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फाइबर इंटरनेट और सामान्य ब्रॉडबैंड में क्या अंतर है, जानिए कौन सा कनेक्शन है बेहतर?

Fiber Internet और सामान्य ब्रॉडबैंड, नया कनेक्शन लेते समय ये दो शब्द सबसे ज्यादा सुनने को मिलते हैं, और ज्यादातर लोग इन्हें दो अलग चीजें समझ लेते हैं। असल में फाइबर भी ब्रॉडबैंड का ही एक प्रकार है, बस यह पुराने तांबे के तार वाले कनेक्शन से कहीं ज्यादा तेज और भरोसेमंद है। घर या दफ्तर के लिए कौन सा कनेक्शन सही रहेगा, यह आसान भाषा में समझिए।

ब्रॉडबैंड का असली मतलब क्या है?

ब्रॉडबैंड का मतलब है ऐसा हाई स्पीड इंटरनेट जो हमेशा चालू रहता है। पहले के डायल अप कनेक्शन की तरह इसमें हर बार फोन लाइन से जुड़ना नहीं पड़ता। ब्रॉडबैंड कई तकनीकों से पहुंचाया जाता है: टेलीफोन की तांबे वाली लाइन पर DSL, केबल टीवी वाले तार पर केबल इंटरनेट, कांच के बारीक तारों पर फाइबर, मोबाइल टावर से वायरलेस और सैटेलाइट से इंटरनेट।

इसलिए जब लोग “फाइबर या ब्रॉडबैंड” पूछते हैं, तो उनका मतलब आमतौर पर फाइबर और पुराने तांबे के तार वाले कनेक्शन की तुलना से होता है।

Fiber Internet कैसे काम करता है?

इसमें डेटा बिजली के सिग्नल की जगह रोशनी के रूप में बाल से भी पतले कांच या प्लास्टिक के तारों से होकर गुजरता है। रोशनी बहुत तेज चलती है और रास्ते में कमजोर भी कम होती है। जब फाइबर केबल सीधे आपके घर तक आती है, तो इसे FTTH यानी फाइबर टू द होम कहते हैं। घर में एक छोटा डिवाइस, जिसे ONT कहते हैं, रोशनी के सिग्नल को इंटरनेट में बदलकर राउटर तक पहुंचाता है।

तांबे वाले ब्रॉडबैंड में क्या दिक्कत है?

पुराने DSL कनेक्शन में इंटरनेट टेलीफोन की तांबे वाली लाइन से आता है। एक्सचेंज से घर की दूरी जितनी ज्यादा होती है, स्पीड उतनी ही घटती जाती है। बारिश, नमी और पुराने तारों की वजह से ऐसे कनेक्शन में बार बार रुकावट आती है। साथ ही अपलोड स्पीड डाउनलोड के मुकाबले काफी कम होती है।

दोनों में मुख्य अंतर

स्पीड के मामले में Fiber Internet बहुत आगे है। जहां तांबे वाले कनेक्शन आमतौर पर कुछ दर्जन Mbps तक सीमित रहते हैं, वहीं फाइबर पर 100 Mbps से लेकर 1 Gbps या उससे ज्यादा के प्लान आसानी से मिल जाते हैं। Fiber Internet में अपलोड और डाउनलोड स्पीड अक्सर बराबर होती है, जो वीडियो कॉल, बड़ी फाइल भेजने, क्लाउड बैकअप और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए बहुत जरूरी है।

Fiber Internet में लेटेंसी यानी देरी भी कम होती है, इसलिए ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो मीटिंग ज्यादा स्मूद चलती हैं। मौसम और बिजली के हस्तक्षेप का असर भी इस पर कम पड़ता है। आज ज्यादातर शहरों में फाइबर प्लान की कीमत पुराने ब्रॉडबैंड के आसपास ही है, इसलिए नया कनेक्शन लेते समय तांबे वाला विकल्प चुनने की वजह कम बची है।

वायरलेस और एयर फाइबर कहां फिट होते हैं?

जहां तार बिछाना मुश्किल है, वहां कंपनियां 5G पर चलने वाला फिक्स्ड वायरलेस कनेक्शन देती हैं, जिसे बाजार में अक्सर “एयर फाइबर” कहा जाता है। नाम के बावजूद इसमें घर तक फाइबर केबल नहीं आती, बल्कि छत या खिड़की पर लगे डिवाइस से मोबाइल नेटवर्क के जरिए इंटरनेट मिलता है। यह जल्दी लग जाता है, लेकिन इसकी स्पीड और स्थिरता टावर की दूरी और नेटवर्क की भीड़ पर निर्भर करती है।

किसे कौन सा कनेक्शन लेना चाहिए?

अगर आपके इलाके में Fiber Internet उपलब्ध है, तो घर से काम करने वालों, स्टूडेंट्स, गेमर्स और 4K स्ट्रीमिंग करने वाले परिवारों के लिए यही सबसे अच्छा विकल्प है। फाइबर नहीं पहुंचा है, तो 5G वाला फिक्स्ड वायरलेस कनेक्शन अच्छा विकल्प है।

Fiber Internet
Fiber Internet

दूर दराज के इलाकों में जहां कुछ नहीं पहुंचता, वहां सैटेलाइट इंटरनेट पर विचार किया जा सकता है। ध्यान रखें, बिजली जाने पर घर का ONT और राउटर भी बंद हो जाते हैं, इसलिए Fiber Internet को चालू रखने के लिए छोटा इनवर्टर या UPS रखना फायदेमंद है।

कनेक्शन लेने से पहले ये जरूर देखें

प्लान की असली स्पीड, डेटा लिमिट (FUP), इंस्टॉलेशन चार्ज, राउटर की क्वालिटी और इलाके में कंपनी की सर्विस कैसी है, यह पड़ोसियों से जरूर पूछ लें। इंटरनेट से जुड़ी ये रिपोर्ट भी पढ़ें: DSL क्या है और Fiber से कितनी अलग है?, WiFi Bands क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं? और BharatNet Project क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या Fiber Internet और ब्रॉडबैंड अलग अलग चीजें हैं?

नहीं, फाइबर ब्रॉडबैंड का ही एक प्रकार है। फर्क तकनीक का है, फाइबर में कांच के तार और रोशनी से डेटा भेजा जाता है, जबकि पुराने ब्रॉडबैंड में तांबे के तार इस्तेमाल होते हैं।

2. क्या बारिश में Fiber Internet बंद होता है?

आमतौर पर नहीं, क्योंकि रोशनी वाले सिग्नल पर नमी और बिजली के हस्तक्षेप का असर बहुत कम होता है। हां, केबल कटने या बिजली जाने पर कनेक्शन रुक सकता है।

3. एयर फाइबर और असली फाइबर में क्या अंतर है?

एयर फाइबर वायरलेस 5G कनेक्शन है, जिसमें घर तक केबल नहीं आती। असली फाइबर में केबल सीधे घर तक पहुंचती है, इसलिए स्पीड ज्यादा स्थिर रहती है।

4. FTTH तकनीक के बारे में और जानकारी कहां मिलेगी?

फाइबर टू द होम और इससे जुड़ी तकनीकों की विस्तृत जानकारी Wikipedia पर पढ़ी जा सकती है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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