Government e Marketplace यानी GeM ने पिछले कुछ सालों में भारत के सरकारी खरीद तंत्र को पूरी तरह बदल दिया है। एक समय था जब सरकारी विभागों को सामान बेचने के लिए बड़े कॉन्ट्रैक्टर या मजबूत सिफारिश की जरूरत होती थी, अब कोई भी छोटा दुकानदार या निर्माता सीधे इस पोर्टल पर रजिस्टर होकर सरकार को सामान बेच सकता है। GeM का कुल कारोबार अब साढ़े अठारह लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। आइए समझते हैं कि यह पोर्टल असल में कैसे काम करता है।
Government e Marketplace क्या है
Government e Marketplace भारत सरकार का राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल है, जहां केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालय, विभाग, PSU और स्वायत्त संस्थाएं अपनी जरूरत का सामान और सेवाएं सीधे ऑनलाइन खरीदती हैं। इसे नौ अगस्त 2016 को सिर्फ पांच महीने के रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया था, और अब यह डेढ़ लाख से ज्यादा सरकारी खरीदारों को तेईस लाख से ज्यादा सेलर के साथ जोड़ता है।
GeM पर कौन रजिस्टर कर सकता है
कोई भी व्यक्तिगत उद्यमी, MSME, स्टार्टअप या बड़ी कंपनी Government e Marketplace पोर्टल पर सेलर के तौर पर रजिस्टर कर सकती है, बशर्ते उसके पास वैध बिजनेस रजिस्ट्रेशन और GST नंबर हो। 2025-26 में कुल ऑर्डर का अड़सठ प्रतिशत हिस्सा छोटे और मझोले उद्यमों ने ही हासिल किया, जो दिखाता है कि यह पोर्टल बड़े खिलाड़ियों जितना ही छोटे व्यापारियों के लिए भी उतना ही खुला है।
GeM पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें
सबसे पहले gem.gov.in पर जाकर PAN, आधार और बैंक खाते की जानकारी के साथ सेलर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करना होता है, जिसके लिए हमारी GST रजिस्ट्रेशन प्रोसेस गाइड पहले से तैयार होना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद प्रोडक्ट या सर्विस कैटलॉग तैयार करके अपलोड करना होता है, जिसमें सही कैटेगरी और कीमत जैसी जानकारी साफ तौर पर देनी पड़ती है।
इसके बाद वेंडर असेसमेंट प्रोसेस पूरा करना होता है, जिसमें कुछ मामलों में कॉशन मनी जमा करनी पड़ती है, ताकि पोर्टल पर सिर्फ भरोसेमंद विक्रेता ही बने रहें।

Government e Marketplace के फायदे छोटे व्यापारियों के लिए
सबसे बड़ा फायदा बराबरी का मौका है, यानी बिना किसी बिचौलिए या सिफारिश के कोई भी छोटा व्यापारी सीधे सरकार को अपना सामान बेच सकता है, इसी वजह से यह e-Tender व्यवस्था का एक अहम हिस्सा भी है, इस पर हमारी e-Tender गाइड भी पढ़ी जा सकती है।
भुगतान भी तय समय पर मिलता है, क्योंकि पूरा सिस्टम फाइनेंशियल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिससे देरी या भुगतान अटकने की समस्या काफी कम हो जाती है। 2025-26 में महिला उद्यमियों के आदेश में अट्ठाइस प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो दिखाता है कि यह पोर्टल छोटे और नए उद्यमों के लिए एक भरोसेमंद अवसर बनता जा रहा है, इस पर हमारी SMEs गाइड भी पढ़ी जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: क्या GeM पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस लगती है?
बुनियादी रजिस्ट्रेशन मुफ्त है, हालांकि कुछ कैटेगरी में वेंडर असेसमेंट और कॉशन मनी जैसे शुल्क लागू हो सकते हैं।
सवाल: क्या व्यक्तिगत उद्यमी भी GeM पर बेच सकते हैं?
हां, वैध बिजनेस रजिस्ट्रेशन और GST नंबर होने पर व्यक्तिगत उद्यमी भी सेलर के तौर पर रजिस्टर हो सकते हैं।
सवाल: GeM और e-Tender में क्या फर्क है?
GeM छोटी और सीधी खरीद के लिए बना है, जबकि बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स के लिए औपचारिक e-Tender प्रक्रिया इस्तेमाल होती है।
सवाल: GeM से जुड़ी आधिकारिक जानकारी कहां मिल सकती है?
इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए Wikipedia का यह पेज एक भरोसेमंद अतिरिक्त स्रोत है।
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