GUJARAT CAR FUNERAL: गुजरात के अमरेली जिले के पडरसिंगा गांव में एक अनोखी घटना घटी, जब एक परिवार ने अपनी 12 साल पुरानी ‘लकी’ कार को कबाड़ में देने के बजाय उसे सम्मानजनक ढंग से दफनाने का फैसला किया। यह घटना 7 नवंबर 2024 को हुई, जब संजय पोरला नामक किसान ने अपनी पुरानी कार की अंतिम यात्रा निकाली। संजय पोरला ने अपनी कार को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ समाधि दी।

GUJARAT CAR FUNERAL: कार्यक्रम में 1500 लोग शामिल हुए
संजय पोरला ने अपनी कार को विशेष सम्मान देने के लिए उसे फूलों और मालाओं से सजाया। इस अवसर पर डीजे और गाजे-बाजे के साथ एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें परिवार, रिश्तेदार, और गांव के करीब 1500 लोग शामिल हुए। इस आयोजन में धर्मिक परंपराओं का पूरा पालन किया गया। इसके बाद, एक एक्सकेवेटर मशीन से कार को एक गहरे गड्ढे में डाला गया, जो करीब 15 फीट गहरा था, और फिर उस पर मिट्टी डाली गई, जिससे कार की समाधि पूरी हुई।

समाधि के ऊपर पेड़ लगाने की तैयारी
संजय पोरला ने ये कार 2014 में सेकेंड हैंड खरीदी थी, और इसके बाद उनकी जीवनशैली में सुख-समृद्धि आई। उनके व्यापार में भी बढ़ोतरी हुई, और परिवार को समाज में सम्मान प्राप्त हुआ। संजय पोरला ने यह भी बताया कि वह इस कार की समाधि के स्थल पर एक पेड़ लगाने का विचार कर रहे हैं, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियां इस “लकी” कार की छांव में बैठ सकें और उसे याद कर सकें।

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