HAND FOOT MOUTH DISEASE: देहरादून में छोटे बच्चों के बीच हैंड फुट-माउथ डिजीज (एचएफएमडी) तेजी से फैल रही है। यह वायरल बीमारी मुख्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित कर रही है। इसमें बुखार, दर्द, हाथ-पैर और मुंह पर फफोले व दाने दिखने जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो एक संक्रमित बच्चे से 10 अन्य बच्चों तक फैल सकता है। वर्तमान में शहर के अस्पतालों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है।

HAND FOOT MOUTH DISEASE के लक्षण और बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण के 3 से 6 दिनों बाद इसके लक्षण नज़र आते हैं, जिनमें तेज बुखार, गले में खराश, मुंह के अंदर छाले, हाथ-पैरों पर लाल दाने या फफोले, थकान, उल्टी और डायरिया शामिल हैं। यह बीमारी कॉक्सैकी वायरस के कारण होती है। ज्यादातर मामलों में यह हल्की होती है, लेकिन लापरवाही से जटिलताएं हो सकती हैं। बाल रोग विशेषज्ञों ने माता-पिता को सलाह दी है कि बच्चों में ये लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

देहरादून के कई स्कूलों ने भी अभिभावकों के लिए अलर्ट जारी किया है। स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि लक्षण वाले बच्चों को स्कूल न भेजा जाए और क्वारंटाइन का पालन किया जाए। बचाव के लिए हाथों को बार-बार साबुन से धोना, संक्रमित सतहों की सफाई, बीमार बच्चों से दूरी बनाना और साफ-सुथरे भोजन-पानी का सेवन बेहद ज़रूरी है। इस बीमारी की कोई विशेष दवा नहीं है, लेकिन लक्षणों के आधार पर सहायक उपचार से 5 से 7 दिनों में रिकवरी हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि माता-पिता सतर्क रहें ताकि यह प्रकोप और न फैले।

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