डॉ. धन सिंह रावत – एक ऐसा नाम जो पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ी वादियों से निकलकर उत्तराखंड की कैबिनेट तक पहुंचा। RSS के स्वयंसेवक से BJP के कैबिनेट मंत्री तक का यह सफर सिर्फ एक राजनेता की कहानी नहीं, बल्कि हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी के बावजूद अपने सपने पूरे करना चाहता है।
Dr Dhan Singh Rawat Biography – Quick Facts
Here is the detailed biography of Dhan Singh Rawat in table format:-
| Full Name | Dr. Dhan Singh Rawat |
| Born | 7 October 1972 |
| Age (2025) | 52 years |
| Birthplace | Naugaon (Paithani), Pauri Garhwal, Uttarakhand |
| Wife | Usha Rawat (m. 25 June 1989) |
| Children | 2 Sons, 1 Daughter |
| Father | Late Umed Singh |
| Education | MA (History), PhD (Political Science) — HNBGU, Srinagar (2006) |
| Party | Bharatiya Janata Party (BJP) |
| Constituency | Srinagar, Pauri Garhwal |
| MLA Terms | 2017, 2022 |
| Current Role | Cabinet Minister, Govt. of Uttarakhand |
| Portfolios | Basic, Secondary, Sanskrit, Higher & Technical Education; Cooperatives |
| Net Worth | ₹2.67 crore (2022 affidavit) |
| Religion | Hindu |
| Nationality | Indian |
प्रारंभिक जीवन और परिवार – पहाड़ की गोद में पला-बढ़ा बचपन
डॉ. धन सिंह रावत का जन्म 7 अक्टूबर 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक छोटे से गांव नौगांव (पैठाणी) में हुआ था। यह इलाका पहाड़ी है, संसाधन सीमित हैं — लेकिन यहां के लोगों में जीवटता असाधारण होती है।
उनके पिता स्वर्गीय उमेद सिंह एक साधारण ग्रामीण परिवार से थे। एक दिलचस्प किस्सा है उनके नाम के पीछे – जिस दिन धन सिंह का जन्म हुआ, उसी दिन उनके पिता ने मनीऑर्डर से उनकी माता को 50 रुपये भेजे थे। घर में धन (पैसे) का आगमन जन्म के साथ हुआ, इसीलिए उनका नाम धन सिंह रखा गया।
💡 यह किस्सा बताता है कि डॉ. रावत की जड़ें कितनी साधारण और मिट्टी से जुड़ी हैं — यही उनकी राजनीतिक पहचान की असली नींव है।
शिक्षा – गांव के स्कूल से PhD तक

डॉ. धन सिंह रावत की प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्थानीय सरकारी स्कूल में हुई। पहाड़ की कठिन राहें, सीमित पुस्तकालय, और आर्थिक चुनौतियां – इन सबके बावजूद उन्होंने पढ़ाई से मुंह नहीं मोड़ा।
उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU), श्रीनगर से इतिहास में एम.ए. किया। इसके बाद राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट (PhD) हासिल की – जो 2006 में पूरी हुई। तभी से उनके नाम के आगे ‘डॉक्टर’ लगा।
यह उपलब्धि केवल डिग्री नहीं, बल्कि उस सोच का प्रमाण है जो शिक्षा को समाज परिवर्तन का हथियार मानती है। शायद इसीलिए वे आज उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री के रूप में सरकारी स्कूलों और उच्च शिक्षा को नई दिशा दे रहे हैं।
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RSS, ABVP और राजनीतिक यात्रा की शुरुआत

डॉ. रावत का राजनीतिक जीवन किसी परिवार की विरासत से नहीं, बल्कि विचारधारा की जमीन से उगा। 1989 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक बने।
छात्र जीवन में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सक्रिय भूमिका निभाई। HNBGU, श्रीनगर में वे छात्र राजनीति के महत्वपूर्ण चेहरा रहे।
RSS में प्रवेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने — यहीं से वैचारिक नींव पड़ी।
ABVP व आंदोलन
राम जन्मभूमि आंदोलन और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी। दो बार जेल गए।
BJP में प्रवेश
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में औपचारिक रूप से जुड़े।
पहला चुनाव — हार
श्रीनगर गढ़वाल सीट से पहली बार चुनाव लड़ा, थोड़े अंतर से हारे — लेकिन हिम्मत नहीं टूटी।
पहली जीत — राज्यमंत्री
पहली बार MLA बने। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में उच्च शिक्षा, सहकारिता, दुग्ध विकास मंत्री बने।
दोबारा MLA — कैबिनेट मंत्री
श्रीनगर से दोबारा विजयी। पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री — बेसिक, माध्यमिक, उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग।
श्रीनगर से दोबारा विजयी। पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री – बेसिक, माध्यमिक, उच्च व तकनीकी शिक्षा तथा सहकारिता विभाग।
BJP में संगठन कार्य – छत्तीसगढ़ से झारखंड तक
डॉ. धन सिंह रावत सिर्फ विधानसभा की राजनीति तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने BJP के संगठन मंत्री के रूप में देश के कई राज्यों में काम किया। छत्तीसगढ़ और झारखंड विधानसभा चुनावों में वे प्रभारी रहे। छत्तीसगढ़ में BJP की जीत में उनकी सांगठनिक भूमिका को पार्टी ने सराहा।
इसके अलावा वे उत्तराखंड BJP के राज्य उपाध्यक्ष और पार्टी सचिव भी रहे। पार्टी हाईकमान से उनके मजबूत संबंध इसी कड़ी मेहनत और विश्वसनीयता की देन हैं।
MLA से कैबिनेट मंत्री – उपलब्धियों का सफर
2017 में पहली बार MLA बनते ही उन्हें त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा मिला – यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि पहली बार विधायक बनने वाले को ऐसी जिम्मेदारी बहुत कम मिलती है।
वर्तमान में वे पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और इन विभागों का काम देख रहे हैं:
2021 में जब उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा हुई, तो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में डॉ. धन सिंह रावत का नाम सबसे आगे था। यह उनकी लोकप्रियता और संगठन में पकड़ का प्रमाण है।
प्रमुख उपलब्धियां – शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार

शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
डॉ. रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने प्राथमिक स्तर पर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को लागू करने की पहल की। 2025 में उत्तराखंड की उच्च शिक्षा में Gross Enrolment Ratio (GER) 50% तक पहुंच गई — यह देश में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है।
2025 के बोर्ड परीक्षा परिणाम भी उत्साहजनक रहे – कक्षा 10 में 90.77% और कक्षा 12 में 83.23% का पास प्रतिशत रहा, जो पिछले चार सालों में सबसे अच्छा था।
इसके अलावा उन्होंने क्लस्टर स्कूलों की स्थापना, डिजिटल शिक्षा का विस्तार और 7,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति जैसे काम किए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पहाड़ की मुश्किलें सुलझाईं
उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी एक पुरानी समस्या रही है। डॉ. रावत ने PG कोर्स पूरा करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को दूरस्थ स्वास्थ्य इकाइयों में तैनात करने की नीति बनाई।
‘निक्षय मित्र’ अभियान के तहत उन्होंने उत्तराखंड को टीबी मुक्त बनाने का अभियान चलाया। यह प्रधानमंत्री के “टीबी मुक्त भारत” मिशन का हिस्सा है।
पुरस्कार और सम्मान
नवंबर 2025 में राज्यपाल द्वारा सिल्वर एलिफेंट (Silver Elephant) अवार्ड प्रदान किया गया – यह स्काउटिंग और गाइडिंग के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है।
उन्हें उत्तराखंड शौर्य सम्मान से भी नवाजा गया – उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचारी प्रयोगों के लिए। वे यह सम्मान पाने वाले पहले राजनेता हैं।
डॉ. रावत उत्तराखंड कैबिनेट के उन चुनिंदा मंत्रियों में हैं जिन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के अंतरराष्ट्रीय मॉडलों को समझने के लिए सर्वाधिक विदेश यात्राएं की हैं।
FAQ – डॉ. धन सिंह रावत :-
डॉ. धन सिंह रावत कौन हैं?
डॉ. धन सिंह रावत उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता हैं। वे श्रीनगर गढ़वाल विधानसभा सीट से दो बार (2017, 2022) विधायक चुने गए हैं। वर्तमान में वे शिक्षा (बेसिक, माध्यमिक, संस्कृत, उच्च व तकनीकी) और सहकारिता विभाग संभाल रहे हैं।
धन सिंह रावत कहां के विधायक हैं?
डॉ. धन सिंह रावत पौड़ी गढ़वाल जिले की श्रीनगर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 2012 में पहली बार इसी सीट से चुनाव लड़े लेकिन हारे। 2017 और 2022 में जीत हासिल की।
डॉ. धन सिंह रावत की शिक्षा क्या है?
उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU), श्रीनगर से इतिहास में MA और राजनीति विज्ञान में PhD की उपाधि प्राप्त की। उनकी PhD 2006 में पूरी हुई।
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री कौन हैं 2025 में?
2025 में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हैं। वे बेसिक, माध्यमिक, संस्कृत, उच्च व तकनीकी शिक्षा सभी विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
क्या डॉ. धन सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बन सकते हैं?
2021 में जब उत्तराखंड BJP में नेतृत्व परिवर्तन हुआ, तो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में डॉ. रावत का नाम प्रमुखता से चर्चा में था। उनकी प्रशासनिक दक्षता, संगठन में पकड़ और जमीनी जुड़ाव उन्हें मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार बनाते हैं।
Silver Elephant Award क्या है और धन सिंह रावत को कब मिला?
Silver Elephant Award स्काउटिंग और गाइडिंग के क्षेत्र में भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। यह पुरस्कार नवंबर 2025 में उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा डॉ. धन सिंह रावत को प्रदान किया गया।
Sources & References
Last Updated: April 15, 2026


