DEHRADUN TRAFFIC: राज्य में आगामी त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से आज सचिव गृह शैलेश बगौली की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एवं यातायात निदेशालय और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव बगौली ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष यातायात प्रबंध किए जाएं, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

DEHRADUN TRAFFIC: अधिकारियों को यातायात संचालन की निगरानी के निर्देश
उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं मैदान में रहकर यातायात संचालन की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू व सुरक्षित बनी रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि देहरादून शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए IRB या PAC की एक कंपनी को तैनात किया जाएगा। साथ ही, होमगार्ड और पीआरडी कर्मियों की सेवाएं भी ली जाएंगी, ताकि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के बीच यातायात का सुचारू प्रवाह बनाए रखा जा सके। शहर के भीड़भाड़ वाले चौराहों और प्रमुख स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

इन स्थानों पर क्यू मैनेजमेंट, पार्किंग नियंत्रण और वाहन डायवर्जन जैसे उपाय लागू किए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति से बचा जा सके। सचिव बगौली ने निर्देश दिए कि देहरादून में लगे सभी ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे अब पुलिस विभाग के नियंत्रण में लाए जाएं। इससे ट्रैफिक मॉनिटरिंग को रियल टाइम निगरानी प्रणाली से जोड़ा जा सकेगा और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि यातायात निदेशालय विशेषज्ञों की सेवाएं लेकर एक प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करे। इसके लिए नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय आवश्यक है।

दीर्घकालिक ट्रैफिक सुधार योजना पर जोर
बैठक में सचिव ने यह भी कहा कि केवल त्योहारों तक सीमित नहीं, बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से भी यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यातायात निदेशालय को मानव संसाधन, तकनीकी उपकरणों और आधारभूत ढांचे के लिहाज से सुदृढ़ किया जाए, ताकि भविष्य में बेहतर ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ते वाहन दबाव और सीमित सड़क क्षमता के मद्देनज़र ट्रैफिक इंजीनियरिंग और स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम जैसी तकनीकों का उपयोग जरूरी है।

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