INDIA POST ने आज अपने 170 साल के इतिहास में एक क्रांतिकारी अध्याय जोड़ते हुए तीन नई प्रीमियम सेवाओं ’24 स्पीड पोस्ट’, ’24 स्पीड पोस्ट पार्सल’ और ’48 स्पीड पोस्ट’ का शुभारंभ किया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आकाशवाणी भवन के रंगभवन ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य समारोह में इन सेवाओं को देश को समर्पित किया। ये सेवाएं मुख्य रूप से ई-कॉमर्स, एमएसएमई (MSME) और उन व्यक्तिगत ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जिन्हें समयबद्ध और सुरक्षित डिलीवरी की आवश्यकता होती है।
महानगरों के बीच अगले दिन डिलीवरी की ‘मनी-बैक गारंटी’
जानकारी के अनुसार, INDIA POST की इन सेवाओं को पहले चरण में देश के छह प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच शुरू किया गया है। इन शहरों के बीच भेजे जाने वाले दस्तावेज़ और पार्सल अब ’24 स्पीड पोस्ट’ के तहत अगले ही दिन (D+1) डिलीवर कर दिए जाएंगे।
विभाग ने इस सेवा के साथ ‘मनी-बैक गारंटी’ की अनूठी पहल की है। यदि विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर पार्सल पहुंचाने में विफल रहता है, तो ग्राहक को सेवा शुल्क वापस (रिफंड) कर दिया जाएगा। यह कदम निजी कूरियर कंपनियों को कड़ी टक्कर देने और सरकारी डाक सेवा पर जनता का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

INDIA POST की सेवाओं का विस्तृत वर्गीकरण और विशेषताएं
डाक विभाग ने ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को देखते हुए तीन श्रेणियों में सेवाएं पेश की हैं:
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24 स्पीड पोस्ट (दस्तावेज़): यह सेवा विशेष रूप से महत्वपूर्ण कानूनी कागजात, बैंकिंग दस्तावेज़ और पत्रों के लिए है। इसमें रविवार और राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर अन्य छुट्टियों पर भी डिलीवरी की सुविधा मिलेगी।
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24 स्पीड पोस्ट पार्सल: ई-कॉमर्स कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए डिजाइन की गई इस सेवा में भारी पार्सल को अगले दिन पहुँचाने की गारंटी है। इसके लिए विभाग ने हवाई मार्ग (Priority Air Transport) का विशेष प्रबंध किया है।
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48 स्पीड पोस्ट: उन शिपमेंट्स के लिए जिन्हें 48 घंटे यानी दो दिन (D+2) के भीतर सुरक्षित डिलीवरी की आवश्यकता है।
अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा फीचर्स
INDIA POST की इन प्रीमियम सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव देने के लिए विभाग ने निम्नलिखित तकनीकी सुविधाएं जोड़ी हैं:
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रीयल-टाइम ट्रैकिंग: ग्राहक अपने पार्सल की स्थिति हर मोड़ पर ट्रैक कर सकेंगे।
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ओटीपी आधारित डिलीवरी: पार्सल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसे केवल सही व्यक्ति को ओटीपी (OTP) सत्यापन के बाद ही सौंपा जाएगा।
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एसएमएस अलर्ट: बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक, ग्राहक को हर स्टेज पर मोबाइल अलर्ट प्राप्त होंगे।
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बल्क ग्राहकों के लिए विशेष लाभ: ई-कॉमर्स और बड़े व्यवसायों के लिए मुफ्त पिकअप, ‘बुक नाउ-पे लेटर’ (BNPL) और एपीआई इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

आर्थिक प्रभाव और भविष्य का रोडमैप
लॉन्च के दौरान संचार मंत्री सिंधिया ने बताया कि पिछले 11 महीनों में INDIA POST के राजस्व में 20% की वृद्धि हुई है, जबकि पार्सल बिजनेस में 44% का उछाल आया है। सरकार का लक्ष्य पार्सल बिजनेस को विभाग का मुख्य ‘ग्रोथ इंजन’ बनाना है। वर्तमान में यह सेवा छह महानगरों तक सीमित है, लेकिन मार्च 2027 तक इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश के टियर-1 और टियर-2 शहरों में विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 11 लाख करोड़ रुपये के भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में, जो 2030 तक 30 लाख करोड़ तक पहुँचने की संभावना है, INDIA POST की यह पहल गेम-चेंजर साबित होगी। ‘विकसित भारत’ के विजन के तहत, डाक विभाग अब केवल चिट्ठियों का जरिया नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की आर्थिक उन्नति का एक मजबूत लॉजिस्टिक्स पार्टनर बनकर उभर रहा है।
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