DEHRADUN SEX RACKET: देहरादून के कैंट थाना क्षेत्र में कुछ समय पहले निजी स्कूल परिसर के भीतर अनैतिक देह व्यापार का नेटवर्क संचालित किए जाने का खुलासा हुआ था। इस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, तीन महिलाओं को भी रेस्क्यू किया गया।
अब इस मामले में छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से रेट लिस्ट, हिसाब-किताब से जुड़ा रजिस्टर और कुछ संदिग्ध दवाइयां भी बरामद हुई हैं, जिसके बाद पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
DEHRADUN SEX RACKET: छापेमारी में मिला रेट लिस्ट वाला रजिस्टर
पुलिस और स्थानीय प्रतिनिधियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान एक ऐसा रजिस्टर बरामद हुआ, जिसमें कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियों से जुड़ा पूरा हिसाब-किताब दर्ज था। इसमें तीन महिलाओं के नामों के साथ आर्थिक लेनदेन का विवरण लिखा गया था।

HIV की दवाइयां बरामद
DEHRADUN SEX RACKET मामले में एक और संवेदनशील पहलू तब सामने आया जब किशन नगर वार्ड की पार्षद नंदिनी शर्मा ने दावा किया कि मौके से एचआईवी (HIV) एड्स के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाइयां भी बरामद हुई हैं।
पार्षद ने आशंका जताई कि नेटवर्क में शामिल किसी महिला को जबरन इस काम में धकेला गया हो सकता है। हालांकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बरामद दवाइयों को जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया है और रेस्क्यू की गई महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
12 दिनों का पूरा हिसाब मिला
पुलिस जांच में बरामद रजिस्टर में 1 मई से 12 मई तक का पूरा रिकॉर्ड दर्ज पाया गया। इसमें तारीखवार यह उल्लेख था कि किस दिन कितने ग्राहक आए, किस महिला के पास गए और उनसे कितनी रकम ली गई।
शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि प्रतिदिन औसतन पांच से छह ग्राहक इस ठिकाने पर पहुंचते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था और लंबे समय से सक्रिय था।
मोबाइल और सोशल मीडिया से चल रहा था नेटवर्क
DEHRADUN SEX RACKET को दो युवक संचालित कर रहे थे, जो मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे। आरोप है कि ग्राहकों को वाट्सएप समेत अन्य प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं और फोन पर ही पूरी डील तय कर ली जाती थी।
पुलिस के मुताबिक यदि कोई ग्राहक होटल बुलाता था तो आरोपी खुद कार से महिलाओं को वहां छोड़ने जाते थे। कई ग्राहकों को सीधे स्कूल परिसर के पीछे बने कमरों में बुलाया जाता था, जहां कथित तौर पर देह व्यापार के लिए अलग कमरा तय था।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनमें मौजूद चैट, कॉल डिटेल्स व संपर्कों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अपनी कार पर धार्मिक श्लोक लिख रखे थे ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।
स्कूल और कमरों का रास्ता था एक
DEHRADUN SEX RACKET मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस परिसर में यह कथित अवैध गतिविधियां चल रही थीं, उसके सामने एक निजी स्कूल संचालित हो रहा था और पीछे किराए के कमरे बने हुए थे।
स्कूल और कमरों में आने-जाने के लिए एक ही मुख्य गेट का इस्तेमाल किया जाता था। यानी जिस रास्ते से बच्चे स्कूल आते-जाते थे, उसी रास्ते से ग्राहक भी अंदर पहुंच रहे थे।
आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस इस मामले में राजस्थान निवासी आशीष कुमार पांडे और जंग बहादुर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, जिन तीन महिलाओं को रेस्क्यू किया गया है, उनमें एक मेरठ, दूसरी फरीदाबाद और तीसरी मेघालय की रहने वाली बताई गई है।

पुलिस ने मौके से मिले दस्तावेज, रजिस्टर और अन्य सबूत कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
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