करने पर 0.75 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। श्री केदारनाथ धाम को निर्बाध एवं बेहतर विद्युत आपूर्ति हेतु सोनप्रयाग में 32 केवि उपसंस्थान को ऊर्जीकृत कर क्षेत्र की लो वोल्टेज की समस्या का निवारण किया जाना।

मसूरी में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 23. राज्य में ग्रीन भवन निर्माण को बढ़ावा दिये जाने हेतु ग्रीन भवन निर्माण के प्रस्तावों को 0.5 अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो निःशुल्क प्रदान किया जाना प्रावधानित किया गया है। ऽ मानचित्र शुल्क को कम किये जाने हेतु सब-डिवीजन चार्ज को 5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में विकास शुल्क व अन्य शुल्कों को मैदानी क्षेत्रों के सापेक्ष लगभग 70 प्रतिशत कम किया गया है। भवन निर्माण के मानकों में 25 प्रतिशत शिथिलता दिये जाने के अधिकारों को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों को प्रदान किया गया है।

राज्य में नजूल भूमि के प्रबन्धन व्यवस्थापन एवं निस्तारण के लिए नजूल नीति, 2021 प्रख्यापित कर दी गयी है। राज्य में चार हजार से दस हजार वर्ग मी० भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्तावों की स्वीकृति का अधिकार जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को दस हजार एक से पचास हजार वर्ग मी० तक उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण को तथा पचास हजार एक वर्ग मी० से अधिक भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्तावों की स्वीकृति शासन स्तर से प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। 24. अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजनान्तर्गत प्रदेश के छ नगर निकाय हेतु एक सौ एक्यावन जलापूर्ति सीवरेज प्रबन्धन, स्ट्राम वॉटर ड्रेनेज एवं ग्रीन स्पेस पार्क की योजनाएं स्वीकृत हुई है जिसमें कि अड्डासी योजनाएं पूर्ण की जा चुकी है। शहरी विकास विभाग को वर्ष 2021 में स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर तीन पुरस्कार प्राप्त हुये। स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत देहरादून शहर में दून इंटिग्रेटेड कमान्ड एण्ड कन्ट्रोल रूम सदैव दून की स्थापना की गयी है। शहरी फेरी व्यावसायियों को आसान ऋण सुविधा के द्वारा कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गयी पीएम स्ट्रीट वेन्डर्स आत्मनिर्भर निधि योजना का क्रियान्वयन राज्य के समस्त शहरी स्थानीय निकायों में किया जा रहा है।

स्थानीय निकायों द्वारा प्रदान की जा रही नागरिक सेवाओं यथा-ट्रेड लाइसेन्स, सम्पत्ति कर एवं रोड कटिंग को ऑनलाइन किया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के द्वितीय फेज के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लक्ष्य तीन हजार तिहत्तर के सापेक्ष दो हजार सात सौ बत्तीस आवासों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में चिन्हित कुल दो सौ बारह भूमिहीन परिवारों हेतु भूमि पट्टा आवंटन की कार्यवाही गतिमान है। 25. उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा वर्ष 2021 में कुल चैदह हजार छरू सौ बत्तीस अभियोग पंजीकृत किये गये, जिनमें बारह हजार सात सौ अट्ठावन का निस्तारण किया गया।

राज्य पुलिस द्वारा सात हजार पाँच सौ अठारह अभियुक्तों एवं एक सौ तेइस ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी कर भारी मात्रा में संपत्ति बरामद की गयी प्रदेश भर में छः सौ बत्तीस साईबर अभियोग पंजीकृत किये गये। यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही कर पैंतीस करोड़ दस लाख की धनराशि वसूल की गयी। निरुद्ध बंदियों को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग एव इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है।

साइबर सुरक्षा के लिये साइबर क्राइसेस मैनेजमेंट प्लान (ब्लइमत ब्तपेपे डंदंहमउमदज (च्संद) और क्रिटीकल इन्फार्मेसन इंफ्रास्ट्रक्चर (ब्तपजपबंस प्दवितउंजपवद प्दतिंेजतनबजनतम) गाइडलाइन जारी की गयी है। 26. राष्ट्रीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जगजीतपुर हरिद्वार, दिनेशपुर एवं अस्कोट में अत्याधुनिक वैल्डिंग लैब की स्थापना कर प्रशिक्षण कार्य प्रारम्भ किया गया है। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एम०एस०एम०ई०) विभाग द्वारा संचालित ग्रोथ सेन्टर योजना के अन्तर्गत अठारह ग्रोथ सेन्टर संचालित किये जा रहे हैं।

