FLEXIBLE ENERGY HARVESTING DEVICE: बेंगलुरु के सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा अभिनव उपकरण विकसित किया है, जो रोज़मर्रा की छोटी-छोटी हरकतोंजैसे दिल की धड़कन, सांस लेना, चलना या हल्का दबाव पड़ना से बिजली पैदा कर सकता है। यह उपकरण पॉलीमर नैनोकॉम्पोज़िट तकनीक पर आधारित है और इसे अत्यधिक लचीला, पहनने योग्य और ऊर्जा-कुशल बनाने के लिए विशेष नैनोमटीरियल का उपयोग किया गया है। शोधकर्ता टीम ने फूल जैसे संरचना वाले टंग्स्टन ट्राईऑक्साइड (WO₃) नैनोफ्लावर्स को PVDF पॉलिमर में मिलाकर एक नया पाइज़ोइलेक्ट्रिक कॉम्पोज़िट तैयार किया।

FLEXIBLE ENERGY HARVESTING DEVICE: वियरेबल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम, स्मार्ट कपड़ों और मेडिकल सेंसरों में बड़ी भूमिका निभा सकती है
‘नैनोफ्लावर’ संरचना और उच्च सतही चार्ज वाले इस मटीरियल ने PVDF पॉलिमर के साथ सबसे मजबूत इंटरैक्शन दिखाया, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ गई। वैज्ञानिकों ने अलग-अलग आकार और संरचनाओं वाले नैनोमटीरियल की तुलना की और पाया कि नैनोफ्लावर संरचना सबसे प्रभावी है। नए कॉम्पोज़िट की मदद से शोधकर्ताओं ने एक स्वयं–ऊर्जा–संचालित डिवाइस भी बनाया, जो बिना बैटरी के काम कर सकता है और हल्के दबाव पर भी विद्युत सिग्नल उत्पन्न करता है। यह तकनीक भविष्य में वियरेबल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम, स्मार्ट कपड़ों और मेडिकल सेंसरों में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

शोध के अनुसार, यह उपकरण शरीर की सूक्ष्म हरकतों से ऊर्जा प्राप्त कर सकता है और उसे इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल सकता है। इससे रियल-टाइम में मरीजों की निगरानी, हृदय गति, सांस, चलने जैसी गतिविधियाँ बिना किसी बाहरी पावर सोर्स के ट्रैक की जा सकेंगी। यह अध्ययन ACS Applied Electronic Materials में प्रकाशित हुआ है और इसे शोधकर्ताओं अंकुर वर्मा, प्रिता दत्ता, निलय अवस्थी, डॉ. अशुतोष के. सिंह और डॉ. सी.के. सुभाष की टीम ने पूरा किया।

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