Tuesday, August 16, 2022
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2006 से बच्चों को पढ़ा रहा था फर्जी शिक्षक ; फर्जी डिग्री लगाकर पाई नौकरी, शिक्षा विभाग ने सेवा की समाप्त

पौड़ी ( दीप बिष्ट) : एसआईटी और शिक्षा विभाग की जांच में बीएड की डिग्री फर्जी पाये जाने के बाद देहरादून के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कामला में तैनात सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी गई है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल  ने ये आदेश जारी किया है। इससे पहले शिक्षक को बीते साल नवंबर महीने में सस्पेंड किया गया था।

अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल एमएस बिष्ट द्वारा जारी बर्खास्त आदेश के आदेश के अनुसार शिक्षक खिलेश लाल ने 2006 में रूद्रप्रयाग जिले के प्राइमरी स्कूल जखवाड़ी से बतौर सहायक अध्यापक अपनी सेवा शुरू की। इसके बाद मार्च 2008 में एलटी सवंर्ग में उसका नाम आया था। बताया कि किसी ने शिक्षक के फर्जी बीएड की डिग्री होने  की शिकायत की थी। शिकायत के बाद इस मामले में  शिक्षक खिलेश लाल के प्रमाण पत्रों की एसआईटी ने जांच शुरू की। एसआईटी ने  मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून से शिक्षक के सभी प्रमाण पत्र मांगे। एसआईटी ने शिक्षक की बीएड की डिग्री चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ होने के चलते उसे जांच के लिस इसी कालेज में भेजा। जांच के उपरांत शिक्षक की डिग्री का रोल नंबर विश्वविद्यालय के रिकार्ड में नहीं मिली। जिससे साफ हो गया कि शिक्षक की बीएड की डिग्री फर्जी है। जिस पर एसआईटी ने डिग्री फर्जी मिलने पर कार्रवाई के लिए महानिदेशक शिक्षा को पत्र लिखा। एडी माध्यमिक शिक्षा ने 25 जनवरी 2021 को इस प्रकरण की विभागीय जांच के निर्देश दिए । फरवरी 2021 में इस मामले में एलटी शिक्षक के विरुद्ध थाना कालसी में एफआईआर दर्ज करवाई गई। साथ ही विभाग ने शिक्षक को अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया।  लेकिन शिक्षक अपनी बीएड की डिग्री को लेकर कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। दोनों ही जांचों में बीएड डिग्री के फर्जी मिलने के बाद एडी गढ़वाल मंडल ने नवंबर 2021 को एलटी शिक्षक को निलंबित कर दिया। जिस पर एडी माध्यमिक ने अब एलटी शिक्षक खिलेश लाल की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। एडी ने बताया कि इस मामले में एलटी शिक्षक को पर्याप्त समय दिया गया था। बावजूद इसके वह वह अपनी बीएड की डिग्री को लेकर समुचित साक्ष्य नहीं दे पाए। जिस पर सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया गया।

 

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