मरती मानवताः न एंबुलेंस न सहयोग, खाट पर ले जाना पड़ा 4 बेटियों को मां का शव

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नई दिल्ली, ब्यूरो। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक 80 साल की बुजुर्ग महिला की तबियत खराब होने पर परिजनों ने एंबुलेंस को काॅल किया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो बुजुर्ग महिला की चार बेटियों ने खाट समेत मां को उठाकर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डाॅक्टर ने बुजुर्ग महिला को मृतक घोषित कर दिया है। इन चारों बेटियों की मुसीबत इसके बाद भी कम नहीं हुई। करीब पांच किलोमीटर घर से अस्पताल पैदल पहुंचने के बाद भी कोई वाहन उन्हें नहीं मिला जिसमें वह अपनी मां को वापस घर ले जा सकें। चारों बेटियों ने भी हिम्मत नहीं हारी और खाट पर ही पैदल वापस घर अपनी मां की डेड बाॅडी लाई। इस दौरान राहगीरों ने इन महिलाओं की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। मध्य प्रदेश सरकार विकास के तमाम दावे करती है, लेकिन एक अदद एंबुलेंस और शव वाहन भी अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। ऐसे में गरीब और बेसहारा लोगों की क्या सेवा सरकार कर रही है?

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दूरअसल यह शर्मसार करने वाली घटना एमपी के रीवा जनपद के महसुआ गांव की है। गांव की मोलिया केवट (80) की तबीयत बिगड़ने पर चारों बेटियां उन्हें लेकर रायपुर कर्चुलियान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। इसके बाद नब्ज टटोलते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की बेटियों ने सीएचसी में​ डॉक्टरों से शव वाहन की जानकारी ली, लेकिन सभी ने मना कर दिया। इसके बाद बुजुर्ग के शव महिला को खाट पर रखकर बेटियां घर की ओर पैदल ही निकल पड़ी।

शव लेकर लौटते वक्त बेटियों को रास्ते में कई सरकारी दफ्तर, थाना हैं। फिर भी कोई मदद करने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान कुछ संवेदनशील बाइक सवारों ने खाट पर शव ले जाते देख जानकारी ली। उन युवकों ने इन महिलाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर वायरल कर दिया। भाजपानीत मध्य प्रदेश सरकार के ही ऐसे हाल हैं तो अन्य पार्टियों की सरकार क्या होंगे आप समझ सकते हैं। कहीं न कहीं धरातल पर बेसहारा और लाचार लोगों को मूलभूत सुविधाएं तो मुहैय्या करवाई जानी चाहिए। ये तस्वीरें मानवता की संवेदनहीनता की कहानी बयां कर रही हैं।