KEDARNATH SNOWFALL 2025: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। केदारनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ की ऊंची चोटियों पर रविवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया। दोपहर के बाद शुरू हुई इस बर्फबारी ने श्रद्धालुओं की यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, वहीं मैदानी इलाकों में हुई हल्की बारिश से ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।

KEDARNATH SNOWFALL 2025: सुबह से ही हल्का हिमपात शुरू हो गया
केदारनाथ धाम के आसपास की पहाड़ियों पर सुबह से ही हल्का हिमपात शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका मोटी बर्फ की परत से ढक गया, जिससे नजारा स्वर्ग जैसा हो गया। यात्रा अभी बंद नहीं हुई है, लेकिन बर्फबारी के कारण रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है। रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ से मिली जानकारी के अनुसार, केदार घाटी के ऊंचे इलाकों त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड, चौमासी और गौंडार में भी बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। अचानक तापमान गिरने से श्रद्धालु अलाव का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं।

श्री हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी ने यात्रा मार्ग को प्रभावित किया है। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने बताया कि घंगरिया से आगे के रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है, इसलिए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चमोली जिले की ऊंची चोटियों जैसे वेदनी बुग्याल, ऑली बुग्याल, रूपकुंड और काली माटी में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होने वाले हैं, लेकिन इस समय भी सैकड़ों यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। संभावित खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ की टीमें सतर्क कर दी गई हैं।

बद्रीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे मंदिर क्षेत्र में शीतलहर का अहसास हो रहा है। चमोली जिले के पर्यटन स्थलों जैसे ज्यूरागली, पातरनचौणियां और नीती-माणा घाटी में हल्की बर्फबारी हुई। मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल में हल्की बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है। रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और पौड़ी जिलों में भी पिछले 24 घंटों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है, जिसका असर अगले तीन दिनों तक बने रहने की संभावना है। निचले क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।


