Kedarnath Yatra: 29 जुलाई की सायंकाल गौरीकुण्ड से सोनप्रयाग की ओर लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरा, जिससे मुख्य सड़क और पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना से केदारनाथ धाम से लौट रहे यात्रियों का आवागमन रुक गया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। मार्ग के अवरुद्ध होने के बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षा बलों जिला पुलिस, SDRF और NDRF की मौजूदगी में एक वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार किया। इस रास्ते से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई।

Kedarnath Yatra: 3129 यात्रियों का रेस्क्यू
रात होने तक कुल 2179 श्रद्धालुओं को सुरक्षित गंतव्य की ओर रवाना किया गया, जिसके बाद अंधेरे और सुरक्षा कारणों से कार्य को रोक दिया गया। आज यानी 30 जुलाई की प्रातः पुनः यह कार्यवाही फिर से शुरू की गई। अब तक कुल 950 और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिससे अब तक कुल 3129 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया है। इसी के साथ, मलबे से बाधित मुख्य मार्ग को खोलने का काम भी तेजी से जारी है, जिसमें संबंधित कार्यदायी संस्था जुटी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और केवल अधिकृत सूचना पर ही यात्रा जारी रखने की अपील की है।


