क्यों द्रौपदी अपने ही पति भीम के खून की थी प्यासी?

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Mahabharat Facts: द्रौपदी क्यों भीम का वध करना चाहती थी

Mahabharat Facts: महाभारत काल के ऐसे कई रहस्य हैं जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते हैं, इन्हीं रहस्यों में से एक है जब द्रौपदी अपने ही पति भीम को मारना चाहती थी, मगर द्रौपदी अपने ही पति की मृत्यु क्यों करना चाहती थी और वो भी उस पति की जो उसे सबसे ज्यादा प्रेम करता था और उसके हक की लड़ाई में सबसे आगे खड़ा रहता है।

Mahabharat Facts: पांडवों को कैसे पता लगता था कि द्रौपदी के साथ कक्ष में कोई है?

दरअसल पांडवों की पत्नि द्रौपदी मां काली का रूप थी। इस बात का ज्ञान अर्जुन को था जिसके बाद एक दिन अर्जुन द्रौपदी के कक्ष में गए। आपको बता दें कि द्रौपदी के पांच पति होने के कारण सभी पांडवों ने ये तय किया था कि उनमें से एक जब भी द्रौपदी के साथ समय बिताने जाएगा तो वह अपनी खड़ाऊं कक्ष के बाहर उतार देगा ताकी अन्य पांडवों को ये ज्ञात हो सके कि कोई पहले से ही अंदर मौजूद है।

लेकिन इस दौरान अर्जुन की बाहर रखी खड़ाऊं भीम ने देखी ही नहीं और वो झट से कक्ष के अंदर चला गया। अब जैसे ही भीम कक्ष के अंदर गया वैसे ही उसने देखा कि वहां अर्जुन पहले से ही मौजूद था और वो द्रौपदी के पांव दबा रहा था। ये दृश्य देख भीम आग बबूला हो गया और उसने अपने गदे से अर्जुन पर प्रहार कर दिया।

Mahabharat Facts: युद्धिठिर कैसे भीम को शांत कराते हैं?

कुछ शोर सुनाई देने पर युद्धिठिर कक्ष में पहुंचते हैं और भीम से कहते हैं कि “ये तुम क्या कर रहे हो? क्यों तुम अपने छोटे भाई को मार रहे हो” भीम युद्धिठिर को बताते हैं कि उन्होंने अर्जुन पर इसलिए प्रहार किया क्योंकि वो द्रौपदी के पांव दबा रहे थे। उन्होनें आगे कहा कि क्या कोई पति अपनी पत्नि के पांव दबाता है।  

अब युद्धिठिर को भी ये ज्ञात था कि द्रौपदी मां काली का ही रूप हैं। इसलिए वह भीम को चुप कराते हुए कहते हैं कि यह अर्जुन और द्रौपदी का आपसी प्रेम है, किसी को भी इसके बीच में नहीं पड़ना चाहिए। बड़े भाई द्वारा ये बात सुनने के बाद भीम महल से ही बाहर चले जाते हैं लेकिन वो अभी भी इस बात से क्रधित थे कि अर्जुन ने ऐसा क्यों किया।

क्रोधित भीम (Mahabharat Facts) अब महल में कभी वापिस नहीं आना चाहते थे और सुबह से चलते चलते अब भीम को रात हो जाती है। ऐसे में भीम एक पेड़ पर आराम करते हैं। अब भीम विश्राम कर ही रहे होते हैं कि तभी रात 12 बजे वहां एक व्यक्ति आता है और घास के मैदान में पानी देने लगता है।

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उस व्यक्ति द्वारा ऐसा करने पर भीम की नींद खुल जाती है और भीम वहीं पेड़ पर बैठे हुए ही ये नजारा देख रहे होते हैं। धीरे-धीरे वहां एक सभा लगने लगती है, इस सभा में भगवान शिव, ब्रह्मा जी और इंद्रदेव समेत कई देवता शामिल होते है और इस सभा को सम्बोधित कर रहे होते हैं भगवान श्री कृष्णा (Mahabharat Facts)।

तभी भीम देखते हैं कि इस सभा में द्रौपदी आती है, जिसका मुंह खून से सना होता है और साथ ही उसके एक हाथ में खप्पर और दूसरे हाथ में कटार होती है। द्रौपदी को बिना अपने पतियों के अकेले देख भीम और आग बबूला हो जाता है, लेकिन वो वहीं रहकर ही ये सब दृश्य देख रहा होता है।

विक्राल रूप में आई द्रौपदी तभी सभी के सामने कहती है कि माधव मेरे सखा हैं और उन्होंने मुझसे ये वादा किया है कि वह मेरा ये खप्पर खून से भरवाएंगे। इसके बाद द्रौपदी कुछ ऐसा कहती हैं कि भीम उसे सुनकर दंग रह जाते हैं। द्रौपदी कहती है कि मै चाहती हूं कि मेरा आधा खप्पर भीम (Mahabharat Facts) के रक्त से भरे और आधा कुरुवंश (Mahabharat Facts) के रक्त से। ये सुनने के बाद भीम को द्रौपदी का असल सच ज्ञात हो जाता है, उसे पते लग जाता है कि द्रौपदी कोई और नहीं बल्कि मां काली का ही रूप हैं।

द्रौपदी की ये बात सुनकर भीम काफी डर जाता है और सभा खत्म होने के बाद वो डरते हुए श्री कृष्ण के पास जाता है और उन्हें पूरी बात बताता है कि उसने सभा में जो कुछ भी हुआ है वो सब देखा है और वह अपनी जान कैसे बचाए इसका भगवान श्री कृष्ण से समाधान मांगता है।

इस पर श्री कृष्ण भीम को बताते हैं कि द्रौपदी (Mahabharat Facts) महाकाली का रूप है और उनका ये जन्म केवल खप्पर भरने के लिए ही हुआ है। जिसके बाद घबराकर भीम कहते हैं कि मगर द्रौपदी तो अपना आधा खप्पर मेरे ही रक्त से भरना चाहती है।        

जिसके बाद श्री कृष्ण (Mahabharat Facts) भीम को इसका समाधान बताते हुए कहते हैं, “हे भीम तुम चुप-चाप अपने कक्ष में जाओ और भोजन मत करना, चाहे जो जाए जबतक द्रौपदी तुम्हें भोजन के लिए मनाने न आए तब तक तुम अन्न को हाथ भी मत लगाना।” श्री कृष्ण के ऐसा कहने पर भीम बिलकुल वैसा ही करते हैं, जिसके बाद भीम को मनाने के लिए सभी पांडु पुत्र आते हैं और उसे खाना खाने को कहते हैं लेकिन भीम नहीं उठते।  

जब काफी देर तक भीम (Mahabharat Facts) नहीं उठते तो द्रौपदी भीम को भोजन करने के लिए कहती है जिस पर भीम द्रौपदी से कहते हैं कि वह केवल एक ही शर्त पर भोजन करेंगे यदि द्रौपदी उनका मनचाहा वरदान उनको देदे तो। भीम द्वारा ऐसे कहने पर द्रौपदी राजी हो जाती है और भीम द्रौपदी (Mahabharat Facts) से वरदान मांगते है कि “हे द्रौपदी पांडु की पांचों संतानों को बख्स दो” इस पर द्रौपदी कहती है “तथास्तु” और इस प्रकार भीम की जान बच जाती है।

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