वित्तीय समावेशन में सहायता करने हेतु नई पहल के रूप में राज्य द्वारा आइफेड के वित्तीय सहयोग से दो रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर्स की स्थापना क्रमशः जिला पौड़ी के कोटद्वार तथा जिला अल्मोड़ा के हवालबाग में की जा रही है। 27 परिवहन विभाग द्वारा ई-गवर्नेन्स के माध्यम से जनता को ऑनलाइन सेवायें दी जा रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आठ इन्टरसेप्टर वाहन, अठारह स्पीड रडार गन तथा चालीस एल्कोमीटर आवंटित किये गये हैं।

चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा के सुरक्षित एवं सुचारू रूप के संचालन के लिए हैलीपैड एवं हैलीड्रोम के सुदृढीकरण का कार्य प्रगति पर है। 28 वर्ष 2021-22 में खनिजों से राजस्व प्राप्ति हेतु निर्धारित लक्ष्य कुल सात सौ पचास करोड़ के सापेक्ष माह नवम्बर, 2021 तक कुल दो सौ अठारह करोड़ अस्सी लाख तिरपन हजार एक सौ छिहत्तर का राजस्व अर्जित किया गया। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2017 से खेल महाकुम्भ का आयोजन किया जा रहा है। राज्य का प्रथम खेल विश्वविद्यालय देहरादून में तथा प्रथम बालिका स्पोटर्स कॉलेज का निर्माण किया जाएगा।

बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन द्वारा सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर कांस्य पदक अर्जित किया गया, जिस हेतु मा० मुख्यमंत्री द्वारा श्री लक्ष्य सेन को रू० पन्द्रह लाख की नकद धनराशि से सम्मानित किया गया। उत्तराखण्ड राज्य में संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 यथा संशोधित लागू किया गया है। ऽ वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 हेतु द्विवर्षीय आबकारी नीति निर्धारित की गयी है। बाहरी प्रदेशों से शराब की तस्करी एवं अवैध शराब के व्यवसाय पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विभाग में ट्रैक एण्ड ट्रेस प्रणाली लागू की जा रही है। राज्य सम्पत्ति विभाग द्वारा उत्तराखण्ड निवास, नई दिल्ली में नवीन भवन निर्माण का 35 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है।

जिला चमोली के भराठीसँण (गैरसैण) में मिनी सचिवालय के निर्माण कार्य हेतु विधानसभा भवन, भराडीसँण के समीप पशुपालन विभाग के नियंत्रणाधीन चार एकड भूमि को राज्य सम्पत्ति विभाग के पक्ष में हस्तान्तरण हेतु लिये गये निर्णय के क्रम में कार्यवाही गतिमान है। 32 राज्य में कोविड-18 के दृष्टिगत आम जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल एवं आउटडोर मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।

पत्रकारों की सुविधा के लिये विभाग द्वारा पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना की गयी है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म नीति लागू की गयी है, जिसके तहत राज्य में शूटिंग हेतु कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा है तथा शूटिंग हेतु अनुमति सिंगल विन्डों के माध्यम से प्रदान की जा रही है। 33. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में पाँच महानुभावों को पुरस्कृत किया गया। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-ऑफिस का क्रियान्वयन किया जा रहा है। स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वॉन) परियोजना के अन्तर्गत जिला तहसील एवं ब्लॉक स्तर तक 133 केंद्र स्थापित कर नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान की जा रही है। अपणि सरकार के अन्तर्गत नागरिक सेवाओं को नये रूप में प्रारम्भ किया गया है साथ ही उन्नति पोर्टल की भी शुरूआत की गयी है।

सचिवालय की कार्यप्रणाली में दक्षता लाने के उद्देश्य से पत्रावलियों का संचरण ई-ऑफिस के माध्यम से किए जाने का निर्णय लिया गया है। मेरी सरकार द्वारा एकीकृत वित्तीय प्रबन्धन प्रणाली सॉफ्टवेयर लागू करने से सभी आंतरिक और बाह्य हितधारकों को एक साझा इलेक्ट्रॉनिक मंच प्राप्त हुआ है। प्रदेश के पेंशनरों को पोस्टइन्फो एप से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा दी गयी है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) दो लाख सत्ताइस हजार चार सौ एक्कीस करोड़ रुपये है। स्थायी भाव पर आर्थिक विकास दर 6.55 प्रतिशत है और प्रचलित मूल्यों पर राज्य निवल घरेलू उत्पाद के आधार पर राज्य के लिए अनुमानित प्रति व्यक्ति आय एक लाख छिहत्तर हजार सात सी चैवालिस रुपये है। भारत सरकार द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एण्डी०पी०) की तर्ज पर राज्य के सोलह सर्वाधिक पिछड़े विकास खण्डों को आकांक्षी विकास खण्डों के तौर पर अभिचिन्हित किया गया ताकि ये विकास खण्ड भी विकसित विकास खण्डों के समकक्ष आ सकें। 37. राजस्व वसूली हेतु रिकवरी सर्टिफिकेट सिस्टम (आर०सी०एस०) तथा खतौनी में ऋण अंकन के लिए लोन एंट्री सॉफ्टवेयर का पूरे प्रदेश में संचालन किया गया। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों के राजस्व ग्रामों के सापेक्ष ड्रोन सर्वेक्षण की कार्यवाही में सात हजार तीन सौ तिरसठ ग्रामों में ड्रोन फ्लाईंग पूर्ण की जा चुकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत नौ लाख तेरह हजार कृषकों को दिनांक 30.11.2021 तक तेरह अरब अढानबे करोड़ तीन लाख की धनराशि हस्तारित की गयी है।

उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अन्तर्गत उन्तीस विभागों की दो सौ अड़सठ सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की स्थापना के प्रोत्साहन हेतु आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के लिए प्रोत्साहन नीति निर्गत की गयी है। केन्द्रीय जल आयोग से नदियों में बाढ़ आने की स्थिति में जन-मानस को पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अलवानिंग सिस्टम स्थापित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। ऽ नैनीताल के मुक्तेश्वर में अवस्थापित किये गये डॉप्लर रडार का संचालन सुचारू रूप से प्रारम्भ हो गया है। सुरकण्डा एवं लैंसडाउन में भी डॉप्लर रडार की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों के माध्यम से सम्पादित होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं कार्यपूर्ति हेतु विकास खण्ड तथा जिला स्तर पर कार्यदायी अधिकारी बनाये गये हैं। जानाजीगौरके अतर्गत काम राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) दो लाख सत्ताइस हजार चार सौ एक्कीस करोड़ रुपये है। स्थायी भाव पर आर्थिक विकास दर 6.55 प्रतिशत है और प्रचलित मूल्यों पर राज्य निवल घरेलू उत्पाद के आधार पर राज्य के लिए अनुमानित प्रति व्यक्ति आय एक लाख छिहत्तर हजार सात सौ चैवालिस रुपये है। भारत सरकार द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एण्डी०पी०) की तर्ज पर राज्य के सोलह सर्वाधिक पिछड़े विकास खण्डों को आकांक्षी विकास खण्डों के तौर पर अभिचिन्हित किया गया ताकि ये विकास खण्ड भी विकसित विकास खण्डों के समकक्ष आ सकें। राजस्व वसूली हेतु रिकवरी सर्टिफिकेट सिस्टम (आर०सी०एस०) तथा खतौनी में ऋण अंकन हेतु लोन एंट्री सॉफ्टवेयर का पूरे प्रदेश में संचालन किया गया।

स्वामित्व योजना के अन्तर्गत अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों के राजस्व ग्रामों के सापेक्ष ड्रोन सर्वेक्षण की कार्यवाही में सात हजार तीन सौ तिरसठ ग्रामों में ड्रोन फ्लाईंग पूर्ण की जा चुकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत नौ लाख तेरह हजार कृषकों को दिनांक 30.11.2021 तक तेरह अरब अढानबे करोड़ तीन लाख की धनराशि हस्तारित की गयी है। उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अन्तर्गत उन्तीस विभागों की दो सौ अड़सठ सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की स्थापना के प्रोत्साहन हेतु आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के लिए प्रोत्साहन नीति निर्गत की गयी है।  केन्द्रीय जल आयोग से नदियों में बाढ़ आने की स्थिति में जन-मानस को पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने हेतु अर्लीवार्निंग सिस्टम (मूे) स्थापित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। नैनीताल के मुक्तेश्वर में अवस्थापित किये गये डॉप्लर रडार का संचालन सुचारू रूप से प्रारम्भ हो गया है। सुरकण्डा एवं लैंसडाउन में भी डॉप्लर रहार की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों के माध्यम से सम्पादित होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं कार्यपूर्ति हेतु विकास खण्ड तथा जिला स्तर पर कार्यदायी अधिकारी बनाये गये हैं। ऽ नाना जी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा ग्राम पंचायत दियाड़ी, नौगाँव, उत्तरकाशी को वर्ष 2021 हेतु उत्कृष्ट पंचायत के रूप चयनित किया गया है। ग्राम पंचायत बादामवाला, विकासनगर, देहरादून को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 में बाल हितैषी पुरस्कार के अन्तर्गत चयनित किया गया है। 41. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2021 में एक हजार पाँच सौ अट्ठानबे व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सात सौ बीस व्यक्तियों को निःशुल्क सलाह एवं परामर्श दिया गया।

राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत वादकारियों एवं हितधारकों की कठिनाइयों के निवारण को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं इन्टरनेट सुविधायुक्त विशेष मोटर वाहन के माध्यम से सचल न्यायालय इकाइयों द्वारा उत्तराखण्ड के न्यायालयों अभिलिखित करने की योजना शुरू की गयी है। साक्ष्य इत्यादि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 के अन्तर्गत समस्त कुमाऊँ मण्डल में वादों के त्वरित निस्तारण हेतु हल्द्वानी जिला नैनीताल में एक वाणिज्यिक न्यायालय स्थापित किया गया। प्रदेश में भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का राष्ट्रीय डाटा बेस तैयार कराये जाने हेतु निर्मित ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है।

राज्य में स्थापित कारखानों में कार्यरत महिला कर्मकारों को रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति प्रदान की गयी है, जिससे महिला कर्मकारों को और अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अन्तर्गत बीमांकितों एवं उनके आश्रितों को वर्तमान में तीस औषद्यालयों के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। 43. उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में निहित प्रावधानानुसार उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य कार्मिकों के आवंटन का कार्य भारत सरकार द्वारा गठित परामर्शीय समिति के स्तर से पूर्ण हो चुका है। समस्त क्षेत्रों में विकास के लक्ष्यों के नये आयाम स्थापित करने हेतु सरकार कृत संकल्प है।

हिम प्रहरी योजना के अन्तर्गत दीर्घकालीन राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकटवर्ती जिलों में बसने लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।  पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत की जानी प्रस्तावित है।

एक अखिल भारतीय बाजार बनाने हेतु उत्तराखण्ड ऑर्गेनिक्स ब्रांड बनाया जाएगा। चार धाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिर और गुरुद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। गढ़वाल के चार धाम परियोजना की तर्ज पर कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन को शुरूआत की जाएगी। मिशन मायापुरी के अन्तर्गत हरिद्वार को योग की अंतर्राष्ट्रीय राजधानी और विश्व में समस्त क्षेत्रों में विकास के लक्ष्यों के नये आयाम स्थापित करने हेतु सरकार कृत संकल्प है। ऽ हिम प्रहरी योजना के अन्तर्गत दीर्घकालीन राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत की जानी प्रस्तावित है।

एक अखिल भारतीय बाजार बनाने के लिए उत्तराखण्ड ऑर्गेनिक्स ब्रांड बनाया जाएगा। चार धाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिर और गुरुद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। गढ़वाल के चार धाम परियोजना की तर्ज पर कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन को शुरूआत की जाएगी।

मिशन मायापुरी के अन्तर्गत हरिद्वार को योग की अंतर्राष्ट्रीय राजधानी और विश्व में आध्यात्मिक पर्यटन के लिए सबसे बड़े स्थलों के रूप में बदलने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों की व्यावसायिक पहल की सहायता के लिए एक विशेष कोष गठित किया जाएगा। उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में 4जी-5जी मोबाइल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्रॉडबैंड एवं फाइबर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए रोपवे परिवहन नेटवर्क के निर्माण के लिए पर्वत माला परियोजना प्रारम्भ की जाएगी। मैंने अपनी सरकार के विगत वर्ष में किये गये विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण के साथ-साथ आगामी वर्ष 2022-23 के लिये सरकार की प्राथमिकताओं का संक्षिप्त विवरण आपके समक्ष रखा है। सरकार निष्ठापूर्वक अपने संकल्पों एवं लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिये प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास रहेगा कि प्रदेश में अमन चैन का माहौल कायम रहे। प्रदेश में निवास करने वाले सभी धर्म, समुदाय और वर्ग के लोग परस्पर प्रेम और सौहार्द के साथ जीवन यापन करें। आइए हम सब प्रयास करें कि उत्तराखण्ड का हर एक निवासी चिरंजीवी बने, हर महिला के सपनों को उड़ान मिले, युवा को रोजगार का संबल मिले किसानों का मित्रवत कार्य हो एवं हम सब मिलकर आगे बढ़ते उत्तराखण्ड को उत्तरोत्तर आगे लेकर जाएं इस महत्वपूर्ण संकल्प को पूर्ण करने के लिये आपके द्वारा दिये गये सहयोग के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूँ। आप सभी महानुभावों को आगामी वित्तीय वर्ष हेतु वित्तीय व विधायी कार्यों में सक्रिय व सकारात्मक भागीदारी के लिए शुभकामनाएं अर्पित करता हूँ।